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Corona Fourth Wave: ऑक्सीजन प्लांट बंद, कोरोना वैक्सीन वाहन बन गए मलेरिया रथ, फिर भी अधिकारियों की तैयारी पूरी
Fri, 22 Dec 2023 05:56 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Fri, 22 Dec 2023 05:56 PM IST
सार
कोरोना वैक्सीन वाहन को बना दिया मलेरिया रथ वाहन। अब एक बार फिर जब कोरोना की लहर वापस आ रही है। अधिकारियों को इन वाहनों को एंबुलेंस या वैक्सीन वाहन के लिए तैयार करके रखना चाहिए।
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अस्पताल में खड़ी एंबुलेंस और ऑक्सीजन प्लांट।
- फोटो : Amar Ujala Digital
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विस्तार
कोरोना की चौथी लहर की वापसी हो गई है और प्रदेश में इसके मरीज भी मिलने शुरू हो गए हैं। जिसके बाद शासन ने शासकीय अस्पताल को अलर्ट कर दिया है। हालांकि दमोह जिले में अभी मरीज सामने नहीं आया फिर भी जिला अस्पताल में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं, लेकिन कुछ लापरवाही भी सामने हैं।
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पिछली कोरोना की लहर में दो कोविड वैक्सीन वाहन जिला अस्पताल को मिले थे, लेकिन अधिकारियों ने बिना किसी अनुमति के एक वाहन को मलेरिया रथ बना दिया है तो दूसरा वाहन खड़ा है। वहीं, जिला अस्पताल में एक आक्सीजन प्लांट बंद है और दूसरा चालू होने की बात अधिकारी कह रहे हैं।
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कोविड वैक्सीन वाहन में मलेरिया की टीम करती है छिड़काव
कोरोना की दूसरी लहर के समय वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के अध्यक्ष राहुल सिंह ने दमोह जिले को दो सरकारी कोविड वैक्सीन वाहन उपलब्ध कराए थे, ताकि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लग सके। उस समय तो यह वाहन गांव-गांव पहुंचा और लोगों को वैक्सीन भी लगाई गई। उसके बाद जैसे ही कोरोना खत्म हुआ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने ये दोनों कोविड वैक्सीन वाहन पुराने सीएमएचओ कार्यालय में खड़े कर दिए। सरकारी वाहन को मलेरिया रथ बना दिया गया। अब इसमें बैठकर मलेरिया की टीम छिड़काव करने जाती है।
पहले से तैयार करना चाहिए वाहन
इतनी बड़ी एंबुलेंस का यदि उपयोग ही करना था तो वहां यह वाहन दिया जा सकता था, जहां शासकीय अस्पताल में एंबूलेंस नहीं है, लेकिन इतने बड़े वाहन को मलेरिया रथ में बदल दिया और उस पर नाम भी लिख दिया। वहीं दूसरा वाहन खड़ा है। बताया जाता है कि इससे कभी टीकाकरण करने जाया जाता है। अब एक बार फिर जब कोरोना की लहर वापस आ रही है। अधिकारियों को इन वाहनों को एंबुलेंस या वैक्सीन वाहन के लिए तैयार करके रखना चाहिए।
कलेक्टर बोले पता करवाते हैं
सीएमएचओ डॉ. रजनी बैक का कहना है कि जिस वैक्सीन वाहन को मलेरिया रथ वाहन बनाया गया है वह वर्ष में कुछ ही दिन चलता है। उन्हें बताया कि यह वाहन लगातार चल रहा है। इसका उपयोग किसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस के रूप में भी हो सकता है, क्योंकि सरकारी वाहन है। मरीज के उपयोग में आएगा, तब उन्होंने कहा वह इसे दिखवाते हैं। वहीं, इस संबंध में कलेक्टर मयंक अग्रवाल ने कहा कि वह पता करवाते हैं कि शासकीय वाहनों का क्या उपयोग हो रहा है।
एक ऑक्सीजन प्लांट बंद, दूसरा चालू
कोरोना की दूसरी लहर के समय ऑक्सीजन सिलेंडर की काफी कमी होने से मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ा था। इसके बाद शासन के निर्देश पर जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए थे, ताकि मरीजों के पलंग पर डायरेक्ट आक्सीजन पहुंच सके। हालांकि उसके बाद कोरोना खत्म हो गया और ऑक्सीजन प्लांट की उतनी जरूरत नहीं पड़ी। वर्तमान में यहां पीएसएम ऑक्सीजन प्लांट बंद है, जिसकी रिपेयिरिंग होनी है और दूसरा लिक्विड ऑक्सीजन प्लांट चालू है।
यह शुरू की गई तैयारी
कोरोना के लिए जिला अस्पताल में तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। आरएमओ डॉक्टर विशाल शुक्ला ने बताया कि एक ऑक्सीजन प्लांट चालू है। 250 छोटे-बड़े ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। 20 पलंग का आइसोलेशन वार्ड तैयार है और जरूरत पड़ने पर आईसीयू वार्ड भी तैयार रहेगा। उन्होंने बताया कि अभी जिले में कोरोना का कोई मरीज नहीं है, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। दो दिन पहले ही मॉकड्रिल भी किया गया है।
