छिंदवाड़ा में सनसनी: कुत्ते के काटने के बाद रेबीज से ग्रसित महिला लोगों को काटने के लिए दौड़ी, इलाके में दहशत
छिंदवाड़ा के तामिया में कुत्ते के काटने के बाद महिला में रेबीज जैसे लक्षण दिखे। जिसके बाद वो पानी से डरने लगी। इतना ही नहीं, महिला के आक्रामक व्यवहार और लोगों को काटने की कोशिश से इलाके में दहशत फैल गई।
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छिंदवाड़ा के तामिया क्षेत्र में कुत्ते के काटने के बाद एक महिला में खतरनाक और चौंकाने वाले लक्षण सामने आए हैं। महिला पानी को देखते ही घबराने लगती थी और उससे दूर भाग जाती थी। इसके साथ ही उसका व्यवहार भी असामान्य हो गया और वह आसपास के लोगों पर हमला करने की कोशिश करने लगी।
परिजनों के अनुसार, महिला की हालत अचानक बिगड़ने लगी। वह लगातार बेचैन रहने लगी और धीरे-धीरे आक्रामक हो गई। स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब वह लोगों को काटने के लिए दौड़ने लगी। इससे घर और पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई।
घबराए परिजन महिला को तुरंत तामिया के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार किया। हालत नाजुक होने के चलते उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक डॉ. दिनेश पलास ने बताया कि महिला का इलाज जारी है और उसकी स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।
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डॉक्टरों के मुताबिक, महिला में दिखाई दे रहे लक्षण रेबीज से मेल खाते हैं। इस बीमारी में पानी से डर लगना (हाइड्रोफोबिया), व्यवहार में बदलाव और आक्रामकता जैसे लक्षण सामने आते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा साबित हो सकती है।
डॉ. पलास ने लोगों से अपील की है कि कुत्ते के काटने की घटनाओं को बिल्कुल नजरअंदाज न करें। घाव को तुरंत साबुन और पानी से अच्छी तरह धोएं, बिना देरी किए नजदीकी अस्पताल में एंटी-रेबीज टीका लगवाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार पूरा इलाज कराएं। स्वास्थ्य विभाग ने भी चेतावनी दी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी के कारण ऐसे मामले गंभीर रूप ले लेते हैं। कुत्ते के काटने के बाद तुरंत उपचार ही बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है।
