मप्र: मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण ही नहीं लिख रहा विभाग, कोरोना पीड़ितों की मदद कैसे करेंगे शिवराज?
भोपाल के सांख्यिकी विभाग के रजिस्ट्रार अभिषेक सिंह ने आदेश जारी किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण नहीं लिखा जाएगा। उनका तर्क है कि मौत का कारण डॉक्टर ही बता सकता है। ऐसे में विभाग कारण नहीं लिख सकता।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रहने वाले अरविंद (परिवर्तित नाम) ने कोरोना महामारी के दौरान अपने माता-पिता दोनों को गंवा दिया। सीएम शिवराज की ओर से जारी आर्थिक मदद के एलान के चलते वह प्रशासनिक अधिकारियों के पास पहुंचा, लेकिन उसे वापस लौटा दिया गया। अरविंद से कहा गया कि उसके अभिभावकों के मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत की वजह कोरोना से होने की बात नहीं लिखी है। ऐसे में उसे मुआवजा नहीं मिल सकता। बता दें कि अरविंद के पास अपने माता-पिता की कोरोना रिपोर्ट है, जिसमें उनके संक्रमित होने की जानकारी है। वहीं, अस्पताल की ओर से मिले कागजात पर भी मौत की वजह कोरोना से होने की बात लिखी है, लेकिन सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी प्रमाण पत्र पर मौत की वजह नहीं है। मध्यप्रदेश में मुआवजे के लिए परेशान होने वालों में अरविंद अकेला नहीं है, बल्कि उसकी तरह तमाम बेसहारा बच्चों को इस तरह की दिक्कत से जूझना पड़ रहा है।
शिवराज सरकार ने किया यह एलान
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार ने कोरोना से मौत होने पर पीड़ित परिवार को एक लाख रुपये मुआवजा देने का एलान किया है। सरकारी कर्मचारियों की मौत पर यह रकम 5 लाख रुपये है। साथ ही, परिवार के एक सदस्य अनुकंपा नौकरी भी दी जाएगी। हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति योजना एक मार्च 2021 से 30 जून 2021 तक और मुआवजा योजना 30 मार्च 2021 से 31 जुलाई 2021 तक ही लागू रहेगी। इसके अलावा मंडी कर्मचारियों की कोरोना से मौत होने पर 25 लाख रुपये मुआवजा राशि देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा पीड़ित परिवार को अलग से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता व अनाथ हुए बच्चों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन और मुफ्त शिक्षा देने की घोषणा भी की गई है।
सांख्यिकी विभाग का नियम डाल रहा अड़ंगा
जानकारी के मुताबिक, भोपाल के सांख्यिकी विभाग के रजिस्ट्रार अभिषेक सिंह ने आदेश जारी किया कि मृत्यु प्रमाण पत्र पर मौत का कारण नहीं लिखा जाएगा। उनका तर्क है कि मौत का कारण डॉक्टर ही बता सकता है। ऐसे में विभाग कारण नहीं लिख सकता। इस आदेश की वजह से उन लोगों को दिक्कत हो रही है, जिनके परिजनों ने कोरोना से जान गंवाई। सरकार से मुआवजा लेने के लिए उन्हें यह साबित करना मुश्किल हो रहा है कि मौत कोरोना से ही हुई है।
