सिपाहियों के व्हाट्सएप ग्रुप ने ठगों से बचाए 2 करोड़ रुपये, ऐसे हुआ था शुरू
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मध्यप्रदेश पुलिस के साइबर सेल में कार्यरत दो कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र यादव और रमन त्रिपाठी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप की शुरुआत की थी। इस ग्रुप का नाम 'मानवता बतौर' है। लोगों को साइबर क्राइम जैसे अपराधों से बचाने के लिए शुरु हुए इस ग्रुप में 53 ई-वॉलेट कंपनियों के अधिकारी और 29 राज्यों के आईटी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। करीब 15 महीने पहले शुरू हुए इस ग्रुप ने पूरे देश में लोगों से ओटीपी पूछकर खाते से ई-वॉलेट में पैसा ट्रांसफर करने वाले ठगों से 2 करोड़ रुपए बचाए।
अपराधी ऐसे चुराते हैं अकाउंट से पैसे
लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले अपराधी उनके ओटीपी चुराकर उनके अकाउंट के पैसे ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते हैं। इनमें इतनी भी क्षमता है कि ये इन कंपनियों वे वॉलेट को सीज कर सकें। लेकिन अगर पीड़ित वक्त रहते इस बात की शिकायत साइबर सेल में कर दें उन्हें उनके पैसे वापस मिल सकते हैं।
केवल ग्वालियर में दो पुलिस वालों ने 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी रोकी है। 15 महीनों में ग्वालियर में इस धोखाधड़ी का शिकार 685 लोग हो चुके हैं। इसका कारण भी उनका ओटीपी चोरी होना था। लेकिन इस ग्रुप की सहायता से 390 लोगों को उनके पैसे वापस मिल गए।
अब इन दोनों कॉन्स्टेबल ने एक टेलीग्राम ग्रुप भी शुरू किया है। इसमें करीब 434 मेंबर हैं। इसमें भी ई-वालेट कंपनी के अधिकारी और विभीन्न राज्यों के साइबर विशेेषज्ञ शामिल हैं। वहीं व्हाट्सएप ग्रुप में कुल 265 मेंबर हैं।
ऐसे बचता है लोगों का पैसा
साइबर अपराधी लोगों के एटीएम पिन और ओटीपी चुराकर उनके अकाउंट से सारे पैसे ई-वालेट में ट्रांसफर कर लेते हैं। इस प्रक्रिया में लगभग 24 घंटे का समय लगता है। यानि जो पैसे ट्रांसफर किए गए हैं वह 24 घंटों बाद ही फ्रॉड के पास पहुंच पाते हैं।
ऐसे में अगर पीड़ित 24 घंटे के भीतर ही इसकी शिकायत दर्ज करा दें तो फिर इसकी जानकारी इस ग्रुप को दी जाती है। जिसके बाद संबंधित ई-वालेट कंपनी का अधिकारी उस कंपनी के वालेट को सीज कर देता है। इसके बाद पीड़ित के पैसे 7-21 दिनों के अंतराल में उनके अकाउंट में वापस आ जाते हैं।
जरूरी है वक्त रहते शिकायत दर्ज करवाना
साइबर सेल के एसपी सुधीर अग्रवाल के मुताबिक 'पहले लोग शिकायत करने नहीं आते थे लेकिन अब राज्य में अधिकतर लोग अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करने लगे हैं। किसी के भी साथ साइबर अपराध हो तो उन्हें जल्द से जल्द इस बात की शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।'