{"_id":"61aa5df098c2b5256e270186","slug":"court-sentences-ten-years-of-jail-to-ten-people-accused-of-firing-and-attacking-people-in-vehicle-in-jabalpur-madhya-pradesh","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्य प्रदेश: चरगवां के सुनवारा में बका व गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के मामले में 10 लोगों को 10-10 साल की सजा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्य प्रदेश: चरगवां के सुनवारा में बका व गोली चलाकर जानलेवा हमला करने के मामले में 10 लोगों को 10-10 साल की सजा
Fri, 03 Dec 2021 11:43 PM IST
सुभाष कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: सुभाष कुमार
Updated Fri, 03 Dec 2021 11:43 PM IST
सार
सभी घायलों को उपचार के लिये जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धारा 307 सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था।
विज्ञापन
अदालत ने आरोपियों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
- फोटो : Social Media
विस्तार
चरगवां थाना क्षेत्रातंर्गत सुनवारा में पुरानी रंजिश को लेकर बुलेरो सवार लोगों पर बंदूक से गाली चलाते हुए बका व लाठी से डंडो से जानलेवा हमला करने वाले 10 आरोपियों को जिला अदालत ने दोषी करार दिया है। एडीजे उमाशंकर अग्रवाल की अदालत ने उक्त सभी आरोपियों को धारा 307 में 10-10 साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने अन्य धाराओं सहित आरोपियों पर 22-22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
विज्ञापन
अदालत को अभियोजन पक्ष की ओर से बताया गया कि 9 मार्च 2012 को फरियादी चरण पटेल पिता अन्नी पटेल, गोविंद सिंह पटेल, ओमकार पटेल, राजबहादुर पटेल बोलेरो गाड़ी से चरगवां से वापस घर लौट रहे थे। जैसे ही वह सुनवारा पहुंचे तो वीरन पटेल ने अपने घर के सामने हाथ देकर गाड़ी रोक ली। जिसके बाद वीरन पटेल, दयाल व अन्य ने कट्टें व बंदूक से दनादन फायरिंग कर दी व उनके साथियों ने बका व लाठी डंडो से हमला कर दिया। एक गोली चरण के सीने में जा धंसी।
विज्ञापन
सभी घायलों को उपचार के लिये जबलपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शिकायत पर चरगवां पुलिस ने जांच उपरांत वीरन पिता गुलाब सिंह, गजेन्द्र ङ्क्षसह, संदीप सिंह, दयाल, प्रभात, महेन्द्र, पप्पू, गुलाब, रमेश व यश के खिलाफ धारा 307 सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। सुनवाई दौरान पेश किये गये गवाह व साक्ष्यों को मद्देनजर रखते हुए अदालत ने आरोपियों को उक्त सजा से दंडित किया। मामले में शासन की ओर से एजीपी प्रमोद पांडे ने पक्ष रखा।
विज्ञापन
