फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Viral illness burden rises with weather change: 80 swine flu cases in Bhopal in a month; two deaths reported

मौसम बदला तो बढ़ा वायरल का दबाव: भोपाल में एक महीने में स्वाइन फ्लू के 80 मामले, दो की हो चुकी है मौत

Fri, 25 Sep 2026 06:17 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Fri, 25 Sep 2026 06:17 PM IST
सार

मौसम बदलते ही भोपाल में वायरल संक्रमण का दबाव बढ़ा है। एक महीने में करीब 80 स्वाइन फ्लू के मामले सामने आए हैं, जबकि प्रदेश में इस साल 350 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं। भोपाल में दो मरीजों की मौत हो चुकी है। 

विज्ञापन
Viral illness burden rises with weather change: 80 swine flu cases in Bhopal in a month; two deaths reported
स्वाइन फ्लू के लक्षण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

 मौसम में बदलाव के साथ राजधानी में वायरल और सांस से जुड़ी बीमारियों के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। स्वाइन फ्लू यानी एच1एन1 समेत कई रेस्पिरेटरी वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले एक महीने में भोपाल में स्वाइन फ्लू के करीब 80 मामले सामने आए हैं। इस दौरान दो मरीजों की मौत की भी जानकारी है। शहर के प्रमुख सरकारी अस्पतालों की ओपीडी में भी मौसमी बीमारी और वायरल संक्रमण का दबाव बढ़ा है। हमीदिया, जेपी अस्पताल और एम्स भोपाल की रोजाना ओपीडी में आने वाले मरीजों में करीब 30 प्रतिशत मरीज मौसमी बीमारी या वायरल संक्रमण से पीड़ित बताए जा रहे हैं। भोपाल सीएमएचओ डॉ. मनीश शर्मा ने गंभीर लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श लेने की सलाह दी है। उन्होने कहा है कि भीड़भाड़ वाली जगहों और अस्पतालों में मास्क लगाने, हाथों की सफाई रखने और लक्षण होने पर दूसरों से दूरी बनाए रखने से संक्रमण के प्रसार को कम किया जा सकता है। बिना डॉक्टर की सलाह के दवा, खासकर एंटीबायोटिक या एंटीवायरल, नहीं लेना चाहिए।
विज्ञापन


जांच में 20 प्रतिशत नमूने पॉजिटिव
भोपाल के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ रही। एम्स भोपाल में 6,136, हमीदिया में 3,786 और जेपी अस्पताल में 2,246 मरीज ओपीडी में पहुंचे। एम्स में जांच के लिए आने वाले नमूनों में करीब 20 प्रतिशत की रिपोर्ट पॉजिटिव मिल रही है। इनमें भोपाल के साथ दूसरे जिलों से जांच के लिए भेजे गए नमूने भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक सितंबर के शुरुआती दो सप्ताह में ही 46 मरीज मिले। प्रदेश में इस साल अब तक 350 से ज्यादा स्वाइन फ्लू के मामले सामने आ चुके हैं।
विज्ञापन


स्वाद-गंध कम होने से कोरोना का डर
वायरल संक्रमण के कई मरीजों में बुखार, खांसी, बदन दर्द के साथ स्वाद और गंध कम होने की शिकायत भी मिल रही है। इससे कोरोना संक्रमण को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है। चिकित्सकों के अनुसार, इस समय इंफ्लुएंजा और दूसरे रेस्पिरेटरी वायरस सक्रिय हैं। स्वाद और गंध कम होना केवल कोरोना का लक्षण नहीं है। किसी वायरस की पुष्टि के लिए जांच जरूरी है। मौसम बदलने के कारण कुछ मरीजों में बुखार, लगातार खांसी और कमजोरी लंबे समय तक बनी रह रही है। समय पर उपचार नहीं मिलने पर संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया का कारण बन सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढ़ें-गणेश विसर्जन आज: भोपाल में 1500 झांकियों के साथ निकलेगा चल समारोह, रात तक बदली रहेगी ट्रैफिक व्यवस्था


इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें
-अचानक तेज बुखार और सिरदर्द
- लगातार खांसी और गले में खराश
- शरीर में तेज दर्द, थकान और कमजोरी
- सांस लेने में परेशानी या सांस फूलना


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed