कैलाश विजयवर्गीय का दावा- झाबुआ सीट जीते तो मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बदल देंगे
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मध्यप्रदेश की झाबुआ विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने दावा किया है कि अगर भाजपा यहां से जीती, तो मुख्यमंत्री बदल देंगे। उन्होंने कहा कि जनता अगर यहां से हमें जीत दिलाती है, तो मैं गारंटी देता हूं कि हम(भाजपा) प्रदेश का मुख्यमंत्री बदल देंगे।
Kailash Vijayvargiya,BJP General Secretary: If people make us win Jhabua assembly bypoll, then I guarantee that we will change the Chief Minister of the state. #MadhyaPradesh (13.10.19) pic.twitter.com/GeNucYgdRl
— ANI (@ANI) October 14, 2019विज्ञापन
रविवार को झाबुआ में पार्टी प्रत्याशी भानु भुरिया के पक्ष में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे भाजपा के वरिष्ठ नेता विजयवर्गीय ने कहा कि यह उपचुनाव प्रदेश की राजनीति के लिए अहम है, क्योंकि यह राज्य की कमलनाथ सरकार का भविष्य तय करेगा। राज्य की कमलनाथ सरकार की तकदीर का फैसला करने का जिम्मा यहां के मतदाताओं के हाथों में है।
विजयवर्गीय ने कहा कि यहां की जनता भाजपा को जिताए और वह राज्य की कमलनाथ सरकार को हटाने का जिम्मा लेते हैं। उन्होंने राज्य सरकार के कार्यों की आलोचना करते हुए कहा कि उसने अपने वादे के अनुरूप किसानों की कर्जमाफी नहीं की है।
उन्होंने कहा कि तत्कालीन अध्यक्ष राहुल गांधी ने 10 दिनों में दो लाख रुपयों तक की कर्जमाफी का वादा किया था और ऐसा नहीं होने पर मुख्यमंत्री को बदलने की बात कही थी। किसानों के कर्ज अभी तक माफ नहीं हुए हैं, यह बात ज्योतिरादित्य सिंधिया और अन्य कांग्रेस के नेता भी कह रहे हैं।
झाबुआ विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने जा रहा है। यहां के पूर्व विधायक जीएस डामोर बीते आम चुनाव 2019 में रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट से उम्मीदवार थे और उन्होंने इस सीट पर जीत दर्ज की थी। अब वह लोकसभा सांसद हैं। इस स्थिति में झाबुआ विधानसभा सीट पर उपचुनाव की स्थिति बनी।
आम चुनाव में भाजपा की जीत से कांग्रेस को मिली थी राहत
मालूम हो कि भाजपा ने लोकसभा चुनाव में 29 में से 28 सीटें जीत कर मध्यप्रदेश में कांग्रेस का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया था। सीएम कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ की जीत के साथ कांग्रेस केवल एक सीट (छिंदवाड़ा) निकाल पाई थी। सत्ता में रहते हुए प्रदेश में कांग्रेस की हुई शर्मनाक हार के बीच रतलाम-झाबुआ सीट पर भाजपा की जीत, कांग्रेस के लिए राहत लेकर आई थी। यहां से सांसद निर्वाचित हुए जीएस डामोर के विधायक पद से इस्तीफा देने के साथ ही कांग्रेस प्रदेश में स्पष्ट बहुमत वाली सरकार हो गई थी।
