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Bhopal: स्टोरियन बन जाते हैं हम हिस्टोरियन नहीं बन पा रहे, भोपाल हिस्ट्री फोरम कार्यक्रम में इतिहास पर चर्चा
Fri, 24 May 2024 11:11 AM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, भोपाल
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 24 May 2024 11:11 AM IST
सार
कार्यक्रम के मेहमान साहित्यकार इकबाल मसूद ने कहा कि हमारी तवारीख (इतिहास) हमारी शिनाख्त है। इससे ही हम जिंदा भी हैं और आगे भी बढ़ रहे हैं। इसलिए इतिहास को संजोए रखने की ईमानदार कोशिश की जाना चाहिए।
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कार्यक्रम के लिए जुटे मेहमान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
बेहद सादगी और चुनिंदा लोगों से सजा एक कार्यक्रम, लेकिन इसके संक्षिप्त होने ने आयोजन का उद्देश्य छोटा नहीं होने दिया। शहर की बावकार शख्सियतें एक छत के नीचे जमा होकर उनका शुक्रिया अदा करती दिखाई दीं, जिन्होंने भोपाल के इतिहास को चंद पन्नों में समेटने में अपना योगदान दिया है।
कार्यक्रम का आयोजन शहर के साहित्यकार साजिद हसन ने किया था। भोपाल रियासत का इतिहास लिखने वाले एडवोकेट शाहनवाज खान को खास तौर से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें भी याद रखा गया, जिन्होंने इस काम में खास मदद की है। फौजिया शबीन, अशहर किदवई, खालिद मोहम्मद खान, रिजवान उद्दीन अंसारी को इस किताब को मुकम्मल आकार देने में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
तवारीख हमारी शिनाख्त है
कार्यक्रम के मेहमान साहित्यकार इकबाल मसूद ने कहा कि हमारी तवारीख (इतिहास) हमारी शिनाख्त है। इससे ही हम जिंदा भी हैं और आगे भी बढ़ रहे हैं। इसलिए इतिहास को संजोए रखने की ईमानदार कोशिश की जाना चाहिए। इस मौके पर शहर के मशहूर आर्किटेक्ट एसएम हुसैन ने कहा कि हिस्ट्री को आसान और रुचिकर विषय बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसमें कलमकार बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। शहर की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रजिया हामिद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे सरवत जैदी ने अपने खूबसूरत अंदाज से श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम में इतिहासकार खालिद गनी, पूर्व पार्षद मोहम्मद माहिर खान, सुजात हुसैन, कलीम अख्तर,
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तसनीम राजा, डॉ मुबारक शाहीन, शमीम हयात आदि मौजूद थे।
इस मौके पर आयोजन संस्था ने पत्रकार सलमान खान, फरहान खान और खान आशु को पुष्प माला से सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान भोपाल रियासत के इतिहास लिखने वाले एडवोकेट शाहनवाज खान ने कहा कि यह संभवतः पहली ऐसी किताब होगी, जिसकी बिक्री पहले ही दिन से शुरू हो गई थी। इसकी प्रसिद्धि का यह आलम है कि विदेशों से लेकर देश के हर शहर से इसकी मांग आ रही है। उन्होंने बताया कि पुस्तक को अंग्रेजी सहित कई अन्य भाषाओं में ट्रांसलेट कर प्रकाशित करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि यह अधिक लोगों तक पहुंच सके। कार्यक्रम का समापन साजिद हसन के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट)
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कार्यक्रम का आयोजन शहर के साहित्यकार साजिद हसन ने किया था। भोपाल रियासत का इतिहास लिखने वाले एडवोकेट शाहनवाज खान को खास तौर से सम्मानित किया गया। इस दौरान उन्हें भी याद रखा गया, जिन्होंने इस काम में खास मदद की है। फौजिया शबीन, अशहर किदवई, खालिद मोहम्मद खान, रिजवान उद्दीन अंसारी को इस किताब को मुकम्मल आकार देने में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
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तवारीख हमारी शिनाख्त है
कार्यक्रम के मेहमान साहित्यकार इकबाल मसूद ने कहा कि हमारी तवारीख (इतिहास) हमारी शिनाख्त है। इससे ही हम जिंदा भी हैं और आगे भी बढ़ रहे हैं। इसलिए इतिहास को संजोए रखने की ईमानदार कोशिश की जाना चाहिए। इस मौके पर शहर के मशहूर आर्किटेक्ट एसएम हुसैन ने कहा कि हिस्ट्री को आसान और रुचिकर विषय बनाने के प्रयास किए जाने चाहिए। इसमें कलमकार बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। शहर की वरिष्ठ साहित्यकार डॉ रजिया हामिद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन कर रहे सरवत जैदी ने अपने खूबसूरत अंदाज से श्रोताओं को बांधे रखा। कार्यक्रम में इतिहासकार खालिद गनी, पूर्व पार्षद मोहम्मद माहिर खान, सुजात हुसैन, कलीम अख्तर,
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तसनीम राजा, डॉ मुबारक शाहीन, शमीम हयात आदि मौजूद थे।
इस मौके पर आयोजन संस्था ने पत्रकार सलमान खान, फरहान खान और खान आशु को पुष्प माला से सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान भोपाल रियासत के इतिहास लिखने वाले एडवोकेट शाहनवाज खान ने कहा कि यह संभवतः पहली ऐसी किताब होगी, जिसकी बिक्री पहले ही दिन से शुरू हो गई थी। इसकी प्रसिद्धि का यह आलम है कि विदेशों से लेकर देश के हर शहर से इसकी मांग आ रही है। उन्होंने बताया कि पुस्तक को अंग्रेजी सहित कई अन्य भाषाओं में ट्रांसलेट कर प्रकाशित करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि यह अधिक लोगों तक पहुंच सके। कार्यक्रम का समापन साजिद हसन के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।
(भोपाल से खान आशु की रिपोर्ट)
