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राखी पर बहनों से सौगात छिनी: भोपाल में इस बार मुफ्त सिटी बस सफर नहीं, 30 ई-बसें आने के बाद भी देना होगा किराया
Fri, 28 Aug 2026 08:58 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sandeep Kumar Tiwari
Updated Fri, 28 Aug 2026 08:58 AM IST
सार
हर साल रक्षाबंधन पर बहनों को मुफ्त सिटी बस सफर की सौगात देने वाला नगर निगम इस बार खामोश है। शहर में 30 ई-बसें आ गईं, लेकिन राखी पर मुफ्त सफर का लाभ नहीं मिल रहा। 2025 में भी महापौर ने इसे हर साल मिलने वाली नगर निगम की सौगात बताया था।
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सिटी बसें
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भोपाल में रक्षाबंधन पर हर साल बहनों को मिलने वाली नगर निगम की मुफ्त सिटी बस यात्रा की सौगात इस बार गायब है। 30 इलेक्ट्रिक बसें शहर की सड़कों पर उतरने के बावजूद महिलाओं को रक्षाबंधन पर मुफ्त सफर की सुविधा नहीं दी जा रही है। इससे भाई के घर राखी बांधने जाने वाली बहनों को इस बार बस का किराया चुकाना पड़ेगा। नगर निगम की ओर से पिछले वर्षों में रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त सिटी बस यात्रा कराई जाती रही है। 2025 में भी महापौर ने इसे हर साल मिलने वाली नगर निगम की सौगात बताया था। उस समय महिलाओं को उपलब्ध सिटी बसों में रात 9 बजे तक बिना किराये सफर कराया गया था।
इस बार क्यों बदली तस्वीर?
पिछले साल शहर में सिटी बसों का संकट इतना गहरा गया था कि बसों की संख्या 368 से घटकर बेहद कम रह गई थी। इसके बावजूद रक्षाबंधन पर नगर निगम ने उपलब्ध बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की थी। इस बार शहर में नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत हो चुकी है और इनकी संख्या 30 तक पहुंच गई है, ऐसे में उम्मीद थी कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को पहले से बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। लेकिन मुफ्त यात्रा का लाभ इन बसों के साथ भी नहीं जोड़ा गया है।
हर साल किराया माफ, इस बार चुप्पी
रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा केवल सुविधा नहीं, बल्कि नगर निगम की ओर से बहनों के लिए त्योहार की सौगात के तौर पर दी जाती रही है। 2025 में महापौर ने खुद कहा था कि बहनों को भाई के घर राखी बांधने के लिए आने-जाने में सुविधा मिले, इसलिए हर साल यह व्यवस्था की जाती है। अब सवाल यह है कि जब हर साल यह सुविधा दी जाती रही, तो 2026 में इसे क्यों रोक दिया गया? खासकर तब, जब शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में नई इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हो चुकी हैं।
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यह भी पढ़ें-कांग्रेस का अनोखा प्रदर्शन: गले में पहनी प्याज की माला,बिजली बिल, गैस सिलेंडर,पेट्रोल और किराया बढ़ने का विरोध
बहनों के सामने सवाल-इस बार किराया क्यों?
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं बसों से अपने मायके और भाइयों के घर पहुंचती हैं। ऐसे में मुफ्त यात्रा की सुविधा से उन्हें सीधे आर्थिक राहत मिलती थी। इस बार ऐसी घोषणा नहीं होने से महिलाओं में भी सवाल उठ रहा है कि नगर निगम की वर्षों पुरानी रक्षाबंधन की परंपरा अचानक क्यों बंद कर दी गई?
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इस बार क्यों बदली तस्वीर?
पिछले साल शहर में सिटी बसों का संकट इतना गहरा गया था कि बसों की संख्या 368 से घटकर बेहद कम रह गई थी। इसके बावजूद रक्षाबंधन पर नगर निगम ने उपलब्ध बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की व्यवस्था की थी। इस बार शहर में नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत हो चुकी है और इनकी संख्या 30 तक पहुंच गई है, ऐसे में उम्मीद थी कि रक्षाबंधन पर महिलाओं को पहले से बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी। लेकिन मुफ्त यात्रा का लाभ इन बसों के साथ भी नहीं जोड़ा गया है।
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हर साल किराया माफ, इस बार चुप्पी
रक्षाबंधन पर मुफ्त बस यात्रा केवल सुविधा नहीं, बल्कि नगर निगम की ओर से बहनों के लिए त्योहार की सौगात के तौर पर दी जाती रही है। 2025 में महापौर ने खुद कहा था कि बहनों को भाई के घर राखी बांधने के लिए आने-जाने में सुविधा मिले, इसलिए हर साल यह व्यवस्था की जाती है। अब सवाल यह है कि जब हर साल यह सुविधा दी जाती रही, तो 2026 में इसे क्यों रोक दिया गया? खासकर तब, जब शहर में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में नई इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हो चुकी हैं।
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बहनों के सामने सवाल-इस बार किराया क्यों?
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं बसों से अपने मायके और भाइयों के घर पहुंचती हैं। ऐसे में मुफ्त यात्रा की सुविधा से उन्हें सीधे आर्थिक राहत मिलती थी। इस बार ऐसी घोषणा नहीं होने से महिलाओं में भी सवाल उठ रहा है कि नगर निगम की वर्षों पुरानी रक्षाबंधन की परंपरा अचानक क्यों बंद कर दी गई?
