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Chhindwara News: परिवार के तीन लोगों सहित फंदे पर लटका मिला गबन का आरोपी, पांढुर्ना में चलाता था चिटफंड कंपनी
Thu, 03 Oct 2024 09:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Oct 2024 09:49 PM IST
सार
चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर गणेश पचौरी, उसके भाई और माता-पिता के शव नागपुर के घर में फंदे पर लटके मिले हैं। 14 फरवरी 2024 को गणेश पचौरी सहित संस्था के तीन कर्मचारियों पर 17 लाख रुपए के गबन का मामला दर्ज किया गया। आरोपी गणेश को छिंदवाड़ा जेल भेज दिया गया था। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था। तभी से वह अपने गांव महाराष्ट्र के मोवाड में रह रहा था।
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एकसाथ चार लोगों ने की आत्महत्या
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पांढुर्णा जिले की मातृ सेवा इंडिया नीति लिमिटेड चिटफंड कंपनी के डायरेक्टर गणेश पचौरी, उसके भाई और माता-पिता के शव नागपुर के घर में फंदे पर लटके मिले हैं। माता-पिता और भाई के हाथ बंधे मिले, जबकि गणेश पचौरी के हाथ खुले थे। गणेश पर 17 लाख रुपए के गबन का आरोप है। मामले में वह जमानत पर बाहर था।
पुलिस को गणेश पचौरी की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इसमें लिखा है कि वह पांढुर्णा में दर्ज केस से तनाव में था। नागपुर ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश धूमाल ने बताया कि महाराष्ट्र में नागपुर जिले के मोवाड गांव के वार्ड 5 के मकान में गणेश पचौरी, पिता विजय पचौरी, मां माला पचौरी और छोटा भाई दीपक पचौरी के शव फंदे से लटके मिले हैं। पुलिस जब यहां पहुंची को गेट अंदर से बंद था। हॉल में दीपक, बीच के कमरे में पति-पत्नी और एक दूसरे रूम में गणेश का शव मिला है। नागपुर की फोरेंसिक टीम ने भी यहां पहुंचकर सेंपल इकट्ठा किए हैं। सबसे पहले मकान मालिक जानराव खोबरागड़े ने बुधवार सुबह लगभग 7 बजे खिड़की से शव लटके देखे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
गबन के केस में जेल में था गणेश
पांढुर्णा थाने में पदस्थ उप निरीक्षक लखन भीमते ने बताया कि पांढुर्णा पुलिस थाने के सामने शर्मा कॉम्प्लेक्स में मातृ सेवा इंडिया नीति लिमिटेड संस्था संचालित होती थी। इसे गणेश पचौरी 22 मार्च 2023 से चला रहा था। गबन उजागर होने के बाद संस्था पर ताला लग गया। 14 फरवरी 2024 को गणेश पचौरी सहित संस्था के तीन कर्मचारियों पर 17 लाख रुपए के गबन का मामला दर्ज किया गया। आरोपी गणेश को छिंदवाड़ा जेल भेज दिया गया था। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था। तभी से वह अपने गांव महाराष्ट्र के मोवाड में रह रहा था।
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फाइनेंस कंपनी ने लोगों को लगाया लाखों का चूना
मातृ सेवा इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड कंपनी ने एफडी और आरडी के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपए जमा कराए। कंपनी के कर्मचारी खातेदारों से रोजाना घर-घर जाकर रुपए वसूलते थे। कंपनी ने तकरीबन 17 लाख रुपए का गबन किया था।
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पुलिस को गणेश पचौरी की जेब से सुसाइड नोट मिला है, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर हैं। इसमें लिखा है कि वह पांढुर्णा में दर्ज केस से तनाव में था। नागपुर ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गणेश धूमाल ने बताया कि महाराष्ट्र में नागपुर जिले के मोवाड गांव के वार्ड 5 के मकान में गणेश पचौरी, पिता विजय पचौरी, मां माला पचौरी और छोटा भाई दीपक पचौरी के शव फंदे से लटके मिले हैं। पुलिस जब यहां पहुंची को गेट अंदर से बंद था। हॉल में दीपक, बीच के कमरे में पति-पत्नी और एक दूसरे रूम में गणेश का शव मिला है। नागपुर की फोरेंसिक टीम ने भी यहां पहुंचकर सेंपल इकट्ठा किए हैं। सबसे पहले मकान मालिक जानराव खोबरागड़े ने बुधवार सुबह लगभग 7 बजे खिड़की से शव लटके देखे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी।
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गबन के केस में जेल में था गणेश
पांढुर्णा थाने में पदस्थ उप निरीक्षक लखन भीमते ने बताया कि पांढुर्णा पुलिस थाने के सामने शर्मा कॉम्प्लेक्स में मातृ सेवा इंडिया नीति लिमिटेड संस्था संचालित होती थी। इसे गणेश पचौरी 22 मार्च 2023 से चला रहा था। गबन उजागर होने के बाद संस्था पर ताला लग गया। 14 फरवरी 2024 को गणेश पचौरी सहित संस्था के तीन कर्मचारियों पर 17 लाख रुपए के गबन का मामला दर्ज किया गया। आरोपी गणेश को छिंदवाड़ा जेल भेज दिया गया था। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर बाहर आया था। तभी से वह अपने गांव महाराष्ट्र के मोवाड में रह रहा था।
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फाइनेंस कंपनी ने लोगों को लगाया लाखों का चूना
मातृ सेवा इंडिया निधि लिमिटेड चिटफंड कंपनी ने एफडी और आरडी के नाम पर कई लोगों से लाखों रुपए जमा कराए। कंपनी के कर्मचारी खातेदारों से रोजाना घर-घर जाकर रुपए वसूलते थे। कंपनी ने तकरीबन 17 लाख रुपए का गबन किया था।
