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विज्ञान मेले में छात्रों की नई सोच: किसान से श्रमिक तक की समस्याओं का खोजेंगे तकनीकी हल, 100 से ज्यादा नवाचार
Sat, 19 Sep 2026 06:08 PM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Sat, 19 Sep 2026 06:08 PM IST
सार
3वें भोपाल विज्ञान मेले में इस बार छात्रों के नवाचार समाज की वास्तविक समस्याओं पर केंद्रित होंगे। 100 से ज्यादा परियोजनाओं में खेती, स्वास्थ्य, श्रमिक सुरक्षा, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा से जुड़े तकनीकी समाधान दिखेंगे। इसरो-सीएसआईआर समेत 53 वैज्ञानिक संस्थाएं भी अपने अनुसंधान और तकनीक प्रदर्शित करेंगी।
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भोपाल विज्ञान मेंला को लेकर प्रेसवार्ता
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राजधानी में होने वाला 13वां भोपाल विज्ञान मेला इस बार सिर्फ वैज्ञानिक मॉडल और प्रदर्शनियों तक सीमित नहीं रहेगा। विद्यार्थी खेती, फसल सुरक्षा, कृषि उत्पादों के बाजार, हाथ ठेला संचालन, श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, अपशिष्ट प्रबंधन और ऊर्जा जैसी रोजमर्रा की समस्याओं के तकनीकी समाधान लेकर आएंगे। ‘नवाचार संगम’ में 100 से ज्यादा परियोजनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। विज्ञान भारती मध्य भारत प्रांत, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद और बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से यह मेला 22 से 26 सितंबर तक आयोजित होगा। विद्यार्थियों को समस्या की पहचान से लेकर उसके विश्लेषण, प्रयोग, मॉडल निर्माण और व्यावहारिक समाधान तैयार करने की प्रक्रिया से जोड़ा गया है।
असली समस्या समझने के लिए किसान-श्रमिकों से बात
नवाचार की खासियत यह है कि विद्यार्थियों को केवल मॉडल तैयार करने के बजाय संबंधित समस्या से जुड़े लोगों से बातचीत कर उसकी वास्तविक स्थिति समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। किसान, श्रमिक, मैकेनिक और तकनीशियन से चर्चा के बाद समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया है।
53 वैज्ञानिक संस्थाओं की सहभागिता
मेले के महाप्रदर्शन में देश की प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थाएं अपने अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगी। इसरो, आईआईटी, आईआईएसईआर, सीएसआईआर, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र, एनटीपीसी, सीआईएल और गेल समेत करीब 53 संस्थाओं, उद्योगों और संगठनों की सहभागिता प्रस्तावित है।
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ग्रामीण तकनीक के 45 स्टॉल
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के रूरल टेक्नोलॉजी पवेलियन में शिल्पकारों, नवाचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के काम प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके लिए 45 स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां ग्रामीण जरूरतों से जुड़ी तकनीक और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचार देखने को मिलेंगे।
वैज्ञानिकों से सीधे सवाल कर सकेंगे विद्यार्थी
‘मेला दर्शन’ के तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को विज्ञान मेले का भ्रमण कराया जाएगा। वे वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रदर्शन, तकनीकी मॉडलों और नवाचार परियोजनाओं को करीब से देख सकेंगे। विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे सवाल पूछने का अवसर भी मिलेगा।
यह भी पढ़ें-एमपी में मानसून का कोटा 89% पूरा: 37 जिले अभी भी पीछे, मानसून के 11 दिन बाकी, आखिरी दौर में बढ़ सकती है बारिश
उद्घाटन में नामचीन वैज्ञानिक होंगे शामिल
मेले के उद्घाटन सत्र में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक और विज्ञान भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. शेखर मांडे तथा राम मंदिर के वास्तुविद सोमपुरा परिवार से आशीष सोमपुरा शामिल होंगे। वरिष्ठ वास्तुविद पद्मश्री चंद्रकांत बी. सोमपुरा को ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान 2026’ से सम्मानित किया जाएगा। डॉ. अनिल कोठारी, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल ने बताया कि मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे समाज की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं से जोड़ना है।
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असली समस्या समझने के लिए किसान-श्रमिकों से बात
नवाचार की खासियत यह है कि विद्यार्थियों को केवल मॉडल तैयार करने के बजाय संबंधित समस्या से जुड़े लोगों से बातचीत कर उसकी वास्तविक स्थिति समझने के लिए प्रोत्साहित किया गया। किसान, श्रमिक, मैकेनिक और तकनीशियन से चर्चा के बाद समाधान विकसित करने पर जोर दिया गया है।
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53 वैज्ञानिक संस्थाओं की सहभागिता
मेले के महाप्रदर्शन में देश की प्रमुख वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थाएं अपने अनुसंधान और तकनीकी उपलब्धियां प्रदर्शित करेंगी। इसरो, आईआईटी, आईआईएसईआर, सीएसआईआर, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, राजा रमन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केंद्र, एनटीपीसी, सीआईएल और गेल समेत करीब 53 संस्थाओं, उद्योगों और संगठनों की सहभागिता प्रस्तावित है।
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ग्रामीण तकनीक के 45 स्टॉल
मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के रूरल टेक्नोलॉजी पवेलियन में शिल्पकारों, नवाचारियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के काम प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके लिए 45 स्टॉल लगाए जाएंगे। यहां ग्रामीण जरूरतों से जुड़ी तकनीक और स्थानीय स्तर पर किए जा रहे नवाचार देखने को मिलेंगे।
वैज्ञानिकों से सीधे सवाल कर सकेंगे विद्यार्थी
‘मेला दर्शन’ के तहत विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों को विज्ञान मेले का भ्रमण कराया जाएगा। वे वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रदर्शन, तकनीकी मॉडलों और नवाचार परियोजनाओं को करीब से देख सकेंगे। विद्यार्थियों को वैज्ञानिकों से सीधे सवाल पूछने का अवसर भी मिलेगा।
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उद्घाटन में नामचीन वैज्ञानिक होंगे शामिल
मेले के उद्घाटन सत्र में सीएसआईआर के पूर्व महानिदेशक और विज्ञान भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष डॉ. शेखर मांडे तथा राम मंदिर के वास्तुविद सोमपुरा परिवार से आशीष सोमपुरा शामिल होंगे। वरिष्ठ वास्तुविद पद्मश्री चंद्रकांत बी. सोमपुरा को ‘विज्ञान प्रतिभा सम्मान 2026’ से सम्मानित किया जाएगा। डॉ. अनिल कोठारी, अध्यक्ष, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, भोपाल ने बताया कि मेले का उद्देश्य विद्यार्थियों को विज्ञान को केवल प्रदर्शित करने के बजाय उसे समाज की वास्तविक जरूरतों और समस्याओं से जोड़ना है।
