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Damoh: देवडोंगरा स्कूल परिसर में चपरासी ने लगाई फांसी, बेटे ने प्राचार्य पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया
Wed, 05 Jul 2023 12:29 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 05 Jul 2023 12:29 PM IST
सार
देवडोंगरा हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में स्कूल में ही चपरासी की नौकरी करने वाले ने शरद सेन नाम के शख्स ने मंगलवार रात फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं उसके बेटे ने प्राचार्य पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
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शरद सेन, भृत्य
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह जिले के पटेरा थाना क्षेत्र के ग्राम देवडोंगरा हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ भृत्य शरद सेन ने मंगलवार रात स्कूल परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। स्कूल परिसर में वाहन पार्किंग स्थल पर टीनशेड के नीचे रस्सी से उसका शव फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलने पर परिजन और पुलिस मौके पर पहुंची। सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। मृतक की जेब की तलाशी में कागज के तीन टुकड़े मिले हैं, जिन्हे पुलिस ने जब्त कर लिया है। मृतक के बेटे द्वारा स्कूल की प्रभारी प्राचार्य पर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं।
मृतक के बेटे मनोज सेन ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पिता हार्ट के मरीज थे, उनका ऑपरेशन भी हुआ था, जिससे वे ज्यादा मेहनत का काम नहीं कर पाते थे। डॉक्टर ने भी उन्हें मेहनत का काम करने से मना किया था। पिता पिछले 12 सालों से स्कूल में भृत्य के पद पर थे, कुछ दिन से काम ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इसलिए उनके साथ मेरी मां और बड़े पिता स्कूल जाते थे और पिता की जगह मेहनत का काम करते थे, तीन दिन पहले वे स्कूल नहीं गए थे, तो उन्हें प्रभारी प्राचार्य सपना पाठक ने फोन करके स्कूल बुलाया था। पिता स्कूल गए थे, वहां से आने के बाद उन्होंने मां को बताया था कि मेडम बोल रही हैं काम बंद कर दो, इसके पहले भी उन्होंने बोला था कि तुम्हें काम से निकाल देंगे, जिससे पिता काफी परेशान रहते थे और बोलते थे कि मैं फांसी लगा लूंगा और रात में उन्होंने अपनी जान दे दी। मनोज ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उसने कहा कि पिता के पेंट के जेब से कागज के तीन टुकड़े मिले हैं जिन पर क्या लिखा है दिखाने के लिए पुलिस को कहा तो पुलिस ने नहीं दिखाया। पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
वहीं, पटेरा थाना प्रभारी सरदार सिंह का कहना है कि भृत्य ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, वह हार्ट का मरीज था, उसका ऑपरेशन भी हुआ था। सुसाइड नोट मिला है उसमें क्या लिखा है यह विवेचक ही बता पाएंगे, मर्ग की जांच की जा रही है। प्रभारी प्राचार्य सपना पाठक का कहना है कि उन पर लगे आरोप गलत हैं।
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मृतक के बेटे मनोज सेन ने आरोप लगाते हुए बताया कि उनके पिता हार्ट के मरीज थे, उनका ऑपरेशन भी हुआ था, जिससे वे ज्यादा मेहनत का काम नहीं कर पाते थे। डॉक्टर ने भी उन्हें मेहनत का काम करने से मना किया था। पिता पिछले 12 सालों से स्कूल में भृत्य के पद पर थे, कुछ दिन से काम ठीक से नहीं कर पा रहे थे। इसलिए उनके साथ मेरी मां और बड़े पिता स्कूल जाते थे और पिता की जगह मेहनत का काम करते थे, तीन दिन पहले वे स्कूल नहीं गए थे, तो उन्हें प्रभारी प्राचार्य सपना पाठक ने फोन करके स्कूल बुलाया था। पिता स्कूल गए थे, वहां से आने के बाद उन्होंने मां को बताया था कि मेडम बोल रही हैं काम बंद कर दो, इसके पहले भी उन्होंने बोला था कि तुम्हें काम से निकाल देंगे, जिससे पिता काफी परेशान रहते थे और बोलते थे कि मैं फांसी लगा लूंगा और रात में उन्होंने अपनी जान दे दी। मनोज ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं। उसने कहा कि पिता के पेंट के जेब से कागज के तीन टुकड़े मिले हैं जिन पर क्या लिखा है दिखाने के लिए पुलिस को कहा तो पुलिस ने नहीं दिखाया। पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
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वहीं, पटेरा थाना प्रभारी सरदार सिंह का कहना है कि भृत्य ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है, वह हार्ट का मरीज था, उसका ऑपरेशन भी हुआ था। सुसाइड नोट मिला है उसमें क्या लिखा है यह विवेचक ही बता पाएंगे, मर्ग की जांच की जा रही है। प्रभारी प्राचार्य सपना पाठक का कहना है कि उन पर लगे आरोप गलत हैं।
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