फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   Two main accused of ration scam of Indore arrested, rigging of more than 80 lakhs

इंदौर के राशन घोटाले के दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार, 80 लाख से ज्यादा की हेराफेरी

Sun, 24 Jan 2021 09:19 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sun, 24 Jan 2021 09:19 AM IST
विज्ञापन
Two main accused of ration scam of Indore arrested, rigging of more than 80 lakhs
hathkadi

मध्यप्रदेश के इंदौर के चर्चित राशन घोटाले के दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। जिला प्रशासन इन पर फरारी के दौरान ही राष्ट्रीय सुरक्षा कानून यानी रासुका लगा चुका है। इन पर कोविड-19 संकट के दौरान गरीबों का 79 लाख से ज्यादा का राशन हड़पने का आरोप है। इस घोटाले का मंगलवार को खुलासा करते हुए जिला प्रशासन ने 31 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई।

विज्ञापन


जिलाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि अप्रैल से लेकर दिसंबर 2020 के बीच शहर में उचित मूल्य की 12 सरकारी दुकानों के जरिये कुल 79 लाख चार हजार 479 रुपये का राशन गरीब वर्ग के लोगों को प्रदान करने के बजाय खुले बाजार में बेच दिया गया।  घोटाले के मुख्य आरोपियों के रूप में राशन दुकानदारों के एक संगठन के अध्यक्ष भरत दवे, श्याम दवे और प्रमोद दहीगुड़े की पहचान हुई है।  जिलाधिकारी ने बताया कि इन तीनों समेत कुल 31 लोगों के खिलाफ शहर के अलग-अलग पुलिस थानों में 10 प्राथमिकियां भी दर्ज कराई गई हैं। 
विज्ञापन


इंदौर की भवरकुआं पुलिस ने राशन घोटाले के फरार दोनों आरोपियों भरत दवे व श्याम दवे को अपनी गिरफ्त में लिया है। उनके दो साथी भी पकड़े गए हैं।  आरोपियों को पुलिस कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। भरत दवे व श्याम दवे पर जिला प्रसाशन ने रासुका की कार्यवाही भी की है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


राशन घोटाले के आरोपियों में उचित मूल्य की सरकारी दुकानों के कर्मचारियों के साथ ही जिले के तत्कालीन खाद्य नियंत्रक आरसी मीणा शामिल हैं। जिलाधिकारी मनीष सिंह के मुताबिक मीणा पर राशन माफिया से मिलीभगत के साथ ही यह आरोप भी है कि उन्होंने उनके कनिष्ठ अफसरों को इस घोटाले की सही जांच करने से रोका और उनका भविष्य खराब करने की धमकी दी।

उन्होंने बताया कि हितग्राहियों को यह जानकारी नहीं थी कि कोरोना काल में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत उनके लिए अलग से राशन भेजा गया है। इस अज्ञानता का फायदा उठाकर उचित मूल्य की सरकारी दुकानों से उन्हें यह राशन प्रदान नहीं किया गया और इसे दस्तोवजों के फर्जीवाड़े के जरिये खुले बाजार में बेच दिया गया।

सिंह ने बताया कि राशन माफिया ने उचित मूल्य की सरकारी दुकानों के कर्ता-धर्ताओं की मिली-भगत से गेहूं, चावल, नमक, शक्कर, चना दाल, तुअर दाल, साबुत चना और कैरोसीन की बड़ी खेप हड़प ली।
 
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की विस्तृत जांच जारी है और इंदौर के अलावा राज्य के अन्य जिलों से भी राशन घोटाले के तार जुड़े होने के संकेत मिल रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed