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Chhatarpur News: मोटे के महावीर मंदिर में शुरू हुआ बर्तन बैंक, प्लास्टिक अपशिष्ट रोकथाम के लिए की गई स्थापना
Sun, 08 Sep 2024 04:20 PM IST
छतरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: छतरपुर ब्यूरो
Updated Sun, 08 Sep 2024 04:20 PM IST
सार
छतरपुर के मोटे के महावीर मंदिर में स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के अंतर्गत प्लास्टिक अपशिष्ट रोकने के उद्देश्य से बर्तन बैंक की स्थापना की गई। नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया ने इसका शुभारंभ किया और 50 स्टील की थालियाँ, गिलास और चम्मच दान किए। इसका उद्देश्य भंडारों में शून्य अपशिष्ट भोज का आयोजन करना है, जो प्लास्टिक के उपयोग को कम करेगा।
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मंदिर में शुरू हुआ बर्तन बैंक।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के प्रयोजन हेतु नगरपालिका एवं मोटे के महावीर मंदिर समिति ने प्लास्टिक अपशिष्ट की रोकथाम हेतु बर्तन बैंक की स्थापना की। इसका शुभारंभ छतरपुर के प्रसिद्ध मोटे के महावीर मंदिर में हुआ है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया ने बर्तन बैंक का शुभारंभ करते हुए नगरपालिका की ओर से स्टील की 50 थाली और 50 गिलास तथा स्टील की 50 चम्मच समिति के सचिव एडवोकेट आनंद शर्मा को भेंट की। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर समिति, समाजसेवियों और धर्म प्रेमियों से अपील करते हुए कहा कि वे भी थाली, गिलास, चम्मच उक्त बर्तन बैंक में जमा कराने की पहल करें।
पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष बीपी सिंह के सुझाव पर उपस्थित लोगों ने एक-एक स्टील थाली-गिलास, चम्मस बर्तन बैंक में दिए। वहीं समाजसेवी कमलेश चौबे ने 11 थाली, 11 गिलास, 11 चम्मच दान में दिये। बर्तन बैंक में जमा स्टील की थाली, गिलास, चम्मच का उपयोग मंदिर समिति द्वारा आयोजित भण्डारे में शून्य अपशिष्ट भोज का आयोजन चर्चा का विषय रहा।
लोगों ने नगरपालिका के इस प्रयास की सराहना की। सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि एकल उपयोग प्लास्टिक के डिस्पोजल पर प्रतिबंध लगाने हेतु बर्तन बैंक की स्थापना की गई है, ताकि लोग परिसर में प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग करने से परहेज करें। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 एवं संशोधित नियम 2021 के तहत भारत सरकार ने एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही 120 माइक्रोन से कम की पॉलीथीन के निर्माण उपयोग विक्रय वितरण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
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उक्त बर्तन बैंक की स्थापना से प्रत्येक शनिवार एवं मंगलवार को उपयोग होने वाले प्लास्टिक डिस्पोजल पर रोक लगेगी। उन्होंने शून्य अपशिष्ट भोज की व्याख्या करते हुए बताया कि जिस सामाजिक धार्मिक भोज या भण्डारे में भोजन के बाद कोई कचरा न निकले, वह शून्य अपशिष्ट भोज है। वहीं, नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया ने बताया कि नगर के मैरिज हाउस एवं होटलों में आयोजित होने वाले शादी-विवाह एवं अन्य भोज कार्यक्रमों प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग करने वालों के विरूद्ध 5 हजार रूपये जुर्माना एवं दण्डित कार्यवाही की जाएगी।
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पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष बीपी सिंह के सुझाव पर उपस्थित लोगों ने एक-एक स्टील थाली-गिलास, चम्मस बर्तन बैंक में दिए। वहीं समाजसेवी कमलेश चौबे ने 11 थाली, 11 गिलास, 11 चम्मच दान में दिये। बर्तन बैंक में जमा स्टील की थाली, गिलास, चम्मच का उपयोग मंदिर समिति द्वारा आयोजित भण्डारे में शून्य अपशिष्ट भोज का आयोजन चर्चा का विषय रहा।
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लोगों ने नगरपालिका के इस प्रयास की सराहना की। सीएमओ माधुरी शर्मा ने बताया कि एकल उपयोग प्लास्टिक के डिस्पोजल पर प्रतिबंध लगाने हेतु बर्तन बैंक की स्थापना की गई है, ताकि लोग परिसर में प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग करने से परहेज करें। प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2016 एवं संशोधित नियम 2021 के तहत भारत सरकार ने एकल उपयोग प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके साथ ही 120 माइक्रोन से कम की पॉलीथीन के निर्माण उपयोग विक्रय वितरण पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
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उक्त बर्तन बैंक की स्थापना से प्रत्येक शनिवार एवं मंगलवार को उपयोग होने वाले प्लास्टिक डिस्पोजल पर रोक लगेगी। उन्होंने शून्य अपशिष्ट भोज की व्याख्या करते हुए बताया कि जिस सामाजिक धार्मिक भोज या भण्डारे में भोजन के बाद कोई कचरा न निकले, वह शून्य अपशिष्ट भोज है। वहीं, नोडल अधिकारी नीतेश चौरसिया ने बताया कि नगर के मैरिज हाउस एवं होटलों में आयोजित होने वाले शादी-विवाह एवं अन्य भोज कार्यक्रमों प्लास्टिक डिस्पोजल का उपयोग करने वालों के विरूद्ध 5 हजार रूपये जुर्माना एवं दण्डित कार्यवाही की जाएगी।
