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Chhindwara Murder Case: हत्या के नौ साल बाद सामने आई महिला का डीएनए हुआ मैच, पिता-भाई को हुई थी जेल
Fri, 26 May 2023 01:49 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 26 May 2023 01:49 PM IST
सार
Chhindwara murder case: मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा में हत्या के नौ साल बाद सामने आई महिला का डीएनए उसके भाई और पिता के डीएनए से मैच हो गया है। इस बात की पुष्टि हो गई है कि वह कंचन उइके है, जिसकी हत्या के मामले में भाई-पिता को सजा हुई थी। पुलिस अब धाराओं में बदलाव करेगी।
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कंचन उइके, जिसकी हत्या का आरोप भाई-पिता पर है।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छिंदवाड़ा के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र में अजीब मामला सामने आया है। हत्या के नौ साल बाद महिला सामने आई और कहा कि वह जिंदा है। उसके पिता और भाई को उसकी हत्या के मामले में सजा हुई थी। पिता तो जमानत पर बाहर हैं। भाई अब भी जेल में है। डीएनए जांच में यह पुष्टि हो गई है कि जो महिला सामने आई है वह कंचन उइके ही है, जिसकी हत्या के मामले में भाई-पिता को जेल भेजा गया था।
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मामला अमरवाड़ा थाना क्षेत्र के सिंगोड़ी पुलिस चौकी क्षेत्र के जोपनाला गांव का है। शन्नू उइके और लक्ष्मीबाई की बेटी कंचन 13 जून 2014 की रात को लापता हो गई थी। उस समय उसकी उम्र 14 साल थी। सात साल बाद पुलिस ने 2021 में खुलासा किया और दावा किया कि लड़की की हत्या उसके ही भाई ने की और पिता की मदद से उसे दफना दिया। पिता एक साल से जमानत पर बाहर है लेकिन भाई अब तक जेल में है। हालांकि, दो महीने पहले 29 मार्च 2023 को वह सिंगौड़ी थाना क्षेत्र पहुंची और दावा किया कि वह तो जिंदा है। पुलिस ने झूठे केस में भाई-पिता को फंसा दिया है। इसके बाद कंचन का डीएनए टेस्ट कराया गया। इस बात की पुष्टि हो चुकी है कि वह कंचन ही है, जिसकी हत्या के केस में उसके भाई-पिता पर आरोप है।
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धाराएं बदलेगी पुलिस, गिरेगी गाज
डीएनए की पुष्टि होने के बाद कहा जा रहा है कि पुलिस अब धाराएं बदलेगी। साथ ही किसी और का कंकाल बताकर हत्या का खुलासा करने वाली पुलिस पर भी गाज गिरेगी। कोर्ट के सामने रिपोर्ट पेश की जाएगी। यह मामला अब भी कोर्ट में विचाराधीन है। पुलिस की कहानी के मुताबिक कंचन के भाई सोनू ने लाठी के वार से उसकी हत्या की थी। फिर पिता की मदद से शव को घर के पास खेत में दफना दिया था।
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झगड़े के बाद छोड़ गई थी घर
कंचन का कहना है कि 2014 में घर में किसी बात को लेकर मनमुटाव हुआ था। इसके बाद वह घर छोड़कर चली गई थी। पुलिस ने 2021 में किसी और का कंकाल दिखाकर मेरी हत्या का झूठा आरोप मेरे भाई एवं पिता पर लगाकर जेल भेज दिया। उसका कहना है कि वह घर छोड़कर भोपाल चली गई थी। फिर उज्जैन गई। उज्जैन में ही दो लोगों ने आगर-मालवा में उसकी शादी तय करा दी। उसके दो बच्चे हैं। ससुराल में थी तो पता चला कि उसकी हत्या के आरोप में पिता-भाई को पुलिस ने जेल में डाल दिया है। तब वह गांव आई और जिंदा होने का दावा किया।
...तो वह कंकाल किसका था
दरअसल, जून 2014 में कंचन के पिता शन्नू उइके ने ही अमरवाड़ा थाने में 14 साल की बेटी की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। सात साल तक बच्ची का पता नहीं चला तो पुलिस पर भी निराकरण का दबाव था। जनवरी 2021 में पुलिस गांव पहुंची और कंचन के भाई-पिता को उठा लिया। हफ्ते भर बाद 22 जनवरी को पुलिस ने घर से कुछ दूर कब्र खुदवाई और कब्र से 210 हड्डियां जब्त की गई। सवाल यह उठता है कि उस समय डीएनए मैच क्यों नहीं कराया गया?
