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मध्यप्रदेश: फर्जी सर्कुलेशन दिखाकर सरकार को लगाया चूना, तीन अखबारों के खिलाफ सीबीआई केस
Thu, 07 Oct 2021 11:15 PM IST
सुरेंद्र जोशी
पीटीआई, भोपाल
पीटीआई, भोपाल
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Thu, 07 Oct 2021 11:15 PM IST
सार
इन अखबार मालिकों व प्रशासकों के खिलाफ जबलपुर में केस दर्ज किया गया है। चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की फर्जी रिपोर्ट के आधार पर इन अखबारों को डीएवीपी से पिछले कई वर्षों से लाखों रुपये के विज्ञापन मिल रहे थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : amar ujala
विस्तार
केंद्रीय जांच ब्यूरो (cbi) ने फर्जी प्रसार संख्या के आधार पर लाखों रुपये के सरकारी विज्ञापन हासिल करने के मामले में मध्यप्रदेश के तीन अखबार मालिकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इन अखबार मालिकों में दो सिवनी के और एक जबलपुर के हैं।
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सीबीआई की वेबसाइट पर अपलोड की गई प्राथमिकी के अनुसार, तीन अखबारों के प्रकाशकों/ मालिकों के खिलाफ चार अक्तूबर को जबलपुर में मामला दर्ज किया गया। शिकायतकर्ता हिमांशु कौशल ने इस साल 13 अगस्त को सीबीआई के जबलपुर कार्यालय में आवेदन देकर इन अखबार मालिकों के खिलाफ आपराधिक साजिश, जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे।
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कौशल ने अपनी शिकायत में कहा कि अखबारों के प्रसार के संबंध में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स की फर्जी रिपोर्ट के आधार पर इन अखबारों को भारत सरकार की एजेंसी विज्ञापन और दृश्य प्रचार निदेशालय (davp) पिछले कई वर्षों से लाखों रुपये के विज्ञापन मिल रहे थे। डीएवीपी अब आउटरीच एंड कम्युनिकेशन ब्यूरो (boc) के तौर पर जाना जाता है।
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प्राथमिकी में कहा गया है कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि ये तीनों दैनिक समाचार पत्र छोटी श्रेणी के समाचार पत्र थे, लेकिन उन्होंने अपनी फर्जी प्रसार संख्या दिखाकर मध्यम श्रेणी में पंजीकरण करा लिया था। इसके पीछे कारण यह है कि छोटे और मध्यम श्रेणी के समाचार पत्रों के लिए विज्ञापन दरें अलग-अलग हैं और मध्यम श्रेणी के लिए बजट का प्रावधान लगभग दोगुना है।
सीबीआई ने कहा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में आरोपियों द्वारा आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों का असली दस्तावेजों के तौर पर इस्तेमाल करने और आपराधिक कदाचार के उद्देश्य से जालसाजी के अपराधों का खुलासा किया गया है। इसलिए उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
