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छतरपुर: नाव से नदी पार की फिर ट्रैक्टर से गांव पहुंचे अफसर, केन-बेतवा प्रभावितों के लिए लगा प्रशासन का कैंप
Thu, 10 Sep 2026 04:02 PM IST
छतरपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: छतरपुर ब्यूरो
Updated Thu, 10 Sep 2026 04:02 PM IST
सार
नदी पार कर ट्रैक्टर से खड़ियानी पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। केन-बेतवा परियोजना से प्रभावित गांव में लगे शिविर में स्वास्थ्य जांच के साथ सरकारी योजनाओं के लिए मौके पर ही आवेदन लिए गए।
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नाव से नदी पार की फिर ट्रैक्टर से गांव पहुंचे अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रशासन ने गांवों में पहुंचकर शिविर लगाने की पहल शुरू की है। इसी क्रम में ग्राम खारियानी में शिविर आयोजित किया गया। यहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं और पात्र हितग्राहियों से विभिन्न सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन लिए।
ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए प्रशासनिक टीम को मुश्किल रास्ता भी तय करना पड़ा। नवागत बिजावर एसडीएम ऋषिकेश ठाकरे विभागीय अधिकारियों के साथ पहले नाव से नदी पार कर गांव के नजदीक पहुंचे। इसके बाद ट्रैक्टर से ग्राम खारियानी पहुंचकर शिविर में शामिल हुए। एसडीएम ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाने के निर्देश दिए।
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शिविर में स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आयुष विभाग की टीम ने 41 लोगों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 33 लोगों की जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जरूरत के अनुसार ग्रामीणों को दवाइयां भी वितरित की गईं। शिविर में लाड़ली बहना योजना के 31 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं पशुपालन विभाग ने डेयरी, बकरी पालन और भैंस पालन से संबंधित योजनाओं के लिए 17 आवेदन लिए। इसके अलावा पेंशन योजना के 4 और बीपीएल से संबंधित 7 आवेदन भी प्राप्त हुए।
प्रशासन का कहना है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पुनर्वास, जनकल्याणकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवेदन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए दूर-दराज के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रभावित ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए ग्राम कुपी में भी शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहेंगे। वे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी प्राप्त करेंगे।
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ग्रामीणों तक पहुंचने के लिए प्रशासनिक टीम को मुश्किल रास्ता भी तय करना पड़ा। नवागत बिजावर एसडीएम ऋषिकेश ठाकरे विभागीय अधिकारियों के साथ पहले नाव से नदी पार कर गांव के नजदीक पहुंचे। इसके बाद ट्रैक्टर से ग्राम खारियानी पहुंचकर शिविर में शामिल हुए। एसडीएम ने ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और जरूरतों की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाने के निर्देश दिए।
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शिविर में स्वास्थ्य विभाग और आयुष विभाग की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। आयुष विभाग की टीम ने 41 लोगों और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 33 लोगों की जांच की। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद जरूरत के अनुसार ग्रामीणों को दवाइयां भी वितरित की गईं। शिविर में लाड़ली बहना योजना के 31 आवेदन प्राप्त हुए। वहीं पशुपालन विभाग ने डेयरी, बकरी पालन और भैंस पालन से संबंधित योजनाओं के लिए 17 आवेदन लिए। इसके अलावा पेंशन योजना के 4 और बीपीएल से संबंधित 7 आवेदन भी प्राप्त हुए।
प्रशासन का कहना है कि केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित क्षेत्रों में लगातार ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को पुनर्वास, जनकल्याणकारी योजनाओं और अन्य सुविधाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर ही आवेदन लेने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए दूर-दराज के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
प्रभावित ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के लिए ग्राम कुपी में भी शिविर आयोजित किया जाएगा। शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहेंगे। वे ग्रामीणों को योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों के आवेदन भी प्राप्त करेंगे।
