मिलेगा इंसाफ?: लाचार वृद्धा हजार किमी दूर से पहुंची इंदौर, उखड़ती सांसें-नाक में डली नली भी नहीं रोक सकी राह
आठ साल से अपनी ही जमीन के लिए इंसाफ नहीं मिल पा रहा। पुलिस से शिकायत में कोई हल नहीं निकला, आरोप हैै कि दोबारा गुहार लगाई तो भी मामला बंद कर दिया गया। अब एक बुजुर्ग बीमार महिला को एक हजार किलोमीटर दूर से गुहार लगाने एंबुलेंस में आना पड़ा। पढ़िए पूरा मामला...
विस्तार
इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को प्रशासन की उदासीनता और संवेदनहीनता का चेहरा सामने आया। आठ साल से अपनी ही जमीन के लिए गुहार लगा-लगाकर थक चुकी वृद्धा आज एंबुलेंस में जिस हालत में पहुंची, वो हालत दिल दहला देने वाली थी। उसके अपनों ने तो उसे दगा दिया ही, प्रशासन की धीमी प्रक्रिया भी उसे मार रही है।
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पहले समझें मामला क्या है?
बताया जा रहा है कि 80 वर्षीय अनीश फातिमा का इंदौर के गांधीनगर क्षेत्र में एक प्लॉट था। पति के निधन के बाद वह अपने परिजनों के पास उत्तर प्रदेश के बिजनौर चली गई थीं। इंदौर स्थित संपत्ति की देखरेख की जिम्मेदारी उन्होंने अपने परिचितों को सौंप दी थी। आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने गांधीनगर संस्था के अध्यक्ष फूलचंद पांडे के सहयोग से प्लॉट से संबंधित फर्जी दस्तावेज तैयार कर लिए और उन दस्तावेजों के आधार पर अनीश फातिमा का प्लॉट बेच दिया।
आरोप- पुलिस ने नहीं दिया साथ
जब बुजुर्ग महिला को इस मामले की जानकारी मिली, तो उन्होंने गांधीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि पुलिस ने केवल धोखाधड़ी (धारा 420) का मामला दर्ज कर औपचारिकता पूरी कर दी और मामले की गहराई से जांच नहीं की। इसके बाद उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से दोबारा शिकायत की, लेकिन जांच के बाद पुलिस ने मामला बंद कर दिया।
आखिर ऐसा कदम क्यों उठाना पड़ा?
बार-बार शिकायत के बाद भी सुनवाई नहीं होने से तंग आकर मंगलवार को 80 वर्षीय अनीश फातिमा इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं। उनकी पीड़ा का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि उन्हें एंबुलेंस से अपनी शिकायत लेकर जनसुनवाई में आना पड़ा। उनकी नाक में नली डली थी। वे ठीक से बोल नहीं पा रही थीं, पर उनकी लड़खड़ाती जबान पर उनका दर्द साफ समझा जा सकता था। इधर, जब इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बुजुर्ग महिला को एंबुलेंस से कार्यालय पहुंचते देखा, तो उन्होंने अपनी गाड़ी रुकवाकर उनकी समस्या के बारे में जानकारी ली। साथ ही परिजनों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत का जल्द निराकरण किया जाएगा।
तय किया एक हजार किलोमीटर का सफर
वृद्ध महिला की बेटी व दामाद को जब पता चला कि शिकायत पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, तो वे एक हजार किलोमीटर का सफर एम्बुलेंस में तय कर पहुंचे और परिजनों ने जनसुनवाई में शिकायत की। परिजनों का कहना है कि बात सिर्फ प्लॉट की नहीं, उनके पति की निशानी की है। बात इंसाफ की है। परिजन और वकीलों ने बताया कि महिला के भतीजे व अन्य रिश्तेदारों ने फर्जी कागजात तैयार कर प्लॉट पर कब्जा कर लिया। इसके लिए उन्होंने गांधी नगर सोसायटी के कुछ पदाधिकारियों की मदद भी ली। इसके बाद प्लॉट पर कब्जा कर लिया।
आठ साल से नहीं हो रही सुनवाई
प्लॉट पर आठ साल से कब्जा है, जबकि अनीश फातिमा के नाम प्लॉट की रजिस्ट्री भी है और उनके नाम नामांतरण भी है। कई बार इस मामले में शिकायत की, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसके बाद बीमार अवस्था में ही इंदौर लाने का फैसला लिया गया। कलेक्टर ने दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
