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MP News: 18 साल की उम्र में 'बंदूक' थामने वाली सुमा को राष्ट्रपति मुर्मू ने दिए पुरस्कार , ट्रेनिंग भी दे रहीं

Fri, 09 Dec 2022 09:45 AM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: अरविंद कुमार Updated Fri, 09 Dec 2022 09:45 AM IST
सार

मध्यप्रदेश के भोपाल में राज्य शूटिंग अकादमी में शूटरों को ट्रेंड कर रहीं सुमा शिरूर को राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने नेशनल खेल अवार्ड से सम्मानित किया है। सुमा एयर राइफल वर्ग के क्वॉलीफिकेशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी हैं।

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Shooter Suma Shirur honored with National Sports Award by President Draupadi Murmu
निशानेबाज सुमा शिरूर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज सुमा शिरूर ने निशानेबाजी में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत की इस विख्यात निशानेबाज को पिछले दिनों राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने खेल कोचिंग के क्षेत्र में विशेष योगदान के लिए नेशनल खेल अवार्ड समारोह में सम्मानित किया। उन्हें द्रोणाचार्य अवॉर्ड दिया गया है।

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बता दें कि सुमा शिरूर को ये उपलब्धि यूं ही नहीं मिली हैं। उन्होंने कई साल तक शूटिंग में पसीना बहाया और कई ओलंपियन और पैरालंपियन तैयार किए। उनके द्वारा प्रशिक्षित कई शूटर आज अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चमक बिखेरकर देश के लिए पदक और सम्मान हासिल कर रहे हैं।
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अकादमी में शूटर को ट्रेंड कर रहीं सुमा...
सुमा पिछले पांच साल से भोपाल स्थित मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में शूटर को ट्रेंड कर रही हैं। सुमा एमपी राज्य शूटिंग अकादमी की चीफ कोच हैं। उनसे ट्रेनिंग लेने यहां देश भर के शूटर आते हैं। मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी में सुमा शिरूर से ट्रेनिंग लेने वाले दर्जनों शूटर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी चमक बिखेर रहे हैं।
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वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी...
शूटिंग में सुमा वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी कर चुकी हैं। उन्होंने साल 2004 में एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में यह कारनामा किया था। इस चैंपियनशिप के 10 मीटर एयर राइफल वर्ग के क्वॉलीफिकेशन में वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की थी। सुमा ने शूटिंग की कोचिंग साल 2006 से शुरू की थी।


यहां तक पहुंचना आसान नहीं था...
अवार्ड पाने के बाद सुमा ने एक मीडिया वेबसाइट को बताया, यहां तक पहुंचना आसान नहीं था। मैंने साल 1993 में 18 साल की उम्र से बंदूक हाथ में थामी थी। एक खिलाड़ी होने के बाद कोच के रूप में यह अवॉर्ड मिलना बड़े सम्मान की बात है। अब मेरी जिम्मेदारी और बढ़ गई है, इससे मुझे आगे और बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

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