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MP News: दमोह में फिर दैवीय चमत्कार का दावा, मंदिर में लगे पेड़ से निकली जलधारा,पानी पीने उमड़ी भक्तों की भीड़
Wed, 29 Mar 2023 09:50 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 29 Mar 2023 09:50 AM IST
सार
बड़ी देवी मंदिर में हजारी परिवार की कुलदेवी विराजमान हैं। जिन्हें उत्तरप्रदेश से दमोह लाकर यहां विराजमान किया गया था। प्रतिमा 400 वर्ष प्राचीन है, जिसे मां बड़ी देवी के नाम से पहचाना जाता है।
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बड़ी देवी के मंदिर में लगे पेड़ से निकला पानी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह के लोगों की आस्था के केंद्र कहे जाने वाले सिद्ध क्षेत्र बड़ी देवी मंदिर परिसर में लगे कोहा के पेड़ से बुधवार सुबह अचानक तेज गति से पानी निकलने लगा। एक-एक कर यहां लोगों की भीड़ बढ़ती गई और लोगों ने चमत्कार मानते हुए उस पानी को ग्रहण किया और माता का चमत्कार माना।
बड़ी देवी मंदिर में हजारी परिवार की कुलदेवी विराजमान हैं। जिन्हें उत्तरप्रदेश से दमोह लाकर यहां विराजमान किया गया था। प्रतिमा 400 वर्ष प्राचीन है, जिसे मां बड़ी देवी के नाम से पहचाना जाता है। यहां मां लक्ष्मी, सरस्वती और मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान है। नवरात्र पर्व के मौके पर यहां 24 घंटे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। मां अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करती हैं।
कोहा के पेड़ से निकली जलधारा
अष्टमी तिथि को जब श्रद्धालु मां को जल अर्पित करने पहुंचे तो मंदिर के समीप लगे कोहा के पेड़ से कुछ पानी निकलते देखा। पहले एक-दो लोग यहां पहुंचे और उन्होंने पानी हाथ में लेकर पिया उसके बाद अन्य लोगों को सूचना लगी तो पेड़ के पास भीड़ लग गई और लोग पानी को पीने लगे। मंदिर में पूजन सामग्री की दुकान लगाने वाली शांति रैकवार ने बताया कि पेड़ से निकल रहे पानी का स्वाद नारियल पानी की तरह है। इसके अलावा अन्य दुकानदारों ने बताया की वह इतने दिन से यहां दुकान लगाए बैठे हैं, इसके पहले पेड़ से पानी नहीं निकला और आज अचानक पानी निकलने लगा। करीब 7 फीट की ऊंचाई से यह पानी निकल रहा था। हालांकि कुछ देर बाद पानी निकलने की रफ्तार धीमी हो गई। लोग इसे मां बड़ी देवी का चमत्कार माना रहे हैं।
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वहीं, जानकारों के मुताबिक पेड़ से पानी निकलना संभव नहीं है। शिक्षक दीनू गुप्ता ने बताया कि पेड़ से पानी निकलना संभव तो नहीं हो सकता है। यह जरूर है कि अभी मौसम में बदलाव हुआ है। पहले पानी और ओले गिरे उसके बाद धूप निकलने लगी इसलिए वाष्पीकरण के चलते पानी निकला हो। बाकी लोगों की आस्था है वह उसे किस रूप में देखते हैं।
अंजनी माता की आंखों से निकला था पानी
दमोह के हटा ब्लॉक लुहारी गांव में भी कुछ वक्त पहले ऐसा ही वाक्या देखने को मिला था। यहां अंजनी माता की प्रतिमा से आंसू निकले थे।
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बड़ी देवी मंदिर में हजारी परिवार की कुलदेवी विराजमान हैं। जिन्हें उत्तरप्रदेश से दमोह लाकर यहां विराजमान किया गया था। प्रतिमा 400 वर्ष प्राचीन है, जिसे मां बड़ी देवी के नाम से पहचाना जाता है। यहां मां लक्ष्मी, सरस्वती और मां दुर्गा की प्रतिमा विराजमान है। नवरात्र पर्व के मौके पर यहां 24 घंटे हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ रहती है। मां अपने भक्तों की सभी मनोकामना पूर्ण करती हैं।
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कोहा के पेड़ से निकली जलधारा
अष्टमी तिथि को जब श्रद्धालु मां को जल अर्पित करने पहुंचे तो मंदिर के समीप लगे कोहा के पेड़ से कुछ पानी निकलते देखा। पहले एक-दो लोग यहां पहुंचे और उन्होंने पानी हाथ में लेकर पिया उसके बाद अन्य लोगों को सूचना लगी तो पेड़ के पास भीड़ लग गई और लोग पानी को पीने लगे। मंदिर में पूजन सामग्री की दुकान लगाने वाली शांति रैकवार ने बताया कि पेड़ से निकल रहे पानी का स्वाद नारियल पानी की तरह है। इसके अलावा अन्य दुकानदारों ने बताया की वह इतने दिन से यहां दुकान लगाए बैठे हैं, इसके पहले पेड़ से पानी नहीं निकला और आज अचानक पानी निकलने लगा। करीब 7 फीट की ऊंचाई से यह पानी निकल रहा था। हालांकि कुछ देर बाद पानी निकलने की रफ्तार धीमी हो गई। लोग इसे मां बड़ी देवी का चमत्कार माना रहे हैं।
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वहीं, जानकारों के मुताबिक पेड़ से पानी निकलना संभव नहीं है। शिक्षक दीनू गुप्ता ने बताया कि पेड़ से पानी निकलना संभव तो नहीं हो सकता है। यह जरूर है कि अभी मौसम में बदलाव हुआ है। पहले पानी और ओले गिरे उसके बाद धूप निकलने लगी इसलिए वाष्पीकरण के चलते पानी निकला हो। बाकी लोगों की आस्था है वह उसे किस रूप में देखते हैं।
अंजनी माता की आंखों से निकला था पानी
दमोह के हटा ब्लॉक लुहारी गांव में भी कुछ वक्त पहले ऐसा ही वाक्या देखने को मिला था। यहां अंजनी माता की प्रतिमा से आंसू निकले थे।
