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एमपी में बारिश बिगाड़ेगी मौसम का खेल?: अगले सप्ताह पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, रात में लुढ़का पारा

Sun, 25 Oct 2026 07:11 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sun, 25 Oct 2026 07:11 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में दिवाली से पहले मौसम फिर बदलने वाला है। 28 अक्टूबर को शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। इससे पहले तीन दिन मौसम साफ रहने का अनुमान है। प्रदेश में रात का तापमान गिरने से ठंडक बढ़ गई है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री दर्ज किया गया। इस साल प्रदेश में सामान्य से करीब चार प्रतिशत कम बारिश हुई है।

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Will rain disrupt the weather in MP?: Heavy rainfall warning issued for five districts next week; night temper
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मध्य प्रदेश में दिवाली से पहले मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। फिलहाल प्रदेश में अगले तीन दिन बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन 28 अक्टूबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में नया मौसम तंत्र असर दिखा सकता है। मौसम विभाग ने शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। कई अन्य जिलों में गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी और बादल छाने के आसार हैं। दूसरी ओर, प्रदेश में रात का तापमान गिरने से ठंडक बढ़ने लगी है। कटनी के करौंदी में न्यूनतम तापमान 12.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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तीन दिन मौसम साफ, फिर बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र आगे मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल सकता है। इसके प्रभाव से 28 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि कई जिलों में हल्की बारिश, गरज-चमक और बादल छाने की स्थिति बनेगी। ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। वहीं भोपाल, इंदौर, नर्मदापुरम और उज्जैन संभाग में मौसम साफ रहने और दिन में धूप निकलने का अनुमान है।
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रात में बढ़ी ठंडक, करौंदी सबसे ठंडा
बारिश का हालिया दौर थमने के बाद प्रदेश के कई इलाकों में रात का तापमान नीचे आया है। कटनी के करौंदी में पारा 12.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इंदौर में न्यूनतम तापमान 13.4 डिग्री, अमरकंटक में 13.6 डिग्री, दमोह और पचमढ़ी में 14 डिग्री तथा शाजापुर और बैतूल में 14.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन के तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है। अमरकंटक, मलाजखंड, शिवपुरी, बैतूल और पचमढ़ी में अधिकतम तापमान 27.4 से 29.4 डिग्री सेल्सियस के बीच रहा। हालांकि कुछ इलाकों में दिन का पारा 34 डिग्री के आसपास बना हुआ है। रायसेन में रात का तापमान 20 डिग्री से घटकर 16 डिग्री पर आ गया, जबकि दिन का अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री दर्ज किया गया।
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अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में बारिश और ठंड दोनों
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में अक्टूबर के दौरान बारिश, गर्मी और ठंड तीनों तरह की स्थितियां देखने को मिली हैं। इस बार भी मौसम का यही मिला-जुला मिजाज बना हुआ है। महीने की शुरुआत में धूप और गर्मी का असर रहा, जबकि रातें ठंडी होने लगी हैं। बीच-बीच में सक्रिय हो रहे मौसम तंत्र बारिश करा रहे हैं। प्रदेश से तीन अक्टूबर को मानसून की विदाई हो चुकी है। इसके बावजूद पिछले दिनों पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर चला। लगातार कई दिन बारिश होने के बाद शनिवार को गतिविधियां थम गईं। अब 28 अक्टूबर को नए सिस्टम के असर से बारिश की वापसी का अनुमान है।

पूरे मानसून में चार प्रतिशत कम बारिश
इस साल मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा। इसके बावजूद प्रदेश में सामान्य से लगभग चार प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश में औसत बारिश का सामान्य आंकड़ा 37.3 इंच है। मौसम विभाग के अनुसार, जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार आया, लेकिन मानसून में दो बार लंबे ब्रेक आने के कारण जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का कोटा पूरा होने के बावजूद पूरे सीजन का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।


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पूर्वी हिस्से में ज्यादा, पश्चिमी मध्य प्रदेश में कमी
बारिश के आंकड़ों में पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में कुल बारिश का आंकड़ा सामान्य से करीब चार प्रतिशत अधिक बताया गया है। हालांकि बालाघाट, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी जैसे जिलों में अब भी पांच से 21 प्रतिशत तक कमी दर्ज की गई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में स्थिति ज्यादा कमजोर रही। आलीराजपुर, अशोकनगर, बड़वानी, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से नौ से 51 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो चुका है, जबकि बाकी 30 जिलों में कमी रही। ऐसे में अक्टूबर के आखिरी दिनों में सक्रिय होने वाला मौसम तंत्र बारिश के लिहाज से अहम रहेगा। 

 
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