फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The BEO was taking bribes of Rs 31,000 from the superintendent.The team of Lokayukta took action

Chhindwara News: छात्रावास अधीक्षक से BEO ले रही थी 31000 की रिश्वत, लोकायुक्त की टीम ने रंगे हाथों पकड़ा

Wed, 11 Dec 2024 08:59 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Wed, 11 Dec 2024 08:59 AM IST
सार

छिंदवाड़ा में एक महिला विकासखंड शिक्षा अधिकारी रजनी को 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है।लोकायुक्त की टीम ने शिकायत के बाद जाल बिछाकर यह कार्रवाई की है। 

विज्ञापन
The BEO was taking bribes of Rs 31,000 from the superintendent.The team of Lokayukta took action
लोकायुक्त की टीम ने की कार्रवाई।

विस्तार

बिछुआ की विकासखंड शिक्षा अधिकारी रजनी आगामे को लोकायुक्त की टीम ने 30,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विज्ञापन


दरअसल, धनेगांव छात्रावास के अधीक्षक रमेश पराडकर ने लोकायुक्त में शिकायत की थी कि आदिवासी विभाग की विकासखंड शिक्षा अधिकारी रजनी आगामे बिछुआ के 12 छात्रावास अधीक्षकों से 50 सीटर छात्रावास के लिए 3,000 रुपये प्रतिमाह और 100 सीटर छात्रावास के लिए 6,000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से सितंबर और अक्टूबर माह की कमीशन की कुल राशि 96,000 रुपये की मांग कर रही हैं।
विज्ञापन


लोकायुक्त की टीम ने शिकायत की पुष्टि के लिए रिश्वत की डिमांड से संबंधित रिकॉर्डिंग सुनी और फिर योजना बनाकर कार्रवाई की। रजनी आगामे ने रिश्वत की प्रथम किश्त 31,000 रुपये लेने की सहमति जताई थी। मंगलवार को उन्हें बिछुआ में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। रजनी आगामे विकासखंड शिक्षा अधिकारी बिछुआ के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।
विज्ञापन
विज्ञापन


बताया गया कि हॉस्टल अधीक्षकों से वसूली का जिम्मा शासकीय बालक छात्रावास धनेगांव के अधीक्षक रमेश पराडकर को दिया गया था। प्रथम किश्त 31,000 रुपये लेने के लिए रजनी आगामे तैयार हो गई थीं। रमेश पराडकर ने इस संबंध में जबलपुर लोकायुक्त एसपी को शिकायत दी थी।


शिकायत के सत्यापन के लिए रिश्वत मांगने की रिकॉर्डिंग कराई गई, जिसमें रजनी आगामे को रिश्वत की प्रथम किश्त स्वीकार करते हुए पाया गया। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत और रिकॉर्डिंग के आधार पर मामला पंजीबद्ध किया। इस कार्रवाई में इंस्पेक्टर रेखा प्रजापति, मंजू किरण तिर्की, कमल सिंह उईके एवं लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed