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लाल आतंक पर कसा शिकंजा: मध्यप्रदेश में नक्सल प्रभावित जिलों के लिए हाईलेवल एक्शन प्लान तैयार

Mon, 07 Apr 2025 08:53 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Mon, 07 Apr 2025 08:53 PM IST
सार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नक्सलवाद के खात्मे, पुलिस ऑपरेशनों की रणनीति, डायल 100 की स्थिति और तकनीकी अपग्रेडेशन, नए आपराधिक कानूनों की जागरूकता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा की। सीएम ने कहा कि नए आपराधिक कानूनों, धाराओं और प्रक्रियाओं की जानकारी जन-जन को उपलब्ध कराएं। 

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Tightening grip on red terror: High level action plan prepared for Naxal-affected districts in Madhya Pradesh
सीएम ने कानून व्यवस्था, नए कानूनों और नक्सवाल के खिलाफ कार्रवाई को लेकर बैठक की - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में नक्सलवाद और कानून-व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समत्व भवन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक में नक्सलवाद के खात्मे, पुलिस ऑपरेशनों की रणनीति, डायल 100 की स्थिति और तकनीकी अपग्रेडेशन, नए आपराधिक कानूनों की जागरूकता जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। तीन प्रमुख नक्सल प्रभावित जिलों-बालाघाट, मंडला और डिंडोरी को लेकर केंद्र सरकार के निर्देश अनुसार कार्रवाई करने को कहा। बैठक में डीजीपी कैलाश मकवाना, स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव समेत वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। हाल ही में मंडला जिले में पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ में दो महिला नक्सलियों को ढेर किया गया, जिन पर 14-14 लाख रुपए का इनाम था। मुख्यमंत्री ने इस ऑपरेशन में शामिल पुलिसकर्मियों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन देने के प्रस्ताव पर सहमति जताई। सीएम ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में नक्सली गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है और सभी संभावित ठिकानों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 2026 तक नक्सलवाद के सफाए की तय की गई डेडलाइन को ध्यान में रखते हुए कार्रर्वा करें। 
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नए कानूनों की प्रक्रिया की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाए 
नए आपराधिक कानून, जो वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखकर बनाए गए हैं, भारतीय न्याय व्यवस्था को और अधिक लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इन कानूनों और प्रक्रियाओं का उद्देश्य न्याय प्रणाली को सभी के लिए सुलभ, सहायक और कुशल बनाना है। इसलिए, इन नए कानूनों और प्रक्रियाओं की जानकारी हर व्यक्ति तक पहुंचाना बहुत जरूरी है। इसके लिए न्याय से जुड़ी सभी संस्थाओं में सुधार करना होगा और आम जनता को जल्दी से जल्दी इन नए कानूनों के बारे में जागरूक करना होगा।
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डायल-100 का रिस्पॉन्स टाइम घटेगा 
बैठक में डायल 100 की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करते हुए बताया गया कि एक नया प्रोजेक्ट करीब 1600 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है।  अधिकारियों ने जानकारी दी कि इस प्रोजेक्ट से आपात स्थितियों में रिस्पॉन्स टाइम घटेगा, और टेक्नोलॉजी के ज़रिये अपराधों पर बेहतर नियंत्रण संभव होगा।


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संपत्ति संबंधी विवाद में राजस्व अमला भी रहे सजग
मुख्यमंत्री ने कहा कि अचल सम्पत्ति संबंधी अपराधों पर नियंत्रण के लिए पुलिस के साथ राजस्व का अमला भी सजग और सतर्क रहे, साथ ही दोनों विभागों में परस्पर समन्वय भी हो। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों सहित जिन क्षेत्रों में भूमि की दरें तेजी से बढ़ रही है, वहां विशेष सजगता बरती जाए।

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ई-साक्ष्य की प्रक्रिया शुरू  
बैठक में बताया गया कि समयावधि में चालान के लिए नवीन डैशबोर्ड उपलब्ध है। ई-साक्ष्य की प्रक्रिया भी आरंभ की जा चुकी है। पुलिस थानों तक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के लिए न्यायश्रुति सॉफ्टवेयर तैयार कर लिया गया है और थानों व कंट्रोल रूम में साउंड प्रूफ कक्ष चिन्हित किए जा रहे हैं। 

तीन माह में 50 प्रतिशत ऑनलाइन समन/वारंट भेजे
ऑनलाइन समन/वारंट मॉड्यूल के अंतर्गत गतिविधियां प्रगति पर हैं। पिछले तीन महीने में 50 प्रतिशत से अधिक वारंट तिथि से पहले इलेक्ट्रानिक रूप से तामील किए गए। इनकी मॉनीटरिंग के लिए सभी जिलों में सेल गठित किए जा चुके हैं। डिजिटल इन्वेस्टिगेशन के लिए टेबलेट्स और लाइव स्कैनर थानों को उपलब्ध कराए जा रहे हैं। बैठक में डिजिटल धोखाधड़ी, डेटा चोरी जैसे सायबर अपराधों के बारे में जागरूकता के लिए की गई पहल की भी जानकारी दी गई।
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