फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Bhopal News ›   statistics department ordered to did not write cause of death on death certificate how cm shivraj singh chouhan give compensation to covid victims

मप्र: मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण ही नहीं लिख रहा विभाग, कोरोना पीड़ितों की मदद कैसे करेंगे शिवराज?

Thu, 03 Jun 2021 09:51 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: कुमार संभव Updated Thu, 03 Jun 2021 09:51 PM IST
सार

भोपाल के सांख्यिकी विभाग के रजिस्ट्रार अभिषेक सिंह ने आदेश जारी किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण नहीं लिखा जाएगा। उनका तर्क है कि मौत का कारण डॉक्टर ही बता सकता है। ऐसे में विभाग कारण नहीं लिख सकता।

विज्ञापन
statistics department ordered to did not write cause of death on death certificate how cm shivraj singh chouhan give compensation to covid victims
शिवराज सिंह चौहान - फोटो : twitter.com/ChouhanShivraj

विस्तार

मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाले अरविंद (परिवर्तित नाम) ने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता दोनों को गंवा दिया। सीएम शिवराज की ओर से जारी आर्थिक मदद के एलान के चलते वह प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा, लेकिन उसे वापस लौटा दिया गया। अरविंद से कहा गया कि उसके अभिभावकों के मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत की वजह कोरोना से होने की बात नहीं लिखी है। ऐसे में उसे मुआवजा नहीं मिल सकता। बता दें कि अरविंद के पास अपने माता-पिता की कोरोना रिपोर्ट है, जिसमें उनके संक्रमित होने की जानकारी है। वहीं, अस्पताल की ओर से मिले कागजात पर भी मौत की वजह कोरोना से होने की बात लिखी है, लेकिन सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर मौत की वजह नहीं है। मध्यप्रदेश में मुआवजे के लिए परेशान होने वालों में अरविंद अकेला नहीं है, बल्कि उसकी तरह तमाम बेसहारा बच्चों को इस तरह की दिक्कत से जूझना पड़ रहा है।

विज्ञापन

शिवराज सरकार ने किया यह एलान

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने कोरोना से मौत होने पर पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। सरकारी कर्मचारियों की मौत पर यह रकम 5 लाख रुपये है। साथ ही, परिवार के एक सदस्य अनुकंपा नौकरी भी दी जाएगी। हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति योजना एक मार्च 2021 से 30 जून 2021 तक और मुआवजा योजना 30 मार्च 2021 से 31 जुलाई 2021 तक ही लागू रहेगी। इसके अलावा मंडी कर्मचारियों की कोरोना से मौत होने पर 25 लाख रुपये मुआवजा राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को अलग से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता व अनाथ हुए बच्चों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन और मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा भी की गई है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

सांख्यिकी विभाग का नियम डाल रहा अड़ंगा

जानकारी के मुताबिक, भोपाल के सांख्यिकी विभाग के रजिस्ट्रार अभिषेक सिंह ने आदेश जारी किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण नहीं लिखा जाएगा। उनका तर्क है कि मौत का कारण डॉक्टर ही बता सकता है। ऐसे में विभाग कारण नहीं लिख सकता। इस आदेश की वजह से उन लोगों को दिक्कत हो रही है, जिनके परिजनों ने कोरोना से जान गंवाई। सरकार से मुआवजा लेने के लिए उन्हें यह साबित करना मुश्किल हो रहा है कि मौत कोरोना से ही हुई है।

विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने भी लिया संज्ञान

गौरतलब है कि मृत्यु प्रमाण पत्र में इस खामी पर सर्वोच्च न्यायालय ने भी संज्ञान लिया है। अदालत ने कहा कि राज्यों में एक समान मृत्यु प्रमाण पत्र की नीति का अभाव है, जिसके चलते प्राधिकारी मृत्यु प्रमाण पत्र में मृत्यु का कारण कोविड-19 या कोरोना संक्रमण की जगह दूसरी बीमारियां लिख रहे हैं या उस कॉलम को खाली छोड़ा जा रहा है। इसकी वजह से अनाथ बच्चों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed