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भोपाल में बिना नाम-पता बताए मेडिकल स्टोर से नहीं मिलेगी सर्दी, जुकाम और बुखार की दवा
Wed, 06 May 2020 11:19 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 06 May 2020 11:19 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश के भोपाल में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों की वजह से शहर को रेड जोन घोषित किया गया है। शहर के मेडिकल स्टोर से सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की दवा लेने वालों पर प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है। मेडिकल स्टोर संचालक दवाई लेने वाले लोगों के नाम और पते लिख रखे हैं।
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जहांगीराबाद, ऐशबाग, तलैया, टीला जमालपुरा, कोतवाली और अशोका गार्डन समेत अन्य क्षेत्रों में स्थित मेडिकल स्टोर संचालक औषध निरीक्षकों (ड्रग इंस्पेक्टर) के निर्देश के बाद सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की दवा लेने वाले लोगों के नाम और पते लिख रहे हैं।
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ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि लोग दवा लेकर इन बीमारियों को दबाएं नहीं। क्योंकि, संभव है कि आगे चलकर यह बीमारियां कोरोना में बदल जाएं। पिछले कुछ दिनों में प्रशासन ने ऐसे करीब 125 लोगों का कोरोना टेस्ट कराया है जिन्होंने मेडिकल स्टोर से इन बीमारियों की दवा खरीदी थी।
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कंटेनमेंट जोन प्रभारी पंकज कुमावत के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में होने के बाद भी बहुत से ऐसे लोग हैं जो कोविड-19 टेस्ट के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। इसलिए प्रशासन के निर्देश के बाद औषध निरीक्षकों की मदद ली जा रही है।
स्टोर संचालक अब ऐसे लोगों के नाम-पते नोट कर रहे हैं, जो बगैर डॉक्टर की पर्ची के सर्दी, खांसी, जुकाम और बुखार की दवा लेने आ रहे हैं। ये नाम-पते रोजाना औषध निरीक्षकों के साथ साझा किए जा रहे रहे हैं ताकि उन लोगों क टेस्ट करवाया जा सके। भापाल में अब तक 205 कंटेनमेंट जोन बनाए जा चुके हैं। जिनमें से 41 क्षेत्रों को अतिसंवेदनशील माना गया है।
