{"_id":"6203cc2965800b7b3043a0fc","slug":"chhatarpur-divyanshi-who-came-out-alive-from-the-borewell-reached-to-meet-the-collector-sought-residence-and-well","type":"story","status":"publish","title_hn":"छतरपुर: बोरवेल से जिंदा निकलने वाली दिव्यांशी पहुंची कलेक्टर से मिलने, मांगा आवास और कुआं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छतरपुर: बोरवेल से जिंदा निकलने वाली दिव्यांशी पहुंची कलेक्टर से मिलने, मांगा आवास और कुआं
Wed, 09 Feb 2022 07:44 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 09 Feb 2022 07:44 PM IST
सार
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में बोरवेल में गिरी बालिका ने बुधवार को कलेक्टर से मुलाकात की और प्रशासन के दिए आश्वासन के मुताबिक कुआं, आवास देने की मांग की।
विज्ञापन
दिव्यांशी के परिजनों ने कलेक्टर से मुलाकात की।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
छतरपुर जिले के नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में दिसंबर में दिव्यांशी बोरवेल में गिर गई थी, जिससे नवागत कलेक्टर ने प्रशासनिक एवं सेना की मदद एवं महकमे के सहयोग से सराहनीय कार्य कर बाहर निकाला था। दिव्यांशी अपनी मां के साथ कलेक्टर के यहां पहुंची और अपने पिता के नाम के साथ एक प्रार्थना पत्र सौंपा। जहां दिव्यांशी ने पिता के व्यवसाय के लिए कृषि संचालन मनरेगा योजना से कुआं खोदने एवं आवास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनवाने की मांग की। कलेक्टर ने आवेदन पर त्वरित कार्रवाई करते हुए आश्वासन दिया और साथ आई दिव्यांशी को दुलार करते हुए उसका हाल-चाल भी जाना।
कलेक्टर ने कहा फाइटर है दिव्यांशी, मौत से लड़कर जिंदा बचकर वापस निकली। कलेक्टर ने उसकी तबीयत का हाल जाना, उसे दुलार किया और कहा दिव्यांशी है तो सब ठीक होगा, फाइटर है ये।
विज्ञापन
बोरवेल मामला रहा चर्चित
गौरतलब है कि नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में मासूम बालिका दिव्यांशी अपने खेत में खुदे बोरवेल में खेलते हुए गिर गई थी, जिसे बमुश्किल भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
दिव्यांशी की मां रामसखी कुशवाहा की मानें यो बोर से निकलने के बाद शासन प्रशासन ने उसकी हरसंभव मदद करने की बात करते हुए कुआं खोदने, बंधिया डलवाने, बगीचा लगाने और कुटीर आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही थी। बावजूद इसके अब तक उसे कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। जिसके चलते वह छतरपुर जिला मुख्यालय आकर कलेक्टर से मिली जहां कलेक्टर ने आवेदन लेकर उसकी मदद का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन
कलेक्टर ने कहा फाइटर है दिव्यांशी, मौत से लड़कर जिंदा बचकर वापस निकली। कलेक्टर ने उसकी तबीयत का हाल जाना, उसे दुलार किया और कहा दिव्यांशी है तो सब ठीक होगा, फाइटर है ये।
विज्ञापन
विज्ञापन
बोरवेल मामला रहा चर्चित
गौरतलब है कि नौगांव थाना क्षेत्र के ग्राम दोनी में मासूम बालिका दिव्यांशी अपने खेत में खुदे बोरवेल में खेलते हुए गिर गई थी, जिसे बमुश्किल भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया। उस समय यह मामला काफी चर्चा में रहा था।
दिव्यांशी की मां रामसखी कुशवाहा की मानें यो बोर से निकलने के बाद शासन प्रशासन ने उसकी हरसंभव मदद करने की बात करते हुए कुआं खोदने, बंधिया डलवाने, बगीचा लगाने और कुटीर आवास योजना का लाभ दिलाने की बात कही थी। बावजूद इसके अब तक उसे कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराई गई। जिसके चलते वह छतरपुर जिला मुख्यालय आकर कलेक्टर से मिली जहां कलेक्टर ने आवेदन लेकर उसकी मदद का आश्वासन दिया है।
