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Chhatarpur: अंतिम संस्कार भी बना संघर्ष, बारिश में पन्नी तानकर करना पड़ा दाह संस्कार, तस्वीरें हुईं वायरल

Sun, 27 Jul 2025 06:16 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर Published by: आशुतोष प्रताप सिंह Updated Sun, 27 Jul 2025 06:16 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के मड़वा गांव में एक महिला के निधन के बाद अंतिम संस्कार के दौरान बारिश से बचने के लिए पन्नी और छतरी का सहारा लेना पड़ा। श्मशान घाट पर टीन शेड या कोई बुनियादी सुविधा नहीं होने के कारण ग्रामीणों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
 

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body was wrapped in foil to protect it from rain, mourners sitting under the trolley
बारिश में पन्नी तानकर करना पड़ा दाह संस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्य में विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच ज़मीनी हकीकत एक बार फिर बेनकाब हो गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो ने सरकारी दावों की पोल खोलकर रख दी है। मामला छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र के दो गांवों से सामने आया है, जहां एक तरफ लोगों को बारिश में शव का अंतिम संस्कार करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर मरीज को खाट पर लेकर कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ा।
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अंतिम यात्रा भी बनी चुनौती
कटहरा ग्राम पंचायत के मड़वा गांव में एक महिला रोशनी शर्मा की बीमारी से मृत्यु हो गई। बारिश के कारण शव का अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो गया। श्मशान घाट पर शेड नहीं होने की वजह से आग को बारिश से बचाने के लिए पन्नी और छतरी का सहारा लेना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि श्मशान घाट में बुनियादी सुविधाओं का वर्षों से अभाव है और कई बार सरपंच-सचिव से गुहार लगाने के बाद भी कोई समाधान नहीं मिला। बारिश में भीगते ग्रामीण ट्रैक्टर की ट्राली के नीचे बैठकर अंतिम संस्कार में शामिल होते दिखे।
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मरीज को खाट पर ले जाने की मजबूरी
दूसरी तस्वीर गौरिहार जनपद के हटवा ग्राम पंचायत से आई है, जहां पक्की सड़क न होने के कारण ग्रामीणों को मरीज को खाट पर उठा कर कीचड़ भरे रास्ते से ले जाना पड़ा। यह तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और प्रशासन की लापरवाही पर सवाल खड़े कर रही हैं।
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मानवीय संवेदनाओं को झकझोरती तस्वीरें
ग्रामीणों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। वर्षों से लगातार शिकायतें की जाती रही हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। अब भी हालात नहीं सुधरे हैं। ये तस्वीरें न केवल आधारभूत ढांचे की बदहाली दिखाती हैं, बल्कि मानवीय गरिमा को भी ठेस पहुंचाती हैं।

मंत्री ने विरोध को बताया राजनीतिक साजिश
वहीं इन घटनाओं पर चंदला विधानसभा से विधायक और राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने विरोध को राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि कुछ "कांग्रेसी मानसिकता" के लोग उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने यह भी दावा किया कि क्षेत्र में लगातार विकास कार्य चल रहे हैं, लेकिन जमीन पर उतरने में समय लग रहा है। मंत्री समर्थकों द्वारा सोशल मीडिया पर अनर्गल पोस्ट किए जाने पर उन्हें हटवाया भी गया, जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि क्षेत्र में बढ़ती नाराजगी मंत्री को भी विचलित कर रही है।

 
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