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Damoh: आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारियों को सात महीने से नहीं मिला मानदेय, लोगों को हो रही कई तरह की परेशानियां

Thu, 20 Mar 2025 03:40 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Thu, 20 Mar 2025 03:40 PM IST
सार

आउटसोर्स कर्मचारियों को सात महीने से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। कोई मकान का किराया नहीं दे पाने से बेघर होने वाला है तो किसी के घर की बिजली कट गई। अधिकारी केवल हर महीने आश्वासन दे रहे हैं।

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Damoh Outsourced health workers have not received their honorarium for seven months
समस्याएं बताते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ दर्जनों आउटसोर्स कर्मचारियों को सात महीने से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई है। कोई मकान का किराया नहीं दे पाने से बेघर होने वाला है तो किसी के घर की बिजली कट गई। अधिकारियों से गुहार लगाने पर केवल हर महीने तारीख मिल रही है, लेकिन पैसे नहीं मिल रहे।

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यह सभी कर्मचारी दस हजार रुपये मासिक मानदेय पर पूरे समय ईमानदारी से स्वास्थ्य केन्द्र में अलग-अलग पदों पर सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन इनकी सेवाओं के बदले मानदेय नहीं मिल रहा। पैसों के बिना होली का त्योहार भी इन कर्मचारियों का सूना ही रहा। रंग पंचमी के दूसरे दिन गुरुवार को कर्मचारी आपस में अपनी-अपनी समस्याएं एक दूसरे को सुनाते दिखे, लेकिन अधिकारी इनकी समस्याओं की ओर ध्यान ही नहीं दे रहे हैं।
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ये आ गई घरों की नौबत
आउटसोर्स में सेवाएं देने वाले सभी कर्मचारियों का परिवार है। उनके छोटे-छोटे बच्चे हैं, जो त्योहारों में दूसरों के बच्चों को सामग्री खरीदी करते देख अपने परिजनों से भी उसे खरीदने की मांग करते हैं। लेकिन माता-पिता के पास इतने पैसे नहीं की वह बच्चों की ख्वाहिश पूरी कर सकें। पिछले सात महीने से मानदेय न मिलने से कई कर्मचारियों के घरों की बिजली कट गई और आज उनका पूरा परिवार अंधेरे में रहने मजबूर है। मिथलेश पटेल ने बताया, उनका बिजली बिल बकाया होने पर लाइट कट गई। राजेश साहू ने बताया वह किराए से रहते हैं। सात महीने से मकान मालिक को किराया नहीं दिया। इसलिए वह घर खाली करने का दबाव बनाने लगे हैं। क्योंकि अधिकांश कर्मचारी किराए के घरों में रहकर अपनी नौकरी कर रहे हैं।


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19 फरवरी को हुई थी मीटिंग
आउटसोर्स के कर्मचारियों ने बताया, हम लोग फरवरी महीने में अनिश्चिकालीन हड़ताल पर चले गए थे। अस्पताल की व्यवस्थाएं ठप हो गई थी। सीएमएचओ 19 फरवरी को हम लोगों की मीटिंग लेने आए थे। उन्होंने आश्वासन दिया था कि तीन या चार दिन में आप लोगों का मानदेय आपके खातों में आ जाएगा।



अधिकारी के आश्वासन के बाद हम लोगों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। लेकिन पूरा माह बीत गया आज तक मानदेय नहीं मिला। केवल तारीख मिल रही है। अब परिवारों की स्थिति भी काफी खराब हो गई है। कर्मचारियों की समस्याओं के बारे में सीएमएचओ डॉ. मुकेश जैन का कहना है, ठेकेदार से आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को लेकर बात की थी। दो, तीन दिन में मानदेय डालने की बात ठेकेदार द्वारा कही जा रही है।

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