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अर्नब कमजोर, फिर भी एमपी में क्यों हो रही बारिश?: कई जिलों में आज तेज हवाओं के साथ बरसात का अलर्ट, गिरा तापमान

Sat, 31 Oct 2026 07:14 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 31 Oct 2026 07:14 AM IST
सार

तूफान अर्नब कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल गया है, लेकिन मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। शनिवार को 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा पानी गिरा। अगले चार दिन मौसम का मिला-जुला मिजाज बने रहने का अनुमान है।
 

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Though the storm has weakened, why is it still raining in MP? Rain and strong winds forecast for several distr
मौसम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चक्रवाती तूफान अर्नब की ताकत भले ही कम हो गई हो, लेकिन मध्य प्रदेश में उसका असर अभी खत्म नहीं हुआ है। कम दबाव के क्षेत्र में तब्दील हुए मौसम तंत्र के कारण प्रदेश में लगातार चौथे दिन मौसम बिगड़ा रहेगा। शनिवार को ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और शहडोल समेत 27 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट है। दूसरी ओर भोपाल और इंदौर समेत कई शहरों में धूप निकलने का अनुमान है। मौसम के इस बदले मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी धान की फसल से लेकर मंडियों में बिक्री के लिए पहुंचा अनाज तक बारिश की चपेट में आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, धार, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, सागर और आसपास के जिलों में मौसम अपेक्षाकृत साफ रहेगा। यहां धूप निकल सकती है।
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अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा बारिश
पिछले दिनों प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। अनूपपुर में तीन इंच से ज्यादा पानी गिरा, जबकि अमरकंटक में सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश हुई। अनूपपुर में हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। रतलाम में भी शुक्रवार शाम मौसम ने करवट ली और मावठे जैसे हालात बन गए।
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खेतों में धान, मंडियों में मक्का भीगने से बढ़ी चिंता
बेमौसम बारिश किसानों के लिए परेशानी बन गई है। कई जिलों में धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है। ऐसे में लगातार बारिश से फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा है। मंडियों में खुले में रखा अनाज भी भीग रहा है। बारिश का दौर लंबा खिंचने पर किसानों को आर्थिक नुकसान बढ़ने की आशंका है।
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दिन के तापमान में तीन डिग्री तक गिरावट
आंधी और बारिश का असर तापमान पर भी दिखाई दे रहा है। गुरुवार और शुक्रवार को प्रदेश के कई शहरों में दिन का तापमान दो से तीन डिग्री तक नीचे आया। दिन में भी ठंडक महसूस की गई। कुछ इलाकों में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज हुई है।

2 नवंबर तक बदलता रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक प्रदेश में अगले चार दिन तक मौसम का मिला-जुला मिजाज बना रह सकता है। कुछ इलाकों में तेज धूप निकलेगी, जबकि दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में सिस्टम का असर ज्यादा दिखाई देगा। यहां आंधी और बारिश की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।

3 अक्टूबर को विदा हुआ मानसून, अब भी बरस रहे बादल
मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो चुकी है। इस बार एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था। इसके बावजूद नए मौसम सिस्टम के कारण अक्टूबर के आखिरी दिनों में बारिश हो रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। इस बार भी यही स्थिति बनी हुई है।


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सामान्य से चार फीसदी कम हुई मानसूनी बारिश
जून से सितंबर के बीच प्रदेश में कुल 908.4 मिलीमीटर यानी 35.8 इंच बारिश दर्ज की गई। सामान्य आंकड़ा 949.5 मिलीमीटर यानी 37.3 इंच है। इस तरह पूरे प्रदेश में औसत से करीब चार फीसदी कम बारिश हुई।पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से चार फीसदी ज्यादा पानी गिरा, जबकि पश्चिमी हिस्से में बारिश का आंकड़ा 12 फीसदी कम रहा। प्रदेश के 25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा हो गया, जबकि 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। जून में कम बारिश होना इसकी प्रमुख वजह रही। इस महीने सामान्य से 14 फीसदी कम पानी गिरा था। जुलाई, अगस्त और सितंबर में अच्छी बारिश के बावजूद जून की कमी पूरी नहीं हो सकी। मानसून के दौरान दो बार लंबे ब्रेक भी आए, जिससे कुल बारिश का आंकड़ा प्रभावित हुआ।
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