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हैवानियत: 12 साल के बच्चे को पहले लोहे की रॉड से पीटा फिर रस्सी से गला दबाकर मार डाला, वजह भी हैरान करने वाली
Tue, 23 Jun 2026 08:15 PM IST
Dinesh Sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बैतूल
Published by: Dinesh Sharma
Updated Tue, 23 Jun 2026 08:15 PM IST
सार
बैतूल के मुलताई में 12 वर्षीय अंकुश आहके की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अंधविश्वास और जादू-टोने के शक में आरोपियों ने बच्चे को बहाने से बुलाकर लोहे की रॉड से हमला किया और गला घोंटकर हत्या कर दी। शव जंगल में फेंक दिया गया था।
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बैतूल में 12 साल के बच्चे की हत्या का खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बैतूल जिले के मुलताई थाना पुलिस ने एक बच्चे के अपहरण के बाद जंगल में हत्या के सनसनीखेज मामले का त्वरित खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर मुलताई मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। सूचना मिलती ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को समझाइश दी और आरोपियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, इसके बाद चक्का जाम खत्म हुआ।
खेलने के बहाने ले गया था आरोपी
बता दें, 22 जून को संगीता पति सद्दू आहके निवासी ग्राम ताईखेड़ा थाना मुलताई ने रिपोर्ट की थी कि उसका 12 वर्षीय नाबालिग पुत्र अंकुश आहके 20 जून की दोपहर लगभग तीन बजे से लापता है। उन्होंने बताया था कि गांव ताईखेड़ा के ही निवासी सुदामा पिता मोहन इनवाती ने उसके बेटे अंकुश अहाके को खेलने के बहाने घर से अपने साथ ले गया था। उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। रिपोर्ट पर थाना मुलताई में धारा 137 (2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी मुलताई एसके सिंह के निर्देशन में तथा थाना प्रभारी मुलताई विकास पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर गुमशुदा बालक की तलाश शुरू की गई एवं विभिन्न संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन शुरू की गई।
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पूछताछ के दौरान हत्या की बात कबूल की
विवेचना के दौरान संदेही सुदामा पिता मोहन इनवाती, उम्र 18 वर्ष तीन माह, निवासी ताईखेड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह गहराने पर उससे पूछताछ की गई जिसमें उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथी राकेश पिता रमेश उइके, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम ताईखेड़ा थाना मुलताई के साथ मिलकर नाबालिग अंकुश आहके की हत्या कर दी है।
लोहे की रॉड से पीटा, रस्सी से गला दबाकर मार डाला
आरोपी ने बताया कि दोनों को अंधविश्वास एवं जादू-टोने का संदेह था। इसी संदेह के चलते योजनाबद्ध तरीके से अंकुश को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर एवं रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के पश्चात साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को बोरी में बांधकर ग्राम सालईढाना के जंगल स्थित नाले में फेंक दिया।
आरोपी सुदामा पिता मोहन इनवाती के बयान एवं निशानदेही पर दूसरे आरोपी राकेश उइके को हिरासत में लिया गया। राकेश द्वारा भी अपराध स्वीकार करते हुए शव छिपाने के स्थान की जानकारी दी गई। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने जंगल में नाले से बोरी में बंधा शव बरामद किया, जिसकी पहचान मृतक अंकुश आहके के रूप में उसके परिजनों द्वारा की गई। विवेचना के दौरान हत्या के साक्ष्य मिलने पर धारा 103(1), 3(5) बीएनएस का इजाफा किया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
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खेलने के बहाने ले गया था आरोपी
बता दें, 22 जून को संगीता पति सद्दू आहके निवासी ग्राम ताईखेड़ा थाना मुलताई ने रिपोर्ट की थी कि उसका 12 वर्षीय नाबालिग पुत्र अंकुश आहके 20 जून की दोपहर लगभग तीन बजे से लापता है। उन्होंने बताया था कि गांव ताईखेड़ा के ही निवासी सुदामा पिता मोहन इनवाती ने उसके बेटे अंकुश अहाके को खेलने के बहाने घर से अपने साथ ले गया था। उसके बाद से वह वापस नहीं लौटा। रिपोर्ट पर थाना मुलताई में धारा 137 (2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। बैतूल के पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए एसडीओपी मुलताई एसके सिंह के निर्देशन में तथा थाना प्रभारी मुलताई विकास पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर गुमशुदा बालक की तलाश शुरू की गई एवं विभिन्न संभावित स्थानों पर सघन खोजबीन शुरू की गई।
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पूछताछ के दौरान हत्या की बात कबूल की
विवेचना के दौरान संदेही सुदामा पिता मोहन इनवाती, उम्र 18 वर्ष तीन माह, निवासी ताईखेड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर संदेह गहराने पर उससे पूछताछ की गई जिसमें उसने खुलासा किया कि उसने अपने साथी राकेश पिता रमेश उइके, उम्र 36 वर्ष, निवासी ग्राम ताईखेड़ा थाना मुलताई के साथ मिलकर नाबालिग अंकुश आहके की हत्या कर दी है।
लोहे की रॉड से पीटा, रस्सी से गला दबाकर मार डाला
आरोपी ने बताया कि दोनों को अंधविश्वास एवं जादू-टोने का संदेह था। इसी संदेह के चलते योजनाबद्ध तरीके से अंकुश को घर से बुलाकर अपने साथ ले गए। इसके बाद दोनों आरोपियों ने लोहे की रॉड से हमला कर एवं रस्सी से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के पश्चात साक्ष्य छिपाने की नीयत से शव को बोरी में बांधकर ग्राम सालईढाना के जंगल स्थित नाले में फेंक दिया।
आरोपी सुदामा पिता मोहन इनवाती के बयान एवं निशानदेही पर दूसरे आरोपी राकेश उइके को हिरासत में लिया गया। राकेश द्वारा भी अपराध स्वीकार करते हुए शव छिपाने के स्थान की जानकारी दी गई। दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने जंगल में नाले से बोरी में बंधा शव बरामद किया, जिसकी पहचान मृतक अंकुश आहके के रूप में उसके परिजनों द्वारा की गई। विवेचना के दौरान हत्या के साक्ष्य मिलने पर धारा 103(1), 3(5) बीएनएस का इजाफा किया गया है। मामले की विवेचना जारी है।
