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छिंदवाड़ा: गांव भाजीपानी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह निरस्त, 91 जोड़ों की होनी थी शादी
Sun, 24 Apr 2022 06:00 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छिंदवाड़ा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 24 Apr 2022 06:00 PM IST
सार
छिंदवाड़ा जिले के गांव भाजीपानी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह निरस्त हो गया। नियमों का हवाला देकर निरस्त किए गए इस समारोह में 91 जोड़ों की शादियां होनी थीं। सरपंच का कहना है कि जनपद पंचायत सीईओ ने मौखिक स्वीकृति दी थी, अब नियम बदलने का कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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छिंदवाड़ा जिले के गांव भाजीपानी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह निरस्त हो गया। (प्रतीकात्मक चित्र)
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
नियमों का हवाला देकर छिंदवाड़ा जिले के गांव भाजीपानी में मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह निरस्त कर दिया गया। समारोह में 91 जोड़ों की शादियां होनी थीं। सरपंच का आरोप है कि जनपद पंचायत सीईओ ने मौखिक स्वीकृति दी थी, अब नियम बदलने का कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं। मामले में जिला पंचायत सीईओ ने रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार भाजीपानी गांव में 19 अप्रैल को आदिवासी समाज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह होना था। गांव के सरपंच झनकलाल बजोड़िया को जनपद पंचायत सीईओ मौखिक मंजूरी दे चुके थे। सरपंच बजोड़िया का कहना है कि सीईओ ने उन्हें 5 से अधिक जोड़े कर सामूहिक विवाह कराने की मंजूरी मौखिक तौर पर दे दी थी। उन्होंने तैयारी शुरू कर दी और 91 जोड़े भी तय हो गए। गांव की गायत्री गोशाला में विवाह मंडप लगवाकर, खाना बनवाकर सभी तरह से तैयारियां पूरी कर ली थीं। दूल्हे और दुल्हनों के परिवार भी सम्मेलन के 1 दिन पहले आ गए थे। सीईओ ने ऐनवक्त पर आयोजन निरस्त कराने का फरमान दे दिया। इसके बाद सरपंच और आयोजक अभिषेक मसकोले जनपद सीईओ सीएल मरावी के पास पहुंचे, तो वे भड़क गए। सीईओ का कहना है कि मैंने आपको कहा था कि पुराने नियम में 5 जोड़े या इससे ज्यादा जोड़ों का विवाह होने पर फायदा मिलेगा। पर इस साल नियम चेंज हो रहे हैं। मैंने 15 दिन पहले ही आपको नियम बता दिया था। जब सरपंच और आयोजक ने इनकार किया तो सीईओ गर्मी दिखाने लगा। सारा वाकया वीडियो में नजर आ रहा है।
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बता दें कि कैबिनेट ने फैसला लिया था कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के आयोजन नगर निगम, जिला पंचायत, जनपद पंचायत स्तर पर ही आयोजित होंगे। इन्हीं कार्यक्रम में शामिल जोड़ों को योजना का लाभ मिल पाएगा। योजना में शामिल जोड़ों को पहले 51 हजार रुपये दिए जाते थे, अब ये रकम भी 55 हजार कर दी गई है। भाजीपानी ग्राम पंचायत स्तर का आयोजन था, इसलिए इसमें शामिल जोड़ों को योजना का लाभ नहीं मिलता। इसलिए इसे निरस्त कर दिया गया। जिला पंचायत सीईओ हरेंद्र सिंह नारायण ने कहा कि उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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जानकारी के अनुसार भाजीपानी गांव में 19 अप्रैल को आदिवासी समाज के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत सामूहिक विवाह होना था। गांव के सरपंच झनकलाल बजोड़िया को जनपद पंचायत सीईओ मौखिक मंजूरी दे चुके थे। सरपंच बजोड़िया का कहना है कि सीईओ ने उन्हें 5 से अधिक जोड़े कर सामूहिक विवाह कराने की मंजूरी मौखिक तौर पर दे दी थी। उन्होंने तैयारी शुरू कर दी और 91 जोड़े भी तय हो गए। गांव की गायत्री गोशाला में विवाह मंडप लगवाकर, खाना बनवाकर सभी तरह से तैयारियां पूरी कर ली थीं। दूल्हे और दुल्हनों के परिवार भी सम्मेलन के 1 दिन पहले आ गए थे। सीईओ ने ऐनवक्त पर आयोजन निरस्त कराने का फरमान दे दिया। इसके बाद सरपंच और आयोजक अभिषेक मसकोले जनपद सीईओ सीएल मरावी के पास पहुंचे, तो वे भड़क गए। सीईओ का कहना है कि मैंने आपको कहा था कि पुराने नियम में 5 जोड़े या इससे ज्यादा जोड़ों का विवाह होने पर फायदा मिलेगा। पर इस साल नियम चेंज हो रहे हैं। मैंने 15 दिन पहले ही आपको नियम बता दिया था। जब सरपंच और आयोजक ने इनकार किया तो सीईओ गर्मी दिखाने लगा। सारा वाकया वीडियो में नजर आ रहा है।
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बता दें कि कैबिनेट ने फैसला लिया था कि मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के आयोजन नगर निगम, जिला पंचायत, जनपद पंचायत स्तर पर ही आयोजित होंगे। इन्हीं कार्यक्रम में शामिल जोड़ों को योजना का लाभ मिल पाएगा। योजना में शामिल जोड़ों को पहले 51 हजार रुपये दिए जाते थे, अब ये रकम भी 55 हजार कर दी गई है। भाजीपानी ग्राम पंचायत स्तर का आयोजन था, इसलिए इसमें शामिल जोड़ों को योजना का लाभ नहीं मिलता। इसलिए इसे निरस्त कर दिया गया। जिला पंचायत सीईओ हरेंद्र सिंह नारायण ने कहा कि उन्होंने जनपद पंचायत सीईओ से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
