MP Election: शिवराज के सामने मैदान में उतरे कांग्रेस प्रत्याशी बोले, बुधनी का छिंदवाड़ा की तरह करेंगे विकास
Madhya Pradesh Assembly Election 2023 : विक्रम स्वभाव से जितने सौम्य हैं, चुनाव पर वह उतने ही आक्रामक हैं। प्रचार शुरू किया तो सीएम चौहान के घर वोट मांगने पहुंचे। लेकिन सीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रामक हो जाते हैं। 'अमर उजाला' से बातचीत के अंश-
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यह 'सत्य और असत्य का युद्ध है। मुस्कुराते रहिए, बाकी सब हनुमान जी संभाल लेंगे।' ये वाक्य हैं टीवी धारावाहिक 'रामायण' में महावीर हनुमान बनेे अभिनेता विक्रम शर्मा 'मस्ताल' के। विक्रम को कांग्रेस ने प्रदेश की सबसे हॉट सीट बुधनी से सीएम शिवराज चौहान के खिलाफ उतारा है। विक्रम स्वभाव से जितने सौम्य हैं, चुनाव पर वह उतने ही आक्रामक हैं। प्रचार शुरू किया तो सीएम चौहान के घर वोट मांगने पहुंचे। लेकिन सीएम पर गंभीर आरोप लगाते हुए आक्रामक हो जाते हैं। 'अमर उजाला' से बातचीत के अंश-
जुलाई में कांग्रेस में आए, अक्तूबर में मैदान में आ गए? भाजपा कह रही है कि आप चुनाव बाद फिर नहीं दिखाई पड़ेंगे।
प्रोफेशन के लिए मुंबई जरूर एक ठिकाना है। हूं तो मैं यहीं का। बुधनी की दशा देखिए। शिवराज चार बार से एमपी के सीएम हैं। उन्होंने अपनी सोच से एक पीढ़ी बर्बाद कर दी। मैं अपने बुधनी के लिए कुछ करना चाहता हूं। राजनीति सेवा का माध्यम है, इसलिए राजनीति में आ गए। मैं राजनीति के लिए नया नहीं हूं। मेरी रुचि शुरू से रही है। मैंने पढ़ाई के दौरान ही गांव के कोषाध्यक्ष का चुनाव लड़ा था, जिसमें निर्विरोध चुना गया था।
शिवराज बुधनी में विकास के तमाम काम गिना रहे हैं।
आप बुधनी और छिंदवाड़ा घूम लीजिए। छिंदवाड़ा विकास का मॉडल है। वहां सड़क, बिजली, पानी, बढि़या स्वास्थ्य सुविधाएं तो हैं ही, बड़ी कंपनियों के ऑफिस व युवाओं के रोजगार के लिए स्किल डवलपमेंट सेंटर है। बुधनी में एक ट्रामा सेंटर तक नहीं है। इमरजेंसी में भोपाल जाना पड़ता है। युवाओं के रोजगार के लिए कोई सोच नजर नहीं आती। यहां के 25 से 28 वर्ष के 80 हजार युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। हम बुधनी को छिंदवाड़ा की तरह विकसित करना चाहते हैं। उनके लिए कुछ करना चाहते हैं। पास में ही सलकनपुर में बीजासन देवी का मंदिर है। यहां के आसपास की पहाड़ियों को पंचमढ़ी की तरह विकसित कर सकते हैं, जो देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने का माध्यम बन सकता है। पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कमलनाथ और दिग्विजय की नोकझोंक से नुकसान होगा?
सब भाजपा का दुष्प्रचार है। कमलनाथ व दिग्विजय दोनों बहुत गहरे दोस्त हैं। कांग्रेस ने मुझ जैसे कार्यकर्ता को टिकट दिया है। आपको लग रहा है कि खराब टिकट बंटा है। मेरा दावा है कि कांग्रेस ने बहुत अच्छा टिकट वितरित किया है। पार्टी 130 से ज्यादा सीटें जीतकर सरकार बनाएगी।
अभी अभिनेता के रोल में थे। नेता बनकर कैसा लगा?
सबसे जरूरी बात है अच्छा इन्सान होना। एक अच्छा इन्सान अच्छा नेता भी हो सकता है और अच्छा अभिनेता भी। मैं दोनों ही भूमिका में अपने को फिट पाता हूं।
सलकनपुर को तो सीएम देवी लोक के रूप में विकसित करने की बात कर रहे हैं। कई एलान हैं।
जब चुनाव आता है तो इन्हें मंदिर याद आने लगता है। आप स्वयं मंदिर के आसपास घूम आइए। क्या अपने क्षेत्र में जगप्रसिद्ध माता के मंदिर के विकास के लिए भी पांचवीं बार सीएम बनने का इंतजार करना चाहिए। कोई विजन होता तो यह सब कब का हो गया होता।
