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Chhatarpur News: एमसीबीयू के दो छात्रों ने उत्तीर्ण की यूजीसी नेट परीक्षा, स्वाध्याय के बलबूते हासिल की सफलता

Tue, 25 Feb 2025 12:25 PM IST
छतरपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: छतरपुर ब्यूरो Updated Tue, 25 Feb 2025 12:25 PM IST
सार

एमसीबीयू के छात्रों सुखदेव और पुष्पेन्द्र ने स्वाध्याय के बलबूते यूजीसी नेट दिसंबर 2024 परीक्षा में सफलता हासिल की। मध्यम वर्गीय परिवारों से आने वाले इन छात्रों ने बिना कोचिंग के नियमित 10 घंटे अध्ययन कर यह उपलब्धि पाई, जिससे विश्वविद्यालय और जिले का मान बढ़ा। 

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Two students of MCBU passed UGC NET exam, achieved success on the basis of self-study..
एमसीबीयू के दो छात्रों ने उत्तीर्ण की यूजीसी नेट परीक्षा

विस्तार

महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (एमसीबीयू) के दो छात्रों ने यूजीसी नेट दिसंबर 2024 की परीक्षा में सफलता प्राप्त कर न केवल विश्वविद्यालय, बल्कि अपने माता-पिता और जिले का भी मान बढ़ाया है। यह परीक्षा असिस्टेंट प्रोफेसर और लेक्चरर पदों के लिए पात्रता सुनिश्चित करने हेतु आयोजित की जाती है, जो वर्ष में दो बार, जून और दिसंबर में होती है। दिसंबर 2024 में हुई परीक्षा का परिणाम राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी ने शनिवार देर रात जारी किया, जिसमें दोनों छात्रों का नाम सफल अभ्यर्थियों की सूची में शामिल हुआ।

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स्वाध्याय से मिली कामयाबी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुखदेव पुत्र धीरज कुशवाहा निवासी मढियाकला, अमानगंज, जिला-पन्ना और पुष्पेन्द्र पुत्र लोटन प्रजापति निवासी टिकौरा मुड़ेरी, जिला-छतरपुर ने यह परीक्षा उत्तीर्ण की है। सुखदेव ने 300 में से 184 अंक हासिल किए, जबकि पुष्पेन्द्र को 198 अंक प्राप्त हुए। विशेष बात यह है कि दोनों छात्रों का यह दूसरा प्रयास था, जिसमें उन्होंने सफलता पाई। उन्होंने किसी कोचिंग संस्थान की सहायता लिए बिना स्वाध्याय के बलबूते यह उपलब्धि हासिल की है।

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दृढ़ संकल्प और मेहनत से मिली सफलता

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सुखदेव और पुष्पेन्द्र ने बताया कि वे मध्यम वर्गीय परिवारों से आते हैं और रोज़ाना लगभग 10 घंटे की पढ़ाई करते थे। उनके अनुसार, नियमित अध्ययन, समर्पण और आत्म-विश्वास ने उन्हें यह सफलता दिलाई।

बधाई और शुभकामनाएं
उनकी इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों, मित्रों और परिवारजनों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। उनकी सफलता ने यह साबित कर दिया कि यदि आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प हो, तो स्वाध्याय के दम पर भी बड़ी से बड़ी परीक्षा में सफलता प्राप्त की जा सकती है। 

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