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छतरपुर: शासकीय धनराशि का गबन करने वाले शिक्षक को 7 साल की कठोर कैद, एक हजार का जुर्माना भी लगाया
Sat, 18 Dec 2021 01:40 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, छतरपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 18 Dec 2021 01:40 PM IST
सार
शिक्षक द्वारा स्कूल के लिए प्राप्त शासकीय राशि का दुरुपयोग करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनीष शर्मा बिजावर की अदालत ने आरोपी गनपत सौर को 7 वर्ष की कठोर कैद के साथ 1000 रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।
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छतरपुर जिला न्यायालय
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
शिक्षक द्वारा स्कूल के लिए प्राप्त शासकीय राशि का दुरुपयोग करने के मामले में कोर्ट ने फैसला दिया। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनीष शर्मा बिजावर की अदालत ने आरोपी गनपत सौर को 7 वर्ष की कठोर कैद के साथ 1000 रुपये के जुर्माना की सजा सुनाई।
मीडिया सेल प्रभारी ने बताया कि गनपत सौर, गुरुजी प्राथमिक शाला बसंतपुरा के द्वारा शासन से प्राप्त राशि का दुरुपयोग करने के संबंध में शिकायत मिली थी। इसकी जांच फरियादी सरस्वती प्रसाद तिवारी, बी.आर.सी.सी. ब्लॉक बकस्वाहा ने जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र बकस्वाहा तथा ए.पी.सी.(एफ) ने मिलकर की थी। जांच के दौरान स्कूल से प्राप्त रिकॉर्ड एवं सांख्यिकियों के आधार पर पाया गया था कि वर्ष 2011 से 2014 के बीच प्राथमिक शाला बसंतपुरा के लिए खाते में 2,19,921/- रुपये की राशि प्राप्त हुई जिसमें से 24,300/- रुपये का आरोपी ने वैद्यानिक व्यय वाउचर प्रस्तुत किया। शेष 1,88,528/- रुपये का विवरण प्रस्तुत नहीं किया। जिसके फलस्वरूप आरोपी के विरुद्ध थाना बाजना में अपराध पंजीबद्ध किया गया और विवेचना उपरांत मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक/एडीपीओ अजय मिश्रा ने पैरवी करते हुए अभियोजन का पक्ष रखा। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनीष शर्मा की अदालत ने गनपत सौर को दोषी ठहराया। धारा 409, 468 एवं 477 (क) भादवि में 7-7 वर्ष का कठोर कारावास के साथ एक-एक हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है।
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मीडिया सेल प्रभारी ने बताया कि गनपत सौर, गुरुजी प्राथमिक शाला बसंतपुरा के द्वारा शासन से प्राप्त राशि का दुरुपयोग करने के संबंध में शिकायत मिली थी। इसकी जांच फरियादी सरस्वती प्रसाद तिवारी, बी.आर.सी.सी. ब्लॉक बकस्वाहा ने जिला परियोजना समन्वयक, जिला शिक्षा केन्द्र बकस्वाहा तथा ए.पी.सी.(एफ) ने मिलकर की थी। जांच के दौरान स्कूल से प्राप्त रिकॉर्ड एवं सांख्यिकियों के आधार पर पाया गया था कि वर्ष 2011 से 2014 के बीच प्राथमिक शाला बसंतपुरा के लिए खाते में 2,19,921/- रुपये की राशि प्राप्त हुई जिसमें से 24,300/- रुपये का आरोपी ने वैद्यानिक व्यय वाउचर प्रस्तुत किया। शेष 1,88,528/- रुपये का विवरण प्रस्तुत नहीं किया। जिसके फलस्वरूप आरोपी के विरुद्ध थाना बाजना में अपराध पंजीबद्ध किया गया और विवेचना उपरांत मामला न्यायालय में प्रस्तुत किया।
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अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक/एडीपीओ अजय मिश्रा ने पैरवी करते हुए अभियोजन का पक्ष रखा। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश मनीष शर्मा की अदालत ने गनपत सौर को दोषी ठहराया। धारा 409, 468 एवं 477 (क) भादवि में 7-7 वर्ष का कठोर कारावास के साथ एक-एक हजार रुपए के जुर्माना की सजा सुनाई है।
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