अम्मा की विराट जीत, एमपी में भाजपा जीती
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मध्यप्रदेश की जिस गरोठ सीट पर वोट के लिए लालच देने के आरोपों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान घिरे हुए थे उस पर भाजपा ने जीत दर्ज कर ली है। भाजपा प्रत्याशी चदर सिंह सिसौदिया ने कांग्रेस प्रत्याशी सुभाष सोजतिया को 13 हजार से अधिक मतों से हराया।
मध्यप्रदेश के मंदसौर जिले की यह सीट भाजपा खासकर मुख्यमंत्री शिवराज के लिए नाक का प्रश्न बनी हुई थी। इस सीट पर 27 जून को उपचुनाव हुआ था। जिसके नतीजे आज घोषित किए गए।
उपचुनाव से पूर्व भी यह सीट भाजपा के पास ही थी लेकिन भाजपा विधायक राजेश यादव के निधन के बाद सीट रिक्त हो गई थी। राजेश यादव ने विधानसभा चुनावों में भी सोजतिया को मात दी।
वोट के लिए लालच देने के आरोपों में घिरे थे मुख्यमंत्री शिवराज
वहीं हाल में गरोठ सीट के उपचुनाव उस समय चर्चा में आ गए थे जब पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने एक ऑडियो जारी कर मुख्यमंत्री शिवराज चौहान पर चुनाव जीतने के लिए कार्यकर्ताओं को लालच देने का आरोप लगाया था।
दिग्विजय सिंह द्वारा जारी किए गए ऑडियो में शिवराज चौहान टिकट के दावेदार रहे राजेश चौधरी से कहते सुने जा रहे थे कि तुम सीट जितवाने में पूरी ताकत लगाओ मैं तुम्हे बाद में सम्मानित कर दूंगा। कांग्रेस ने इस मामले की शिकायत चुनाव आयोग से भी की थी।
इसके बाद से ही इस सीट पर दोनों पार्टियों में घमासान मचा हुआ था। कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह सहित तमाम बड़े नेताओं ने सभा कर सीट जीतने के लिए पूरा जोर लगा दिया था वहीं भाजपा ने भी इसे नाक का प्रश्न बना लिया था। भाजपा प्रत्याशी की जीत के साथ ही भाजपा और मुख्यमंत्री ने राहत की सांस ली होगी।
आरकेनगर सीट पर डेढ़ लाख वोटों से जीती जयललिता
इसके अलावा तमिलनाडु की आरके नगर विधानसभा सीट पर मुख्यमंत्री जे जयललिता ने बड़ी जीत दर्ज की है। आज सुबह शुरू हुई मतगणना के अनुसार अन्नाद्रमुख सुप्रीमो ने पहले दौर की गणना में दस हजार वोट पाए जबकि उनके विरोधी महेन्द्रन को मात्र 900 वोट मिले।
मतगणना के दूसरे दौर के दौरान जयललिता को 20,390 वोट मिले जबकि भाकपा उम्मीदवार को एक हजार 647 वोट मिले। जयललिता ने इस सीट पर महेन्द्रन को लगभग डेढ़ लाख वोटों से हरा दिया। बता दें कि भ्रष्टाचार के आरोपों में सजा होने के बाद मुख्यमंत्री जे जयललिता को पद के साथ साथ विधानसभा की सदस्यता से भी हाथ धोना पड़ा था।
बाद में कर्नाटक हाइकोर्ट से सभी आरोपों से बरी होने के बाद वो दोबारा मुख्यंत्री चुनी गई थीं। इस सीट पर भी उपचुनाव 27 जून को हुआ था जिसमें रिकार्ड 75 फीसदी वोट पड़े थे। जयललिता पहली बार इस सीट से चुनाव लड़ रही हैं। उनकी पार्टी के विधायक पी वेत्रीवल ने उनके लिए इस्तीफा देकर यह सीट खाली कर दी थी।
