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अनोखी किताब : मुख्यमंत्री ने किया उज्जैन के पं. मुस्तफा आरिफ की पुस्तक ‘गीता भारती’ का विमोचन
Mon, 06 Apr 2026 10:02 PM IST
Anand Pawar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Anand Pawar
Updated Mon, 06 Apr 2026 10:02 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के पंडित मुस्तफा आरिफ की नई पुस्तक ‘गीता भारती’ का विमोचन किया। इसमें भगवद गीता के 700 श्लोकों को सरल हिंदी मुक्तकों में लिखा गया है, जिससे आम आदमी भी गीता का सार आसानी से समझ सके।
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सीएम यादव ने पं. मुस्तफा आरिफ की गीता भारती पुस्तक का विमाचन किया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने समत्व भवन में पंडित मुस्तफा आरिफ उज्जैन की नई पुस्तक ‘गीता भारती’ का विमोचन किया। इस पुस्तक में भगवद गीता के 700 संस्कृत श्लोकों को सरल हिंदी मुक्तकों (काव्य) के रूप में लिखा गया है। मुख्यमंत्री ने लेखक पंडित मुस्तफा आरिफ को इस अनोखे काव्य सृजन के लिए बधाई दी। लेखक पंडित मुस्तफा आरिफ ने बताया कि उन्होंने पहले कुरान शरीफ की 6666 आयतों पर 10 हजार हिंदी पद रचे थे। इसके बाद उन्हें परमात्मा की प्रेरणा से कर्म-आधारित धर्म ग्रंथों की ओर रुझान हुआ। श्रीमद भगवद्गीता के कर्म दर्शन से गहराई से प्रभावित होकर उन्होंने गीता के 700 श्लोकों को 786 हिंदी मुक्तकों में ढाल दिया।
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पुस्तक में गीता के मुख्य संदेश कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और मोक्ष को बहुत सरल और भावपूर्ण हिंदी मुक्तकों के जरिए समझाया गया है। भाषा इतनी आसान है कि आम आदमी भी गीता का सार आसानी से समझ सके। पंडित आरिफ का कहना है कि हिंदू और इस्लामी ग्रंथों में कई समानताएं हैं। दोनों ही ईश्वरीय प्रेरणा और सद्बुद्धि पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक सनातन हिंदू दर्शन को आत्मसात करने का नया अनुभव है और भारत की ‘अनेकता में एकता’ की परंपरा को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पुस्तक को सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
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पुस्तक में गीता के मुख्य संदेश कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग और मोक्ष को बहुत सरल और भावपूर्ण हिंदी मुक्तकों के जरिए समझाया गया है। भाषा इतनी आसान है कि आम आदमी भी गीता का सार आसानी से समझ सके। पंडित आरिफ का कहना है कि हिंदू और इस्लामी ग्रंथों में कई समानताएं हैं। दोनों ही ईश्वरीय प्रेरणा और सद्बुद्धि पर जोर देते हैं। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक सनातन हिंदू दर्शन को आत्मसात करने का नया अनुभव है और भारत की ‘अनेकता में एकता’ की परंपरा को आम लोगों तक पहुंचाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस पुस्तक को सनातन संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
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