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ईसाई मिशनरी कॉलेज में भारत माता की आरती की मांग को लेकर विवाद
शुरैह नियाजी, बीबीसी हिंदी
Updated Fri, 05 Jan 2018 12:31 PM IST
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विदिशा का सेंट मेरीज पीजी कॉलेज
- फोटो : BBC
मध्यप्रदेश के विदिशा में हिंदू संगठन, ईसाई मिशनरी के एक कॉलेज में भारत माता की पूजा करना चाहते हैं। कॉलेज प्रबंधन इसके लिए तैयार नहीं है जिसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
विदिशा के सेंट मेरीज पीजी कॉलेज को एक ईसाई मिशनरी संचालित करती है। इस कॉलेज में पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्याथी परिषद् (एबीवीपी) और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पहुंच गए और भारत माता की पूजा करने की मांग करने लगे।
इन संगठनों ने गुरुवार को कॉलेज में भारत माता की आरती करने की धमकी दी।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के विदिशा के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया, "हम शहर के हर स्थान पर भारत माता की आरती कर रहे हैं। हम इस कॉलेज में भी यही करना चाहते थे लेकिन प्रबंधन ने हमें इसकी इजाजत नहीं दी। यह बिल्कुल गलत है। कॉलेज प्रबंधन कह रहा है कि ऊपर से आदेश आए तब ही इसकी इजाजत दी जा सकती है।"
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कॉलेज ने सुरक्षा की मांग की
कॉलेज ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है। साथ ही सुरक्षा की मांग भी की है।
फादर बीजू टोटनकारा के मुताबिक, "यह अल्पसंख्यकों की संस्था है और जिस तरह से यहां पर भारत माता की आरती करने की कोशिश की जा रही है, वो गलत है। शिक्षा संस्थान में पढ़ाई करनी चाहिए न कि इस तरह का विवाद।"
फादर बीजू बताते हैं कि प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
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विदिशा के सेंट मेरीज पीजी कॉलेज को एक ईसाई मिशनरी संचालित करती है। इस कॉलेज में पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्याथी परिषद् (एबीवीपी) और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता पहुंच गए और भारत माता की पूजा करने की मांग करने लगे।
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इन संगठनों ने गुरुवार को कॉलेज में भारत माता की आरती करने की धमकी दी।
भारतीय जनता युवा मोर्चा के विदिशा के अध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया, "हम शहर के हर स्थान पर भारत माता की आरती कर रहे हैं। हम इस कॉलेज में भी यही करना चाहते थे लेकिन प्रबंधन ने हमें इसकी इजाजत नहीं दी। यह बिल्कुल गलत है। कॉलेज प्रबंधन कह रहा है कि ऊपर से आदेश आए तब ही इसकी इजाजत दी जा सकती है।"
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कॉलेज ने सुरक्षा की मांग की
कॉलेज ने इसकी शिकायत प्रशासन से की है। साथ ही सुरक्षा की मांग भी की है।
फादर बीजू टोटनकारा के मुताबिक, "यह अल्पसंख्यकों की संस्था है और जिस तरह से यहां पर भारत माता की आरती करने की कोशिश की जा रही है, वो गलत है। शिक्षा संस्थान में पढ़ाई करनी चाहिए न कि इस तरह का विवाद।"
फादर बीजू बताते हैं कि प्रशासन ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराने का आश्वासन दिया है।
ईसाई-हिंदू तनाव की पहली घटना नहीं है
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : BBC
'नहीं कर सकता कोई मनमानी'
विदिशा के पुलिस अधीक्षक विनीत कपूर ने बीबीसी को बताया,"हम किसी भी तरह से इसकी इजाजत नहीं देंगे। कानूनी तौर पर भी कोई संगठन इस तरह की मनमानी नहीं कर सकता है।" विनीत कपूर के मुताबिक, "प्रशासन संस्था को पूरी सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है और जो भी कानूनी तौर पर मुमकिन होगा वो किया जाएगा।"
ईसाई-हिंदू तनाव की पहली घटना नहीं है
मध्य प्रदेश में ईसाइयों के साथ तनाव की यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल दिसंबर में सतना पुलिस ने एक ईसाई को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी हिंदू संगठनों के आरोप के बाद हुई जिनका कहना था कि ईसाइयों ने एक हिंदू व्यक्ति को धर्म बदलने के लिए पैसा दिया। ईसाई समुदाय ने आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि वे गांव में सिर्फ कैरोल गाने गए थे।
विदिशा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र है। कॉलेज की देखरेख करने वाली मिशनरी को यकीन है कि प्रशासन मामले को हाथ से बाहर नहीं जाने देगा।
विदिशा के पुलिस अधीक्षक विनीत कपूर ने बीबीसी को बताया,"हम किसी भी तरह से इसकी इजाजत नहीं देंगे। कानूनी तौर पर भी कोई संगठन इस तरह की मनमानी नहीं कर सकता है।" विनीत कपूर के मुताबिक, "प्रशासन संस्था को पूरी सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है और जो भी कानूनी तौर पर मुमकिन होगा वो किया जाएगा।"
ईसाई-हिंदू तनाव की पहली घटना नहीं है
मध्य प्रदेश में ईसाइयों के साथ तनाव की यह पहली घटना नहीं है। पिछले साल दिसंबर में सतना पुलिस ने एक ईसाई को धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी हिंदू संगठनों के आरोप के बाद हुई जिनका कहना था कि ईसाइयों ने एक हिंदू व्यक्ति को धर्म बदलने के लिए पैसा दिया। ईसाई समुदाय ने आरोप को बेबुनियाद बताया और कहा कि वे गांव में सिर्फ कैरोल गाने गए थे।
विदिशा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का क्षेत्र है। कॉलेज की देखरेख करने वाली मिशनरी को यकीन है कि प्रशासन मामले को हाथ से बाहर नहीं जाने देगा।
