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साइबर क्राइम: दिल्ली के नेशनल फूड कॉर्पोरेशन के इंजीनियर ने 280 लोगों से ठगे 25 लाख रुपये, भोपाल पुलिस ने किया गिरफ्तार

Thu, 27 Jan 2022 07:41 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Thu, 27 Jan 2022 07:41 PM IST
सार

रिलायंस फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के तीन सदस्यों को भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने पकड़ा है। गिरोह का मास्टरमाइंड नेशनल फूड कॉर्पोरेशन का जूनियर इंजीनियर है। इन लोगों ने चार महीने में 280 लोगों से 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। 
 

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Cybercrime: Engineer of National Food Corporation, Delhi, duped 280 people of Rs 25 lakh, Bhopal Police arrested

विस्तार

मध्य प्रदेश की भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने ठगी के एक अंतरराज्यीय गिरोह को पकड़ा है। इसका मास्टरमाइंड दिल्ली में नेशनल फूड कॉर्पोरेशन का जूनियर इंजीनियर है। इसने दो साथियों के साथ मिलकर रिलायंस फाइनेंस लिमिटेड से लोन दिलाने के नाम पर 280 लोगों के साथ 25 लाख रुपये की ठगी की है। साइबर क्राइम ब्रांच ने दिल्ली से तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। 
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गिरोह का मास्टरमाइंड 29 वर्षीय प्रशांत कुमार पाटिल है, जो दिल्ली में नेशनल फूड कॉर्पोरेशन में जूनियर इंजीनियर है। प्रशांत ने बीटेक किया है। उसने चार महीने में दो साथियों के साथ मिलकर दिल्ली के पीतमपुरा में एक रूम किराये से लेकर कॉल सेंटर का संचालन किया। बेरोजगार युवाओ को लोन दिलाने के नाम पर लोगों को अपना शिकार बनाते थे। भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच को शिब्बू थाना पिता हमनाथ थापा उम्र 29 साल रोहित नगर ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी। पीड़ित ने बताया कि उसे रिलायंस फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड से लोन दिलाने का लालच देकर विभिन्न चार्ज (रजिस्ट्रेशन फीस, प्रोसेसिंग फीस, अन्य चार्जेस) के नाम से 58787/- रुपये वसूले गए। आवेदन की जांच के बाद भोपाल पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की।  
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भोपाल पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच शाखा की टीम टेक्निकल एनालिसिस कर सबसे पहले मुख्य आरोपी प्रशांत तक पहुंची। प्रशांत से पूछताछ के आधार पर उसके दो अन्य साथियों योगेश पाल और गौरव शर्मा को पकड़ा है। इनके पास से पुलिस को 10 सिम कार्ड, मोबाइल फोन, 10 से 12 एटीएम कार्ड, लैपटॉप, राउटर और फर्जी खातों की जानकारी मिली है। प्रशांत कुमार पाटिल अपने मोहल्ले के ही योगेश और गौरव के साथ यह गिरोह चला रहा था। पूछताछ में पता चला कि  उन्होंने मध्य प्रदेश के साथ-साथ देश के अन्य राज्यों में भी युवा बेरोजगारों को अपना शिकार बनाया है। 
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ऐसे करते थे ठगी
आरोपी दिल्ली मे पीतमपुरा में काल सेंटर का संचालन करते थे। जरूरतमंदों से सम्पर्क करते और रिलायंस प्राइवेट लिमिटेड से लोन दिलाने के नाम पर अलग-अलग चार्ज बताकर पैसे वसूलते थे। आरोपी लोन के जरूरतमंदों का डेटा जस्ट डायल से हासिल करते थे। इन नंबरों पर फर्जी सिम से कॉल लगाते थे। रिलायंस फाइनेंस प्राईवेट लिमिटेड से लोन दिलाने के नाम पर रजिस्ट्रेशन, प्रोसेसिंग फीस और अन्य चार्ज के तौर पर बैंक खातों मे रुपये डलवाते थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार अब तक इस गिरोह ने 280 लोगों से 25 लाख रुपये कमाए हैं।  
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