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बुरहानपुर: जिला अस्पताल को कॉल्पोस्कोपी मशीन की सौगात, महिलाओं की आंतरिक बीमारियों की जांच हो सकेगी नि:शुल्क

Thu, 24 Feb 2022 04:18 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Thu, 24 Feb 2022 04:18 PM IST
सार

जिला अस्पताल बुरहानपुर में कॉल्पोस्कोपी मशीन लगाई गई है। अब मशीन की सहायता से महिलाओं की आंतरिक बीमारियों की जांच अस्पताल में ही नि:शुल्क हो सकेगी।

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Colposcopy machine gift to Burhanpur District Hospital, internal diseases of women can be examined free of cost
जिला अस्पताल में लगाई गई कॉल्पोस्कोपी मशीन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बुरहानपुर जिले में अब महिलाओं को आंतरिक बीमारियों की जांच के लिए 3 से 5 हजार रुपये खर्च नहीं करने पड़ेंगे। जिला अस्पताल में गुरुवार को कॉल्पोस्कोपी मशीन लगाई गई है, जिससे अब कैंसर जैसी आंतरिक बीमारियों की जांच जिला अस्पताल में ही नि:शुल्क की जा सकेगी। 
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गायनोकोलॉजिस्ट विभाग के लिए यह बड़ी उपलब्धि है।अस्पताल में लगाई गई मशीन की कीमत करीब 10 लाख रुपये है। गुरुवार को भोपाल से आई स्वास्थ्य विभाग और मशीन लगाने वाली कंपनी की टीम ने जिला अस्पताल में मशीन इंस्टॉल की। अस्पताल प्रबंधन मशीन के लिए अलग से बड़ा हॉल तैयार कर रहा है। 
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सर्विकल कैंसर से बचाव में मिलेगी सहायता
जिला अस्पताल की डॉ. प्रतिभा बागड़ी के अनुसार इससे सरवाइकल कैंसर से बचाव में सहायता मिलती है। कॉल्पोस्कोपी यह दिखा सकती है कि आपमें ऐसी असामान्य कोशिकाएं हैं जिन्हें निकाला जाना चाहिए। अगर आप में गंभीर असामान्य कोशिकाएं पाई जाती हैं तो इन्हें हटाया जा सकता है। इसे अस्पताल में बाहरी रोगी क्लिनिक में आमतौर पर कॉल्पोस्कोपी के दौरान भी किया जाता है।
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कॉल्पोस्कोपी एक डायग्नोस्टिक टेस्ट है। इस प्रक्रिया में स्त्री रोग विशेषज्ञ रोग के लक्षणों और लक्षणों के लिए योनि और योनि की ओर जाने वाले गर्भाशय ग्रीवा के बाहरी हिस्से की जांच करते हैं। जिसे एक्सोकर्विक्स भी कहा जाता है। इस प्रक्रिया के दौरान डॉक्टर एक विशेष उपकरण का उपयोग करता है, जिसे कॉल्पोस्कोप कहा जाता है। यदि डॉक्टर कॉल्पोस्कोपी प्रक्रिया के दौरान कोशिकाओं का असामान्य द्रव्यमान पाता है तो ऊतक का एक नमूना एकत्र किया जा सकता है और प्रयोगशाला परीक्षण बायोप्सी के लिए भेजा जा सकता है। इस प्रक्रिया को कॉल्पोस्कोपिक बायोप्सी कहा जाता है। बायोप्सी के परिणाम आने के बाद उचित उपचार किया जा सकता है। बायोप्सी के परिणामों के आधार पर स्थिति का इलाज किया जाता है।
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