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Damoh News: दमोह में दहशत फैलाने के बाद नौरादेही लौटी बाघिन कजरी, हर बार इलाका बदलने से वनकर्मी परेशान

Mon, 15 Apr 2024 10:57 AM IST
Damoh bureau दमोह ब्यूरो
Updated Mon, 15 Apr 2024 10:57 AM IST
सार

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही अभयारण्य में शिफ्ट की गई बाघिन कजरी ने वनकर्मियों को परेशान कर रखा है। कजरी हर दिन अपना इलाका बदल रही है। अब दमोह से वह फिर नौरादेही की ओर लौट रही है।  

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After spreading terror in Damoh, tigress Kajri left for Noradehi
जंगल में बैठी बाघिन कजरी

विस्तार

दमोह जिले में दहशत फैलाने के बाद बाघिन कजरी रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के नौरादेही अभयारण्य की ओर रवाना हो गई है। दमोह के तेजगढ़ में दो दिन रुकने के बाद अब वह वापस नौरादेही जा रही है। रविवार दोपहर को बाघिन की लोकेशन मिलने लगी और पता चला कि बाघिन फिर से झलोन वन परिक्षेत्र में लौटी है। उसकी लोकेशन गोरखा, मोहड के जंगलों मे मिली है।

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लोकेशन मिलने के बाद झलोन रेंज का अमला उस क्षेत्र की ओर पहुंचने लगा है जहां बाघिन की लोकेशन मिली है। टीम और हाथी अभी बाघिन से काफ़ी दूर है। उनके लिए वह स्थान बड़ा दुर्गम है, जिस मार्ग से बाघिन गोरखा के जगलों में पहुंच गई है। अब अनुमान ये भी लगाया जा रहा है कि कजरी घूम-फिरकर पुनः नौरादेही पहुंच रही है। बाघिन कजरी तीन दिन से तेजगढ़ वन परिक्षेत्र में अपना बसेरा बनाये हुए थी। अब कजरी वन अमले के लिए परेशानी बनती जा रही है। अमले का प्रयास यह है कि कजरी पुनः नौरादेही की सीमा में पहुंच जाए। पिछले तीन दिन से नौरादेही के अफसरों सहित दमोह जिले के डीएफओ और पूरा वन अमला तेजगढ़ वन परिक्षेत्र के जंगलों में डेरा डाले हुए है। बाघिन उनके हाथ नहीं आ रही है। कजरी को पकड़ने के लिए नोरादेही से दो हाथियों के साथ बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व की टीम भी तेजगढ़ पहुंची है। बाघिन की खोज कर रही है। कजरी हर दिन अपना ठिकाना बदल रही है।
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खाई में मिल रही लोकेशन
गुरुवार रात्रि में तेजगढ़ वन परिक्षेत्र के जंगलों में बाघिन ने प्रवेश किया था, उसके बाद वह अपने लगातार ठिकाने बदल रही है। शनिवार शाम तेजगढ़ के ग्रामीण और जंगली क्षेत्र में तेज बारिश होने के बाद वन अमले ने बाघिन की खोजबीन रोक दी थी। रविवार की सुबह से वन अमले ने लोकेशन लेने का प्रयास किया, लेकिन तेज बारिश के बाद बाघिन के गले में लगी कॉलर आईडी से लोकेशन न मिलने के बाद खोजबीन में लगी टीम भी परेशान रही। दोपहर तक बाघिन की जानकारी स्पष्ट नहीं हो पा रही थी।  वन अमले की माने तो बाघिन खाई में चल रही है जो बड़ा दुर्गम मार्ग है। वहां वाहनों का जाना संभव नहीं है। बाघिन तेज गति से अपने स्थान बदल रही है। दमोह डीएफओ एमएस उईके का कहना है की बाघिन की लोकेशन लगातार ली जा रही है। जिस दिशा में बाघिन जा रही है उससे यही अंदाजा लगाया जा रहा है कि वह नौरादेही लौटेगी। 

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