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MP News: व्यापमं के व्हिसलब्लोअर आनंद राय को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, दो महीने से थे जेल में
Fri, 13 Jan 2023 01:53 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली/भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Fri, 13 Jan 2023 01:53 PM IST
सार
व्यापमं घोटाले में व्हिसलब्लोअर और जय आदिवासी युवा शक्ति संगठन के नेता डॉ. आनंद राय को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है। उन पर सांसद डामोर एवं अन्य अधिकारियों पर हमले का आरोप था।
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डॉ. आनंद राय
- फोटो : Facebook
विस्तार
सुप्रीम कोर्ट ने व्यापमं घोटाले के व्हिसलब्लोअर डॉ. आनंद राय को जमानत दे दी है। उन पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अधिनियम (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत आरोप थे। मामला रतलाम-झाबुआ सांसद गुमानसिंह डामोर के वाहन पर हमले से जुड़ा है। इस सिलसिले में डॉ. आनंद राय 15 नवंबर से जेल में बंद थे।
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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस डीवाय चंद्रचूड की अध्यक्षता वाली बैंच ने ट्रायल कोर्ट की नियम-शर्तों के आधार पर जमानत दी है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने आनंद राय की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। आनंद राय की ओर से पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने की, जबकि याचिका एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड सुमीर सोढ़ी ने दाखिल की थी।
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रतलाम में दर्ज हुआ था मामला
रतलाम जिले के बिलपांक में विकास पारगी ने आईपीसी की धारा 294, 341, 353, 332, 146, 147, 336, 506 और एससी/एसटी एक्ट की धारा 3(1) (डी), 3(1) (एस) और 3(2) (ए) के तहत शिकायत दर्ज कराई थी। इस पर 15 नवंबर 2022 को एफआईआर हुई थी। आरोप है कि विकास बिरसा मुंडा जयंती समारोह से लौटते समय सांसद डामोर, विधायक और कलेक्टर के काफिले में पीछे थे। उन्हें जयस संगठन के कुछ कार्यकर्ताओं ने रोका और पथराव किया। इस वजह से कलेक्टर के गनमैन को चोटें आई थी। शिकायत में आनंद राय समेत 40-50 हमलावरों का नाम दर्ज था।
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राजनीतिक द्वेष के तहत दर्ज किया केस
डॉ. आनंद राय ने अपनी याचिका में कहा था कि उनके खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के तहत कोई स्पष्ट आरोप नहीं है। इसके बाद भी राजनीतिक द्वेष की वजह से यह एफआईआर दर्ज हुई और गिरफ्तार किया गया। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बैंच ने 12 दिसंबर को जमानत देने से इनकार कर दिया था। याचिका में आरोप लगाया था कि सरकार और अधिकारी व्यापमं घोटाले को उजागर करने का बदला ले रहे हैं और झूठा केस दर्ज किया गया है।
महू से चुनाव लड़ना चाहते हैं राय
डॉ. राय शासकीय सेवा में है, लेकिन वे विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने इंदौर की पांच नंबर विधानसभा सीट से दावेदारी जताई थी। तब कमलनाथ उन्हें टिकट देने को राजी भी हो गए थे, लेकिन बाद में सत्यनारायण पटेल का टिकट तय हुआ। डॉ. राय अब जयस में सक्रिय है। महू विधानसभा क्षेत्र से जयस के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ना चाहते हैं। उन्होंने महू-मानपुर क्षेत्र में आदिवासियों के साथ आंदोलन भी किए हैं। जयस के कार्यक्रम में रतलाम में थे, जब पुलिस ने उन्हें गिरप्तार किया था। स्वास्थ्य विभाग उन्हें निलंबित कर चुका है। पहले आंनद राय जयस नेता डॉ. हीरालाल अलावा के साथ थे, लेकिन आजकल उनसे भी राय की पटरी नहीं बैठ रही है। खुले तौर पर दोनों एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी करते हैं।
