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Pahalgam Attack: हमले से 15 मिनट पहले निकला परिवार, गोलीबारी सुन होटल लौटा, 14 घंटे बंद रहा; डर में कटी रात
Fri, 25 Apr 2025 08:50 AM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो
Updated Fri, 25 Apr 2025 08:50 AM IST
सार
गुलशन मदान ने बताया कि मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह 5 बजे तक हम होटल के कमरे में बंद रहे। बाहर सुरक्षाबलों का घेरा था, रास्ते सील और हर तरफ सन्नाटा था। बच्चे डरे हुए थे, महिलाएं लगातार प्रार्थना कर रही थीं। रातभर हम नहीं सो पाए।
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पहलगाम में मौजूद मदान परिवार
विस्तार
कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार दोपहर हुए आतंकी हमले में 26 लोगों लोगों की जान चली गई। कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज किया जा रहा है। लेकिन, कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो इस आतंकी हमले में बाल-बाल बच गए। ऐसे ही एक कहानी मप्र के पांढुर्णा के शंकर नगर निवासी गुलशन मदान की है। गुलशन और उनका परिवार भी पहलगाम में मौजदू था।
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आतंकी हमले से करीब 15 मिनट पहले ही परिवार के सभी लोग घोड़े पर सवार होकर वहां से निकले थे। कुछ दूर जाने के बाद ही पीछे से गोलियों की आवाजें सुनाई देने लगीं। इससे घबराकर वे जंगल के रास्ते होते हुए वापस एक होटल में पहुंचे। इसके बाद 14 घंटे कमरे में बंद रहे। बता दें कि गुलशन मदान अपने परिवार के साथ घूमने गए थे। माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद वे पहलगाम पहुंचे थे।
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गुलशन मदान ने कहा कि हमें समझ ही नहीं आया कि क्या करें। डर तो था ही, लेकिन जंगल का रास्ता ही एकमात्र विकल्प था। भगवान की कृपा रही कि हम समय पर वहां से निकल पाए। उन्होंने बताया कि मंगलवार दोपहर से बुधवार सुबह 5 बजे तक हम होटल के कमरे में बंद रहे। बाहर सुरक्षाबलों का घेरा था, रास्ते सील और हर तरफ सन्नाटा था। इससे बच्चे डरे हुए थे, महिलाएं लगातार प्रार्थना कर रही थीं। रातभर कोई नहीं सो पाया।
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परिजनों की सांसें अटकी रहीं
इधर, घटना की जानकारी मिलते ही पांढुर्णा में मौजूद परिजन लगातार फोन पर संपर्क में बने रहे। गुलशन मदान का परिवार बुधवार शाम तक सुरक्षित जम्मू पहुंच गया, जहां से वे अपने घर के लिए रवाना हुए। पांढुर्णा में जैसे ही खबर फैली कि गुलशन मदान और उनका परिवार सुरक्षित है, शंकर नगर क्षेत्र में राहत की लहर दौड़ गई। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह पूरी घटना एक चमत्कार से कम नहीं है।
