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Damoh News: गलत वैक्सीन से नहीं, फेफड़ों में दूध फंसने से हुई थी डेढ़ माह के मासूम की मौत

Sun, 06 Oct 2024 01:43 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sun, 06 Oct 2024 01:43 PM IST
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Damoh One and a half month old baby died due to milk getting trapped in lungs, not due to wrong vaccination
जानकारी देते बीएमओ
दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक अंतर्गत आने वाले झलोंन गांव निवासी रमेश आदिवासी के डेढ़ माह के बेटे की मौत एक सप्ताह पहले हो गई थी। परिजनों ने गलत वैक्सीन लगाने से बेटे की मौत होने का आरोप लगाया था। जब पीएम रिपोर्ट आई तो उसमें खुलासा हुआ बच्चे के फेफड़े में मां द्वारा पिलाया गया दूध चला गया था जिससे उसकी मौत हुई थी। इसके बाद एएनएम ने भी राहत की सांस ली है।
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बता दें रमेश आदिवासी के डेढ़ माह के हर्ष को 27 सितंबर को एएनएम द्वारा स्वास्थ्य केंद्र में वैक्सीन लगाई गई थी। सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में बच्चे की मौत हो गई थी। परिजनों ने एएनएम पर गलत तरीके से वैक्सीन लगाने का आरोप लगाया था और एएनएम मंजू पटेल को ही दोषी ठहराया था। बच्चे का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी शॉर्ट पीएम रिपोर्ट आ गई है। रविवार को तेंदूखेड़ा बीएमओ डॉ. आरआर बागरी ने बताया कि बच्चे की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साफ हुआ है कि मौत का कारण वैक्सीन नहीं बल्कि मां द्वारा पिलाया हुआ दूध है, जो बच्चे के फेफड़ों में फंस गया और सांस न निकलने के कारण बच्चे की मौत हो गई थी।
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बीएमओ डॉक्टर बागरी ने बताया 27 सितंबर रात्रि दो बजे के करीब मां ने दूसरी बार बच्चे को दूध पिलाया था। उसके कुछ ही समय बाद बच्चे की मौत हो गई। क्योंकि उसके फेफड़ों मे दूध फ़ंस जाने के कारण श्वास नली बंद हो गई थी। परिवार के लोग समझे बच्चा सो गया है, लेकिन ज़ब उसे चार बजे के करीब उठाया तो वह नहीं उठा। उसके बाद परिजनों को पता चला कि बच्चे की मौत हो गई और उन्होंने वैक्सीन लगाने के बाद तबीयत बिगड़ने की बात कही थी।
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बीएमओ बागरी ने बताया कि वैक्सीन से बच्चे की मौत होना कारण नहीं है। क्योंकि वैक्सीन बच्चे को दोपहर में लगी थी और उसके साथ चार अन्य बच्चों को वैक्सीन का टीका लगा था। वैक्सीन से यदि कभी इनफेक्शन बनता है तो वैक्सीन लगाने के आधे घंटे के अंदर शुरू हो जाता है, लेकिन बच्चे का स्वास्थ्य रात्रि दो बजे के बाद बिगड़ा है। ज़ब उसकी मां ने उसको लिटाते समय दूध पिलाया है। वह उसके फेफड़ों में फ़ंस गया था उसके बाद बच्चे की श्वास नली बंद हुई और बच्चे की मौत हो गई।


बीएमओ ने की अपील
बीएमओ ने महिलाओं से अपील करते हुये कहा है कि हमेशा बच्चे को गोदी में लेकर दूध पिलाएं और उस समय बच्चे का सिर ऊपर रहे। मृत हुए बच्चे को जिस दिन वैक्सीन लगी उस रात मां ने दो बार दूध पिलाया है। पहली बार रात्रि दस बजे के करीब और दूसरी बार रात्रि दो बजे और दोनों बार बच्चे को पलंग पर लिटाकर दूध पिलाया गया। दूसरी बार पिलाया गया दूध उसके फेफड़ों में फंस गया। इसलिए माताओं से अपील है कि छोटे बच्चों को कभी भी लिटाकर कर दूध न पिलाएं। इसकी जानकारी एएनएम भी हमेशा देती है उसके बाद भी माताएं बच्चों को लिटाकर दूध पिलाती हैं। उसी के कारण झलोन के 45 दिन के बच्चे की मौत हुई है।
 
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