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Chhatarpur News: शिक्षिका नौकरी से बर्खास्त, तीन बच्चे होने के कारण गई नौकरी, सरकार से छिपाई थी जानकारी
Fri, 04 Apr 2025 02:54 PM IST
छतरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: छतरपुर ब्यूरो
Updated Fri, 04 Apr 2025 02:54 PM IST
सार
जांच के बाद 6 फरवरी 2025 को शिक्षिका रंजीता साहू को कारण बताओ नोटिस भेजा गया। लेकिन, विभाग को उनका जवाब असंतोषजनक लगा। इसके बाद संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग ने उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया।
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शिक्षिका रंजीता साहू नौकरी से बर्खास्त।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
छतरपुर जिले के समीप स्थित ग्राम धमौरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ माध्यमिक शिक्षिका रंजीता साहू को शासकीय सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। यह कार्रवाई उनके तीन बच्चे होने के कारण की गई है। उनकी बर्खास्तगी के आदेश सागर संभाग के लोक शिक्षण संयुक्त संचालक ने जारी किए हैं।
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जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 22 दिसंबर 2022 को शिक्षिका रंजीता साहू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रतिवेदन संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, सागर को भेजा था। 25 जुलाई 2023 को रंजीता साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। 14 अगस्त 2023 को शिक्षिका रंजीता ने जवाब दिया, लेकिन विभाग इससे संतुष्ट नहीं हुआ।
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इसके बाद विभाग की ओर से मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। जिसकी जांच रिपोर्ट में बताया गया कि शिक्षिका रंजीता साहू की 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान हुई थी। शिक्षिका ने तीसरी संतान के जन्म की जानकारी छिपाई और शासकीय सेवा में रहते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। इसे मध्यप्रदेश पंचायत संविदा शाला (नियोजन एवं संविदा की शर्त) नियम 2005 की अनुसूची-2 (ख)(9) का उल्लंघन माना गया।
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जांच के बाद 6 फरवरी 2025 को शिक्षिका रंजीता साहू को कारण बताओ नोटिस भेजा गया। लेकिन, विभाग को उनका जवाब असंतोषजनक लगा। इसके बाद संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग ने उनके कृत्य को नियमों का उल्लंघन मानते हुए उनकी शासकीय सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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जानकारी के अनुसार, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 22 दिसंबर 2022 को शिक्षिका रंजीता साहू के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रतिवेदन संयुक्त संचालक लोक शिक्षण, सागर को भेजा था। 25 जुलाई 2023 को रंजीता साहू को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। 14 अगस्त 2023 को शिक्षिका रंजीता ने जवाब दिया, लेकिन विभाग इससे संतुष्ट नहीं हुआ।
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इसके बाद विभाग की ओर से मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई। जिसकी जांच रिपोर्ट में बताया गया कि शिक्षिका रंजीता साहू की 26 जनवरी 2001 के बाद तीसरी संतान हुई थी। शिक्षिका ने तीसरी संतान के जन्म की जानकारी छिपाई और शासकीय सेवा में रहते हुए सरकारी योजनाओं का लाभ लिया। इसे मध्यप्रदेश पंचायत संविदा शाला (नियोजन एवं संविदा की शर्त) नियम 2005 की अनुसूची-2 (ख)(9) का उल्लंघन माना गया।
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जांच के बाद 6 फरवरी 2025 को शिक्षिका रंजीता साहू को कारण बताओ नोटिस भेजा गया। लेकिन, विभाग को उनका जवाब असंतोषजनक लगा। इसके बाद संयुक्त संचालक लोक शिक्षण सागर संभाग ने उनके कृत्य को नियमों का उल्लंघन मानते हुए उनकी शासकीय सेवा समाप्त करने का आदेश जारी कर दिया।

