फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Damoh News ›   Damoh Correspondence was going on for 37 years now government picked up 24 tons of mosquito repellent powder

Damoh News: बीते 37 साल से हो रहा था पत्राचार, अब जाकर शासन ने दमोह से उठवाया 24 टन मच्छर मार पाउडर

Sat, 25 May 2024 05:06 PM IST
दमोह ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: दमोह ब्यूरो Updated Sat, 25 May 2024 05:06 PM IST
सार

कर्मचारी राजेंद्र कटारया ने बताया कि उनके यहां करीब 24 टन मच्छर मार पाउडर रखा था।जिसके बाद पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड संस्थान ने मच्छर मार पाउडर को उठाया है।

विज्ञापन
Damoh Correspondence was going on for 37 years now government picked up 24 tons of mosquito repellent powder
पाउडर की बोरियां उठाते कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह के मलेरिया ऑफिस में पिछले 37 साल में एक्सपायरी डेट का बेंजीन हेक्साक्लोराइड मच्छर मार पाउडर रखा था, जिसे शासन के द्वारा शनिवार को उठवाया गया है। पिछले 37 साल से ही विभाग के द्वारा पत्राचार किया जा रहा था। लेकिन इसे नष्ट करने में ही लाखों रुपये का खर्च था। अब सरकार ने एक कंपनी को इसे उठाने का ठेका दे दिया है और पूरे प्रदेश के मलेरिया ऑफिस से यह कंपनी मच्छर मार पाउडर को उठाएगी।

विज्ञापन


मलेरिया ऑफिस के यूडीसी कर्मचारी राजेंद्र कटारया ने बताया कि 1987 से यह बेंजीन हेक्साक्लोराइड मच्छर मार पाउडर उनके पास रखा था। पहले ऑफिस स्टेशन चौराहे पर था, वहां इसे सहेजकर रखा गया। उसके बाद रामकुमार स्कूल के पास ऑफिस पहुंचा तो वहां भी इसकी हिफाजत की गई और अब पिछले कई साल से पुराने सीएमएचओ कार्यालय के समीप मलेरिया ऑफिस संचालित हो रहा है तो वहां भी बाहर परिसर में टीन शेड के अंदर 24 टन पाउडर को संभालकर रखा था। खतरनाक रसायन की श्रेणी में शामिल होने की वजह से इसका निष्पादन केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के मापदंडों के अनुसार ही हो सकता था।
विज्ञापन


साल 1996 में लगी थी रोक
इस पाउडर का उपयोग मच्छरों को मारने के लिए किया जाता था। लेकिन मच्छरों पर इसका असर कम होने लगा। उधर, अलग-अलग रिपोर्ट्स में इसे मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया गया। इसे देखते हुए भारत सरकार ने पूरे देश में 1996 से इसका उपयोग रोक दिया था। लेकिन दमोह के मलेरिया ऑफिस में यह 1987 से एक्सपायर होने के कारण रखा था। जिला मलेरिया अधिकारियों ने स्वास्थ्य संचालनालय से मार्गदर्शन मांगा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


484 बोरी था मच्छर मार पाउडर
मलेरिया ऑफिस के कर्मचारी राजेंद्र कटारया ने बताया कि उनके यहां 1987 से 484 बोरी करीब 24 टन मच्छर मार पाउडर रखा था। लगातार शासन को पत्र लिखा जा रहा था, जिसके बाद पीथमपुर इंडस्ट्रियल वेस्ट मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड संस्थान पीथमपुर जिला धार को इस मच्छर मार पाउडर को उठाने के लिए पूरे मप्र का मलेरिया विभाग का टेंडर मिला है। इसलिए टीम ने दमोह आकर इस पाउडर को उठाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed