Damoh News: सुनार नदी में निकली मां काली की संगमरमर की प्रतिमा, ग्रामीणों ने शुरू किया पूजन
कांटी गांव में सुनार नदी के कटन घाट में देवी प्रतिमा मिली है। ग्रामीणों का मानना है कि यह प्रतिमा स्वयंभू गर्भ से प्रकट हुई है। सफेद संगमरमर पर उकेरी गई यह प्रतिमा आदिशक्ति मां दुर्गा के महाकाली रूप की है। प्रतिमा पर नरमुंड की माला है, और भगवान शिव महाकाली का क्रोध शांत करने के लिए उनके चरणों के नीचे लेटे हुए हैं।
विस्तार
दमोह जिले के हटा ब्लॉक के कांटी गांव में शुक्रवार को एक अद्भुत घटना सामने आई, जब सुनार नदी के कटन घाट पर देवी महाकाली की एक प्राचीन संगमरमर की प्रतिमा मिली। इस खबर के फैलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में घाट पर पहुंचकर प्रतिमा के दर्शन करने लगे।
कैसे मिली प्रतिमा?
शुक्रवार सुबह ग्रामीण नहाने के लिए सुनार नदी पहुंचे। पुराने पुल के पास बजरे में प्रतिमा का हिस्सा दिखाई दिया। इसकी जानकारी अन्य ग्रामीणों को दी गई, जिसके बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने खुदाई की तो संगमरमर से बनी भारी-भरकम देवी महाकाली की प्रतिमा निकली। प्रतिमा के नीचे भगवान शिव लेटी हुई मुद्रा में उकेरे गए हैं।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
ग्रामीणों का मानना है कि यह प्रतिमा स्वयंभू गर्भ से प्रकट हुई है। सफेद संगमरमर पर उकेरी गई यह प्रतिमा आदिशक्ति मां दुर्गा के महाकाली रूप की है। प्रतिमा पर नरमुंड की माला है, और भगवान शिव महाकाली का क्रोध शांत करने के लिए उनके चरणों के नीचे लेटे हुए हैं। ग्रामीणों ने प्रतिमा को गांव के मंदिर में स्थापित करने की इच्छा जताई है।
प्रशासन को दी गई सूचना
घटना की जानकारी प्रशासन को दी गई है। प्रशासन यह जांच करेगा कि प्रतिमा वास्तव में प्राचीन है या नहीं। इस क्षेत्र में पहले भी कई बार खुदाई के दौरान देवी-देवताओं की प्रतिमाएं मिलने की घटनाएं हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का बढ़ता उत्साह
प्रतिमा मिलने की खबर पूरे क्षेत्र में फैल गई, और इसे देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों का कहना है कि यह देवी का आशीर्वाद है और प्रतिमा की स्थापना से गांव में समृद्धि आएगी। फिलहाल प्रशासन ने इस मामले पर ध्यान देना शुरू कर दिया है।
