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Ujjain Mahakal Lok: भूपेंद्र सिंह की कांग्रेस को चुनौती, भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध करें या माफी मांगे

Tue, 30 May 2023 07:55 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: रवींद्र भजनी Updated Tue, 30 May 2023 07:55 PM IST
सार

उज्जैन में श्री महाकाल महालोक में रविवार को आंधी-तूफान के बीच सप्तऋषि की मूर्तियों के गिरने के मसले ने तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश के नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने अब कांग्रेस को चुनौती दे डाली है। 
 

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Ujjain Mahakal Lok: Bhupendra Singh's challenge to Congress, prove corruption charges or apologize
भूपेंद्र सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उज्जैन में श्री महाकाल महालोक में रविवार को आंधी-तूफान की वजह से सप्तऋषि की सात में से छह मूर्तियां गिर गई थी। इस मामले को लेकर कांग्रेस शिवराज सिंह चौहान सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। इसका जवाब देने के लिए नगरीय विकास और आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह सामने आए। उन्होंने पत्रकार वार्ता में कांग्रेस को चुनौती दे दी कि वह अपने आरोप साबित करें या प्रदेश की जनता से माफी मांगे। 

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दरअसल, रविवार को आंधी-तूफान की वजह से महाकाल महालोक में आठ महीने पहले बनी कलाकृतियों को नुकसान पहुंचा है। कहा जा रहा है कि मूर्तियों को फाइबर और प्लास्टिक से बनाया गया है। इस वजह से वह 30 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार की हवाओं को सह नहीं सकी। हालांकि, मंत्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि 28 मई को उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र और आसपास दोपहर लगभग 3:30 से चार बजे के बीच तेज बारिश एवं आंधी के साथ बवंडर की स्थिति बनी थी। भारत मौसम विज्ञान विभाग भोपाल की रिपोर्ट के अनुसार उज्जैन जिले में 55 किमी प्रति घंटे की गति से हवा चलना बताया गया है। भूपेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस गंदी राजनीति कर रही है। कांग्रेस ने ऐसा कोई तथ्य पेश नहीं किया, जिसमें भ्रष्टाचार का प्रमाण मिलता हो। भ्रष्टाचार कह देने से भ्रष्टाचार सिद्ध नहीं होता है। कांग्रेस अगर भ्रष्टाचार की बात कर रही है तो दो बार तो उनके समय में ठेकेदारों को भुगतान हुआ। इसका मतलब यह है कि उन्होंने भ्रष्टाचार किया। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार किया होगा। हमारी सरकार में गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ काम हुआ है। इस तरह के आरोप लगाकर लोगों की धार्मिक भावनाओं को आहत करना कांग्रेस की पुरानी आदत है।  
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आरोपों पर मंत्री ने यह दी सफाई

  • मूर्तियों को हुए नुकसान परः श्री महाकाल महालोक में 100 से अधिक एफआरपी (फाइबर रीइंफोर्स पॉलीमर) की मूर्तियां स्थापित है। सप्त ऋषियों की मूर्तियों की ऊंचाई लगभग 11 फीट है। यह मूर्तियां रूद्रसागर, त्रिवेणी मण्डपम एवं कमल कुंड के बीच में स्थित है। जहां तेज आंधी एवं बारिश का बवंडर निर्मित हुआ और आंधी का प्रभाव रहा। सप्त ऋषियों की मूर्तियों में से 6 मूर्तियां पेडस्टल से अलग होकर नीचे गिर गईं। 10 फीट ऊंचाई से गिरने तथा लगभग तीन क्विंटल वजनी होने के कारण यह मूर्तियां क्षतिग्रस्त हो गई। 
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  • मूर्तियों के मटेरियल परः मूर्तियों के निर्माण में एफआरपी का उपयोग होता रहा है। महाराष्ट्र के पंढरपुर और शेगांव में, दिल्ली स्थित किंगडम ऑफ ड्रीम, अक्षरधाम मंदिर, कुरूक्षेत्र में, सिक्किम स्थित मंदिरों तथा बाली-इंडोनेशिया के धार्मिक स्थलों के साथ-साथ देश के अन्य स्थानों पर समय-समय पर मूर्तियों एवं प्रतिमाओं के निर्माण में एफआरपी का उपयोग होता है। इसी तर्ज पर श्री महाकाल महालोक में भी मूर्तियों के निर्माण में निविदा शर्तों के तहत एफआरपी का उपयोग किया गया। यह एफआरपी सामग्री थर्ड पार्टी निरीक्षण में गुणवत्तापूर्ण पाई गई थी। 
  • कांग्रेस के आरोपों परः महाकाल लोक परिसर के प्रथम चयण के कार्य की लागत 96.97 करोड़ रुपये थी। इसमें एफआरपी की 100 मूर्तियों के कार्य की लागत 7.75 करोड़ रुपये थी। इसका कार्यादेश कांग्रेस की सरकार के समय सात मार्च 2019 को किया गया था। 23 अगस्त 2019 को तत्कालीन कांग्रेस सरकार के माननीय मंत्री गण सज्जन सिंह वर्मा, पीसी शर्मा तथा जयवर्द्धन सिंह की संयुक्त बैठक में महाकाल लोक परिसर के कार्यों  का प्रस्तुतीकरण हुआ। शुरुआती दो भुगतान भी कांग्रेस के कार्यकाल में ही हुए थे। 
  • गुजरात की कंपनी से काम कराने परः मेसर्स एम.पी. बाबरिया के साथ डीएच पटेल एवं गायत्री इलेक्ट्रिकल के साथ अनुबंध तत्कालीन कांग्रेस शासनकाल में 7 मार्च 2019 को हुआ था। अनुबंध अग्रेजी में हैं। यह कहना सही नहीं है कि अनुबंध गुजराती भाषा में है। नोटरी की सील गुजराती में है क्योंकि कम्पनी ने स्टाम्प पेपर गुजरात से खरीदा है।  
  • आगे क्या होगाः ठेकेदार एक से दो हफ्ते में दोबारा मूर्तियां बनाएंगे और इंस्टॉल करेंगे। यह अनुबंध का हिस्सा है। पांच साल के लिए मेंटेनेंस ठेकेदार का है। इस वजह से अतिरिक्त भुगतान नहीं करना होगा। 
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