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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   District Planning Committee to hold crucial meeting in Chhindwara after six years

Chhindwara News: छह साल बाद होगी जिला योजना समिति की अहम बैठक, विकास कार्यों पर होगा मंथन; जानें

Wed, 02 Apr 2025 12:37 PM IST
छिंदवाड़ा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा Published by: छिंदवाड़ा ब्यूरो Updated Wed, 02 Apr 2025 12:37 PM IST
सार

परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने इस मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जिला योजना समिति की बैठक न होने से छिंदवाड़ा के विकास कार्य बाधित हुए हैं। वाल्मीकि का कहना है कि इस बैठक में जन भागीदारी फंड, रुके हुए फंड और जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। लेकिन बीते छह सालों से बैठक न होने के कारण इन योजनाओं की गति रुक गई है।

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District Planning Committee to hold crucial meeting in Chhindwara after six years
छिंदवाड़ा कलेक्ट्रेट - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

छिंदवाड़ा जिले में छह वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आखिरकार जिला योजना समिति की बैठक होने जा रही है। 4 अप्रैल को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के प्रभारी मंत्री राकेश सिंह शामिल होंगे। इस बैठक को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि बीते छह वर्षों से जिला योजना समिति की बैठक न होने के कारण जिले में कई विकास कार्य ठप पड़े थे। अब इस बैठक से जिले के विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।
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छह साल से विकास कार्यों पर सन्नाटा, आखिर क्यों नहीं हुई बैठक?
जिले में आखिरी बार जिला योजना समिति की बैठक कांग्रेस शासनकाल में तत्कालीन प्रभारी मंत्री सुखदेव पांसे की अध्यक्षता में हुई थी। उसके बाद लगातार छह साल तक यह बैठक नहीं हो पाई, जिससे जिले में कई विकास योजनाएं अटकी रहीं। इस देरी को लेकर स्थानीय विधायक और विपक्षी दलों ने सरकार पर निशाना साधते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही और राजनीतिक उदासीनता करार दिया था।
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विधायक सोहन वाल्मीकि ने उठाए सवाल
परासिया विधायक सोहन वाल्मीकि ने इस मामले पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि जिला योजना समिति की बैठक न होने से छिंदवाड़ा के विकास कार्य बाधित हुए हैं। वाल्मीकि का कहना है कि इस बैठक में जन भागीदारी फंड, रुके हुए फंड और जिले में चल रही विभिन्न विकास परियोजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होती है। लेकिन बीते छह सालों से बैठक न होने के कारण इन योजनाओं की गति रुक गई है। उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि विकास कार्यों को प्राथमिकता देने का दावा करने वाली सरकार ने जिले की इस महत्वपूर्ण बैठक को ही ठंडे बस्ते में डाल दिया था।
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प्रभारी मंत्री राकेश सिंह की मौजूदगी से बढ़ी उम्मीदें
अब जब यह बैठक छह साल बाद आयोजित की जा रही है, तो राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। प्रभारी मंत्री राकेश सिंह की उपस्थिति में होने वाली इस बैठक से लोगों को उम्मीद है कि जिले के रुके हुए विकास कार्यों को हरी झंडी मिलेगी। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों की उपस्थिति में इस बैठक में जिले के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होगी और विकास की नई राह तय की जाएगी।

राजनीतिक मायनों में भी अहम बैठक
इस बैठक का राजनीतिक महत्व भी कम नहीं है। विधानसभा चुनावों से पहले यह बैठक भाजपा सरकार के लिए छिंदवाड़ा में अपनी पकड़ मजबूत करने का एक बड़ा मौका हो सकती है। छिंदवाड़ा, जो पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता है, वहां विकास कार्यों को गति देकर भाजपा अपनी उपस्थिति को और मजबूत करने की कोशिश कर सकती है। वहीं, कांग्रेस इस मुद्दे को उठाकर सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति बना रही है कि आखिर इतने सालों तक बैठक क्यों नहीं हुई। देखना होगा कि 4 अप्रैल की बैठक में क्या अहम फैसले लिए जाते हैं और जिले के विकास को लेकर कितनी ठोस कार्ययोजना बनाई जाती है। छिंदवाड़ा की जनता इस बैठक से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठी है कि आखिरकार उनके क्षेत्र की लंबित योजनाओं को फिर से गति मिलेगी।
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