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टॉयलेट विवाद में बढ़ी तनातनी: निगम ने रेलवे को दी कार्रवाई की चेतावनी, जमीन पर कब्जे का आरोप, होगा सत्यापन

Sat, 09 May 2026 12:16 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Sat, 09 May 2026 12:16 PM IST
सार

ऐशबाग में टॉयलेट निर्माण को लेकर नगर निगम और रेलवे आमने-सामने आ गए हैं। निगम ने जमीन को अपनी बताते हुए रेलवे पर अवैध कब्जे का आरोप लगाया है और बाउंड्री वॉल हटाने के लिए पत्र भेजा है। वहीं रेलवे ने अपने रिकॉर्ड से जमीन की जांच के बाद आगे कार्रवाई की बात कही है।

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Tension Escalates in Toilet Dispute: Corporation Warns Railways of Action, Alleges Land Encroachment; Verifica
ऐशबाग इलाके में सार्वजनिक टॉयलेट निर्माण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भोपाल के ऐशबाग इलाके में सार्वजनिक टॉयलेट निर्माण को लेकर नगर निगम और रेलवे के बीच शुरू हुआ विवाद अब खुलकर सामने आ गया है। नगर निगम ने राजस्व रिकॉर्ड और मौके की जांच के आधार पर दावा किया है कि जिस जमीन पर टॉयलेट बनाया जा रहा है, वह म्युनिसिपल बोर्ड की संपत्ति है। निगम ने रेलवे पर बिना अनुमति बाउंड्री वॉल बनाकर जमीन घेरने का आरोप लगाया है और दीवार हटाने के लिए पत्र जारी किया है। नगर निगम की ओर से पश्चिम मध्य रेलवे के सीनियर डिविजनल इंजीनियर को भेजे गए पत्र में साफ कहा गया है कि यदि रेलवे ने कब्जा नहीं हटाया तो नगर निगम अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इस मामले ने अब प्रशासनिक विवाद का रूप ले लिया है।
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जांच में निगम ने जमीन अपनी बताई
नगर निगम द्वारा कराई गई जांच में बताया गया कि निर्माण स्थल की जमीन खसरा नंबर 1081(5) और 1082(5) में दर्ज है। कुल 0.1290 हेक्टेयर यानी करीब 12,163 वर्गफीट जमीन म्युनिसिपल बोर्ड के नाम पर दर्ज बताई गई है। निगम का कहना है कि पूरे क्षेत्र में से केवल लगभग 200 वर्गफीट हिस्से में सार्वजनिक टॉयलेट का निर्माण किया जा रहा है। निगम अधिकारियों ने राजस्व रिकॉर्ड, गूगल मैप और मौके की तस्वीरों को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की और रेलवे को भेजी। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ने निगम की अनुमति लिए बिना बाउंड्री वॉल खड़ी कर दी, जिससे टॉयलेट स्थल घिर गया।
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रेलवे के नोटिस के बाद बढ़ा विवाद
दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब रेलवे ने नगर निगम को नोटिस जारी कर कहा कि टॉयलेट का निर्माण रेलवे की जमीन पर किया जा रहा है और इसे तत्काल हटाया जाए। रेलवे के इस दावे के बाद नगर निगम ने राजस्व अमले और इंजीनियरों की संयुक्त टीम बनाकर मौके पर जांच कराई। जांच के दौरान रेलवे के इंजीनियर भी मौजूद रहे। मौके पर स्थानीय रहवासियों से चर्चा की गई तो कुछ लोगों ने बताया कि इस जगह पर पहले अवैध पार्किंग संचालित होती थी। इसके बाद निगम ने अपने दावे को और मजबूत बताते हुए रेलवे को पत्र जारी कर दिया।


निगम ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री आरआर जारोलिया की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि रेलवे द्वारा किया गया निर्माण बिना अनुमति है। यदि बाउंड्री वॉल नहीं हटाई गई तो नगर निगम अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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रेलवे बोला- लैंड प्लान से करेंगे मिलान
इधर, भोपाल रेल मंडल के अधिकारियों ने कहा है कि रेलवे के पास अपना अधिकृत लैंड प्लान होता है। उसी के आधार पर जमीन का सत्यापन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वैरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही रेलवे आगे की कार्रवाई तय करेगा। ऐशबाग का यह टॉयलेट विवाद नगर निगम और रेलवे के बीच जमीन की मालिकाना हक की लड़ाई बन गया है। दोनों विभाग अपने-अपने रिकॉर्ड के आधार पर दावे कर रहे हैं, जबकि स्थानीय स्तर पर मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।

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