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Damoh: बांदकपुर में तालाब की खुदाई में मिली 11वीं-12वीं सदी की प्राचीन प्रतिमाएं, दर्शन को उमड़ी भीड़
Tue, 14 May 2024 08:40 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, दमोह
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 14 May 2024 08:40 AM IST
सार
बांदकपुर स्थित तालाब में खुदाई के दौरान प्राचीन कालीन दो मूर्तियां एवं तीन पत्थरों के अवशेष मिले। दोनों प्रतिमाएं 11वीं से 12वीं सदी के बीच की हैं। प्रतिमा में किरीट मुकुट, उरू माला का अंकन दिख रहा है। दोनों मूर्ति त्रिभंग अवस्था में हैं। इसलिए यह प्रतिमाएं वैष्णव संप्रदाय की मानी जा रही हैं।
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बांदकपुर में तालाब खुदाई में निकली प्राचीन प्रतिमाएं
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दमोह जिले के प्रसिद्ध तीर्थ क्षेत्र जागेश्वर धाम बांदकपुर में प्राचीन धुबाऊ तलैया में सोमवार को खुदाई के दौरान 11वीं और 12वीं सदी की प्राचीन मूर्तियां और कुछ अवशेष मिले हैं। जैसे ही यह खबर उड़ी आसपास के लोग यहां पहुंचे और पूजन शुरू कर दिया। इस बात की जानकारी प्रशासन के साथ पुरातत्व विभाग को दी गई है।
तालाब की खुदाई में मूर्तियां मिलने की खबर लगते ही नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, पटवारी परम विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे और मूर्तियों का पंचनामा बनाते हुए बांदकपुर मंदिर के परिसर में मंदिर ट्रस्ट के संरक्षण में दो मूर्तियां तीन पत्थरों के अवशेष सुरक्षित रखवा दिए हैं और पुरातत्व विभाग को इस पूरे मामले की जानकारी दी गई है।
बता दें बांदकपुर ग्राम पंचायत की प्राचीन धुबाऊ तलैया में रातों-रात मशीनों के द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा था। हैरानी की बात तो यह है इसकी भनक ना तो ग्राम पंचायत को थी और नही समीप की पुलिस चौकी में। पुलिस ने तालाब में हो रहे अवैध उत्खनन के इस मामले को संज्ञान में लिया। पूरा मामला तब सामने आया जब सोमवार सुबह तालाब से खुदाई के दौरान दुर्लभ मूर्तियां और कुछ अवशेष यहां डले थे। इसके बाद यहां पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पूजन शुरू हो गया। मूर्तियां निकलने की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और नायब तहसीलदार, पटवारी के द्वारा मौके पर पहुंचकर तालाब में खुदाई बंद करवाते हुए मूर्तियों को संरक्षित किया गया।
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प्रतिमाओं को रखवाया सुरक्षित
नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने बताया बांदकपुर स्थित तालाब में खुदाई के दौरान प्राचीन कालीन दो मूर्तियां एवं तीन पत्थरों के अवशेष मिले। इसका पंचनामा बनाकर बांदकपुर मंदिर परिसर में मंदिर ट्रस्ट के संरक्षण में सुरक्षित रखवा दिया गया और पुरातत्व विभाग को सूचना दी गई है। तालाब में अवैध उत्खनन को लेकर पटवारी को जांच प्रतिवेदन बनाने के लिए निर्देशित किया गया है।
बिना अनुमति के हो रही थी खुदाई
ग्राम पंचायत सचिव हरिशंकर पटेल का कहना है पंचायत द्वारा तालाब से खुदाई की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। बगैर अनुमति के अज्ञात लोग रातों-रात जेसीबी मशीन लगाकर तालाब की खुदाई कर रहे थे, खुदाई के दौरान यह प्रतिमा मिली है।
भगवान विष्णु की हैं प्रतिमाएं
रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय में पदस्थ परिचायक डॉ. सुरेंद्र चौरसिया ने बताया कि दोनों प्रतिमाएं 11वीं से 12वीं सदी के बीच की हैं। प्रतिमा में किरीट मुकुट, उरू माला का अंकन दिख रहा है। दोनों मूर्ति त्रिभंग अवस्था में हैं। इसलिए यह प्रतिमाएं वैष्णव संप्रदाय की मानी जा रही हैं। इन्हें विष्णु भगवान कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह करीब डेढ़ से दो फीट की हैं। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक राम कृपाल पाठक ने बताया कि कुछ ग्रामीणों को खुदाई के बीच दो प्रतिमाएं तालाब में रखीं हुई दिखाई दी थीं। बाद में ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास पहुंचे और मूर्तियों की पूजन प्रारंभ कर दी।
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तालाब की खुदाई में मूर्तियां मिलने की खबर लगते ही नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी, पटवारी परम विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे और मूर्तियों का पंचनामा बनाते हुए बांदकपुर मंदिर के परिसर में मंदिर ट्रस्ट के संरक्षण में दो मूर्तियां तीन पत्थरों के अवशेष सुरक्षित रखवा दिए हैं और पुरातत्व विभाग को इस पूरे मामले की जानकारी दी गई है।
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बता दें बांदकपुर ग्राम पंचायत की प्राचीन धुबाऊ तलैया में रातों-रात मशीनों के द्वारा अवैध उत्खनन किया जा रहा था। हैरानी की बात तो यह है इसकी भनक ना तो ग्राम पंचायत को थी और नही समीप की पुलिस चौकी में। पुलिस ने तालाब में हो रहे अवैध उत्खनन के इस मामले को संज्ञान में लिया। पूरा मामला तब सामने आया जब सोमवार सुबह तालाब से खुदाई के दौरान दुर्लभ मूर्तियां और कुछ अवशेष यहां डले थे। इसके बाद यहां पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और पूजन शुरू हो गया। मूर्तियां निकलने की खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया और नायब तहसीलदार, पटवारी के द्वारा मौके पर पहुंचकर तालाब में खुदाई बंद करवाते हुए मूर्तियों को संरक्षित किया गया।
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प्रतिमाओं को रखवाया सुरक्षित
नायब तहसीलदार रघुनंदन चतुर्वेदी ने बताया बांदकपुर स्थित तालाब में खुदाई के दौरान प्राचीन कालीन दो मूर्तियां एवं तीन पत्थरों के अवशेष मिले। इसका पंचनामा बनाकर बांदकपुर मंदिर परिसर में मंदिर ट्रस्ट के संरक्षण में सुरक्षित रखवा दिया गया और पुरातत्व विभाग को सूचना दी गई है। तालाब में अवैध उत्खनन को लेकर पटवारी को जांच प्रतिवेदन बनाने के लिए निर्देशित किया गया है।
बिना अनुमति के हो रही थी खुदाई
ग्राम पंचायत सचिव हरिशंकर पटेल का कहना है पंचायत द्वारा तालाब से खुदाई की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। बगैर अनुमति के अज्ञात लोग रातों-रात जेसीबी मशीन लगाकर तालाब की खुदाई कर रहे थे, खुदाई के दौरान यह प्रतिमा मिली है।
भगवान विष्णु की हैं प्रतिमाएं
रानी दमयंती पुरातत्व संग्रहालय में पदस्थ परिचायक डॉ. सुरेंद्र चौरसिया ने बताया कि दोनों प्रतिमाएं 11वीं से 12वीं सदी के बीच की हैं। प्रतिमा में किरीट मुकुट, उरू माला का अंकन दिख रहा है। दोनों मूर्ति त्रिभंग अवस्था में हैं। इसलिए यह प्रतिमाएं वैष्णव संप्रदाय की मानी जा रही हैं। इन्हें विष्णु भगवान कहा जाता है। उन्होंने बताया कि यह करीब डेढ़ से दो फीट की हैं। मंदिर ट्रस्ट के प्रबंधक राम कृपाल पाठक ने बताया कि कुछ ग्रामीणों को खुदाई के बीच दो प्रतिमाएं तालाब में रखीं हुई दिखाई दी थीं। बाद में ग्रामीणों ने इसकी जानकारी दी। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण तालाब के पास पहुंचे और मूर्तियों की पूजन प्रारंभ कर दी।
