फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   two Gwalior constables started Whatsapp group who can able to save 2 crore rupees amount from frauds

सिपाहियों के व्हाट्सएप ग्रुप ने ठगों से बचाए 2 करोड़ रुपये, ऐसे हुआ था शुरू

Tue, 12 Jun 2018 02:33 PM IST
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Updated Tue, 12 Jun 2018 02:33 PM IST
विज्ञापन
two Gwalior constables started Whatsapp group who can able to save 2 crore rupees amount from frauds

मध्यप्रदेश पुलिस के साइबर सेल में कार्यरत दो कॉन्स्टेबल पुष्पेंद्र यादव और रमन त्रिपाठी ने एक व्हाट्सएप ग्रुप की शुरुआत की थी। इस ग्रुप का नाम 'मानवता बतौर' है। लोगों को साइबर क्राइम जैसे अपराधों से बचाने के लिए शुरु हुए इस ग्रुप में 53 ई-वॉलेट कंपनियों के अधिकारी और 29 राज्यों के आईटी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। करीब 15 महीने पहले शुरू हुए इस ग्रुप ने पूरे देश में लोगों से ओटीपी पूछकर खाते से ई-वॉलेट में पैसा ट्रांसफर करने वाले ठगों से 2 करोड़ रुपए बचाए।

विज्ञापन


अपराधी ऐसे चुराते हैं अकाउंट से पैसे

लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले अपराधी उनके ओटीपी चुराकर उनके अकाउंट के पैसे ई-वॉलेट में ट्रांसफर कर लेते हैं। इनमें इतनी भी क्षमता है कि ये इन कंपनियों वे वॉलेट को सीज कर सकें। लेकिन अगर पीड़ित वक्त रहते इस बात की शिकायत साइबर सेल में कर दें उन्हें उनके पैसे वापस मिल सकते हैं।
विज्ञापन


केवल ग्वालियर में दो पुलिस वालों ने 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी रोकी है। 15 महीनों में ग्वालियर में इस धोखाधड़ी का शिकार 685 लोग हो चुके हैं। इसका कारण भी उनका ओटीपी चोरी होना था। लेकिन इस ग्रुप की सहायता से 390 लोगों को उनके पैसे वापस मिल गए।    
विज्ञापन
विज्ञापन


अब इन दोनों कॉन्स्टेबल ने एक टेलीग्राम ग्रुप भी शुरू किया है। इसमें करीब 434 मेंबर हैं। इसमें भी ई-वालेट कंपनी के अधिकारी और विभीन्न राज्यों के साइबर विशेेषज्ञ शामिल हैं। वहीं व्हाट्सएप ग्रुप में कुल 265 मेंबर हैं। 

ऐसे बचता है लोगों का पैसा

two Gwalior constables started Whatsapp group who can able to save 2 crore rupees amount from frauds

साइबर अपराधी लोगों के एटीएम पिन और ओटीपी चुराकर उनके अकाउंट से सारे पैसे ई-वालेट में ट्रांसफर कर लेते हैं। इस प्रक्रिया में लगभग 24 घंटे का समय लगता है। यानि जो पैसे ट्रांसफर किए गए हैं वह 24 घंटों बाद ही फ्रॉड के पास पहुंच पाते हैं।

ऐसे में अगर पीड़ित 24 घंटे के भीतर ही इसकी शिकायत दर्ज करा दें तो फिर इसकी जानकारी इस ग्रुप को दी जाती है। जिसके बाद संबंधित ई-वालेट कंपनी का अधिकारी उस कंपनी के वालेट को सीज कर देता है। इसके बाद पीड़ित के पैसे 7-21 दिनों के अंतराल में उनके अकाउंट में वापस आ जाते हैं। 

जरूरी है वक्त रहते शिकायत दर्ज करवाना

साइबर सेल के एसपी सुधीर अग्रवाल के मुताबिक 'पहले लोग शिकायत करने नहीं आते थे लेकिन अब राज्य में अधिकतर लोग अपने साथ हुई धोखाधड़ी की शिकायत करने लगे हैं। किसी के भी साथ साइबर अपराध हो तो उन्हें जल्द से जल्द इस बात की शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।' 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed