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Sehore: चचेरे भाई ने जमीन विवाद पर कर दी थी हत्या, कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
Sat, 30 Dec 2023 08:20 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Sat, 30 Dec 2023 08:20 PM IST
सार
Sehore: जिले में चचेरे भाईयों ने जमीन विवाद पर अपने ही भाई की चाकू मारकर हत्या कर दी थी। तृतीय अपर सत्र न्याायाधीश अभिलाष जैन ने जमीनी विवाद में हत्या करने वाले आरोपीगण को आजीवन कारावास से दण्डित किया गया।
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आजीवन कारावास की सजा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
कोर्ट ने मामले के आरोपी सुमित राय पिता प्रताप सिंह (36) निवासी तिलक पार्क के पास कस्बा सीहोर को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपए का अर्थदंड तथा मनोज राय पिता प्रताप सिंह (38) निवासी तिलक पार्क के पास कस्बा सीहोर को धारा 325 भादवि सहपठित धारा 34 में 03 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपए का अर्थदण्ड एवं धारा 323 सहपठित धारा 34 में 01 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500/ रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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ये था मामला
जिला अभियोजन अधिकारी अनिल बादल ने बताया कि घटना का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि 10 अक्टूबर 2020 को मण्डी थाना क्षेत्र के अंतर्गत फरियादी सीताराम राय द्वारा अपने भतीजों मनोज राय, सुमित राय, हीरालाल राय के विरूद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट लेखबद्ध कराई गई कि शाम 6 बजे वह अपने बेटे दामोदर, भाई कन्हैयालाल राय, भतीजे गणेश आदि के साथ ओटला वाली खेत पेपर मिल के पास सोयाबीन की फसल हार्वेस्टर से कटाई करा रहे थे।
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पास ही बड़े भाई प्रताप राय की भी जमीन खेत है, जिनसे इसी जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था, तभी भाई प्रताप राय के लड़के मनोज राय, सुमित राय तथा हीरा राय आये और गंदी-गंदी गालियां देते हुए कहने लगे के कि हमारे खेत की फसल कैसे काट रहे हो तुम लोग ऐसे नहीं मानोगे, आज तुम्हारा खेल खत्म कर देते है और जान से मारने की नियत से हमला कर दिया।
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मनोज राय, हीरा राय ने लाठी से मारा जिससे मुझे बांये कंधे पर बांये घुटने और सीधे हाथ पर चोट लगी है। सुमित राय ने छूरी से मेरे लड़के दामोदर राय पर हमला किया, जिससे हम दोनों नीचे गिर गये। छूरी दामोदर राय को पेट में लगी है तभी मेरे परिवार के कन्हैयालाल, गणेश राय, यशवंत राय, जितेन्द्र राय हरिशंकर राय भी झगड़े की जानकारी मिलते ही मौके पर आये, उनके साथ भी इन तीनों लोगों ने मारपीट कर चोट पहुंचाई है। इस पूरी घटना के परिवार के लोग बेटे दामोदर राय को लेकर अस्पताल गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने किया मामला दर्ज
जिसके बाद फरियादी की उक्त रिपोर्ट पर से पुलिस थाना मण्डी में आरोपीगण के विरूद्ध अपराध क्र. 261/2020 धारा 302, 294, 307, 323, 506, 34 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पुलिस थाना मण्डी द्वारा आरोपीगण के विरूद्ध अभियेाग पत्र प्रस्तुत किया गया। अभियोजन द्वारा अपने पक्ष में 16 साक्षी परीक्षित कराए गए, जिनमें घटना के समय फसल काट रहा हार्वेस्टर का चालक भी सम्मिलित है।
आरोपीगण द्वारा अपने समर्थन में अपने खेत के चौकीदार की गवाही कराई गई और यह तर्क दिया कि वास्तव में हमला फरियादी पक्ष द्वारा किया गया था और फरियादी पक्ष के किसी व्यक्ति द्वारा आरोपी सुमित पर हमला किया गया और सुमित के हट जाने वह चाकू मृतक दामोदर को लग गया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई।
फरियादी पक्ष की संख्या ज्यादा थी
अभियुक्त पक्ष द्वारा यह भी तर्क रखा गया कि फरियादी पक्ष की संख्या ज्यादा थी और आरोपी केवल दो थे। अभियोजन द्वारा आरोपीगण के उपरोक्त तर्कों का सर्वोच्च न्यायालय के न्याय की दृष्टि को प्रस्तुत करते हुए उनका खंडन कराया गया और मृतक एवं फरियादी की चोटों को ज्यादा गंभीर होना प्रमाणित किया गया। घटना को स्वतंत्र साक्षियों के मध्यकम से प्रमाणित कराया गया, जिससे सहमत होकर न्यायालय द्वारा आरोपीगण को दोषी ठहराया गया।
